दिल्ली-मुंबई से आने वालों की होगी जांच

Updated Date: Thu, 19 Nov 2020 09:02 AM (IST)

- छठ पर्व पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए हेल्थ डिपार्टमेंट ने मास्क, सेनेटाइजर समेत डिस्टेंसिंग मेंटेन के निर्देश

- मोहल्ले में लगने वाले घाट से जा सकते हैं सीएचसी-पीएचसी

GORAKHPUR: सूर्योपासना के महापर्व पर गोरखपुर में उमड़ने वाली भीड़ को लेकर हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। दिल्ली, मुंबई में कोरोना के बढ़ते केसेज को देखते हुए हेल्थ डिपार्टमेंट ने कोरोना संक्रमण के न फैले, इसके लिए ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग का निर्देश दिया है। इसके लिए सीएमओ डॉ। श्रीकांत तिवारी ने एडिशनल सीएमओ और सीएचसी-पीएचसी के जिम्मेदार डॉक्टर्स को निर्देशित किया है। सीएमओ ने बताया कि दिल्ली और मुंबई में केस बढ़ने के बाद वहां से आने वाले लोगों की जांच कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। चूंकि छठ पर्व में दिल्ली और मुंबई से सबसे अधिक लोग गोरखपुर सहित आसपास के जिलों में आते हैं। ऐसे में उनकी जांच कराना बेहद जरूरी है।

आईसीएमआर ने भी किया आगाह

छठ के बाद कोरोना की दूसरी लहर की आशंका को देखते हुए हेल्थ डिपार्टमेंट डिपार्टमेंट ने तैयारियां जोर शोर से शुरू कर दी है। सीएमओ नए सिरे से कोविड हॉस्पिटल को तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इनमें प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों को शामिल किया गया है। आईसीएमआर ने आगाह करते हुए अधिक से अधिक जांच की बात कही है। हेल्थ डिपार्टमेंट ने भी दिल्ली और मुंबई से आने वाले लोगों की जांच का डिसीजन लिया है। फिलहाल जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम है। लेकिन इटली, अमेरिका में कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए भारत में भी ऐसी आशंका जताई जा रही है। मुंबई और दिल्ली में इसके संकेत भी मिलने शुरू हो गए हैं। इसे लेकर डिपार्टमेंट अब कोई चूक नहीं करना चाह रहा है।

सभी मरीजों की हो कोरोना जांच

सीएमओ डॉ। श्रीकांत तिवारी ने सभी प्राइवेट हास्पिटल को निर्देश दिए हैं कि जिन मरीजों को भर्ती किया जाए, उनकी कोरोना जांच जरूर कराई जाए। नए सिरे से कोविड हास्पिटल को तैयार करते हुए बेड अलग से रखे जाएं। सीएमओ ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कालेज में पर्याप्त संख्या में बेड खाली है। सीएमओ ने बताया कि छठ पर्व में होने वाले भीड़ से संक्रमण बढ़ सकता है। ऐसे में सभी सीएचसी व पीएचसी पर जो जांच पहले से चल रही थी। वह जारी रहेगी। वहीं बीआरडी मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ। गणेश कुमार ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त संख्या में बेड खाली हैं। 200 बेड के अलावा 300 बेड के अलग वार्ड में भी कोरोना के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर भी हैं।

कड़ाई से करें कोविड प्रोटोकाल का पालन

वहीं आईसीएमआर के प्लानिंग कोíडनेटर डॉ। रजनीकांत ने बताया कि भले ही कोरोना के केसेज कम हो हैं, लेकिन हमें बहुत सर्तकता के साथ त्योहार मनाना है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि एक ही केस से कोरोना की शुरुआत हुई थी। ऐसे में यह सोचना की गोरखपुर में केसेज कम हो गए हैं तो यह भी देखना होगा कि केरल और दिल्ली में भी केसेज कम हो गए थे, लेकिन फिर से शुरू हो गया। ऐसे में फेस्टिवल सीजन में एलर्ट रहना जरूरी है। लोगों को एकदम सर्तक रहने की जरूरत है। मास्क, सेनेटाइजर व सोशल डिसटेंसिंग व हाथ को धूलते रहें। जांच पर अधिक जोर दिया जा रहा है। जैसे-जैसे जांच बढ़ेगी, वैसे-वैसे संक्रमण की रफ्तार कम होती जाएगी। चूंकि दूसरे लहर को देखते हुए लोगों को आगाह किया गया है। जब तक वैक्सीन नहीं, तब तक मास्क ही सबसे बड़ी दवा है। त्योहार को देखते हुए विशेष जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। जिससे की संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके।

छठ पर्व पर होने वाले भीड़ को देखते हुए 100 बेड के टीबी अस्पताल में भी बेड खाली हैं। यहां पर 15 बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा है। इसके अलावा पनेशिया, फातिमा, आर्यन में भी बेड की पर्याप्त संख्या है।

डॉ। श्रीकांत तिवारी, सीएमओ

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.