स्मार्ट सड़क कराएगी मेट्रो सिटीज का असहास

Updated Date: Tue, 07 Jul 2020 10:36 AM (IST)

- 52 करोड़ का शासन को भेजा गया प्रपोजल

- बेतियाहाता से पुलिस लाइंस तक बनाई जाएगी रोड

- दो रोड के अप्रूवल के लिए शासन के पास गया है प्रपोजल

GORAKHPUR: गोरखपुर की सड़कों की सूरत बदलने वाली है। शहर में स्मार्ट सिटी स्कीम के तहत दो रोड का कायाकल्प करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। शासन के पास इसके अप्रूवल के लिए फाइनल बनाकर भेजी जा चुकी है। सब कुछ ठीक रहा और शासन से परमिशन मिल गई, तो गोरखपुर की दो सड़क पर चलने वालों को मेट्रो सिटी का अहसास होगा। इस स्कीम में बेतियाहाता से ट्रैफिक चौराहा और पुलिस लाइन से कार्मल स्कूल होते हुए बस स्टेशन तक की सड़क को चुना गया है। शासन के पास लॉकडाउन से पहले फाइल भेजी गई है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से इसका अप्रूवल पेंडिंग है। करीब तीन किलोमीटर लंबी इन दोनों सड़कों को स्मार्ट बनाने में करीब 52 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

मिल चुका है टेक्निकल क्लीयरेंस

नगर निगम द्वारा अर्बन स्ट्रीट स्केप ऑफ रोड्स एंड जंक्शन इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट के तहत शहर की इन सड़कों का निर्माण कराया जाना है। इसके कायाकल्प की योजना तैयार करने की जिम्मेदारी एएनबी कंसल्टेंट को दी थी। प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद नगर निगम की ओर से लखनऊ में नगर विकास विभाग की बैठक में पीपीटी के जरिए पहले ही प्रेजेंटेशन भी दिया है। इसमें नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह और अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा भी शामिल हुए थे। स्टेट लेवल टेक्निकल कमेटी ने इसको टेक्निकल क्लीयरेंस दे दिया है, अब बस शासन से अप्रूवल का इंतजार है।

पांच साल तक रखरखाव करेगी कंपनी

नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि इन सड़कों के निर्माण और पांच साल के रखरखाव पर कुल 52 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। निर्माण पूरा होने के बाद यह सड़कें मेट्रो सिटीज का अहसास कराएंगी। इससे जहां सड़कें चौड़ी होने से जाम की समस्या कम होगी। वहीं जिन जगहों पर बॉटल नेक जैसी स्थिति है, वहां भी राहत मिलने की उम्मीद है। पैदल चलने वालों को फुटपाथ से नीचे उतरना नहीं पड़ेगा। चौराहों की स्थिति और बेहतर होगी। हरियाली बढ़ाने के लिए जगह-जगह पौधे भी लगाए जाने की तैयारी की जा रही है।

क्या है खास

- सड़क के दोनों और पैदल चलने के लिए फुटपाथ

- बारिश का पानी निकलने के लिए किनारे नालियां बनेंगी

- बैठने के लिए जगह-जगह बेंच

- पीने के लिए पानी की भी होगी व्यवस्था।

- यूरिनल और टॉयलेट भी बनाए जाएंगे।

वर्जन

मेट्रो सिटीज की तर्ज पर स्मार्ट सड़क का निर्माण कराया जाना है। इसकी लागत और रखरखाव में करीब 52 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके लिए शासन को प्रपोजल भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही इसका काम शुरू करा दिया जाएगा।

- सुरेश चंद, चीफ इंजीनियर, जीएमसी

Posted By: Inextlive
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