बेटियों के लिए नहीं खुला इंग्लिश मीडियम का दरवाजा

Updated Date: Wed, 07 Oct 2020 07:48 AM (IST)

-स्कूलों की मनमानी की भेंट चढ़ा आरटीई

-तीन महीनें से बच्चों को लेकर दौड़ रहे पैरेंट्स

-स्कूल एडमिशन लेने से कर रहे मना

GORAKHPUR: अन्नया, अमृता और परी कोविड के बाद स्कूल जाना चाहती हैं। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत इन बेटियों को बक्शीपुर स्थित मांउट ऐरा स्कूल अलॉट हो चुका है। स्कूल अलॉट हुए तीन महीनें बीत गए लेकिन अभी तक इनका एडमिशन नहीं किया गया। माउंट ऐरा ने केवल इन तीन बेटियों को ही नहीं बल्कि यश और हर्ष को भी अपने स्कूल में अभी तक एडमिशन नहीं दिया है। बच्चों को अच्छी एजुकेशन दिलाने के लिए पैरेंट्स अपना काम छोड़कर डेली स्कूल और बीएसए ऑफिस का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

सरकारी योजना की उड़ा रहे मजाक

सरकारी की योजना आरटीई के तहत 6 से 14 साल तक गरीब तबके के बच्चों का एडमिशन इंग्लिश मीडियम स्कूलों को लेना होता है। इस योजना के तहत 25 परसेंट सीटें समाज के गरीब तबके के लिए आरक्षित होती है। लेकिन गोरखपुर में कुछ प्राइवेट स्कूल इस योजना का मजाक उड़ा रहे हैं।

एडमिशन के लिए मारपीट की नौबत

बीएसए ऑफिस में इस समय डेली आरटीई के तहत एडमिशन को लेकर प्राइवेट स्कूलों की कम्प्लेन पहुंच रही है। सिटी के एक स्कूल में आरटीई एडमिशन कराने पहुंचे पैरेंट्स और स्कूल प्रबंधन के बीच मारपीट तक की नौबत आ गई। इसकी भी कम्प्लेन बीएसए ऑफिस में आई है।

अलॉट हो गए बंद स्कूल

आरटीई के तहत इस बार कई ऐसे स्कूल बच्चों को अलॉट हुए हैं जो पहले से बंद हैं। ऐसे में ये बच्चे अब कहां जाएं इस पर अधिकारी भी चुप्पी मारे हुए हैं। जबकि पैरेंट्स इनके एडमिशन के लिए स्कूलों में दौड़ भाग जारी रखे हुए हैं।

आरटीई 2020-21 में आवेदन

ऑनलाइन आवंटन ऑफलाइन आवंटन योग

फ‌र्स्ट स्टेप - 1527 1015 2544

सेकेंड स्टेप- 267 534 801

थर्ड स्टेप- 59 82 141

योग 1853 1633 3486

कोट-

मेरी बेटी अनन्या का प्राइमरी में एडमिशन कराना है.आरटीई के तहत मांउट ऐरा स्कूल अलॉट तो हुआ है, लेकिन स्कूल एडमिशन नहीं ले रहा है।

अमरनाथ, पैरेंट्स

तीन महीने हो गए दौड़ते-दौड़ते लेकिन स्कूल आरटीई के तहत हुए एलाटमेंट मानने को तैयार ही नहीं हैं। स्कूल की मनमानी की वजह से मेरे बेटे यश और हर्ष का एडमिशन नहीं हो पा रहा है।

शम्भूनाथ, पैरेंट्स

बेटी रोज पूछती है पापा मैं कब से पढ़ुंगी और स्कूल प्रबंधन कुछ सुनने के लिए तैयार ही नहीं हैं। बीएसए ऑफिस में कम्प्लेन की है लेकिन तीन महीने बाद भी एडमिशन नहीं हुआ।

सुधीर गुप्ता, पैरेंट्स

माउंट ऐरा स्कूल में जाने पर वहां कहते हैं कि बीएसए ऑफिस जाओ। उनको बता दिया गया है। बीएसए ऑफिस जाओ तो कोई क्लीयर जवाब ही नहीं मिलता है।

बबलू, पैरेंट्स

कोई भी स्कूल ऐसे मनमानी नहीं कर सकता है। माउंट ऐरा का मामला आया है। स्कूल को नोटिस भेजी जाएगी। बच्चों को स्कूल अलॉट हुआ है तो एडमिशन लेना ही होगा।

बीएन सिंह, बीएसए

लॉकडाउन की वजह से पैरेंट्स स्कूल फीस जमा नहीं कर रहे हैं। टीचर को भी सैलरी देने में दिक्कत आ रही है। इस बार स्कूल में कोई एडमिशन नहीं हुए। हम लोगों ने इस बार सेशन जीरो कर दिया है।

तनजीर अहमद, डाएरेक्टर, माउंट ऐरा स्कूल

Posted By: Inextlive
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