तेजस एक्सप्रेस का ट्रायल, गोरखपुर पहुंची तो लोगों ने खींची खूब सेल्फी

2019-09-21T12:13:49Z

कॉर्पोरेट सेक्टर की पहली ट्रेन को देखने को गोरखपुर में भीड़ लग गई। लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाया और खूब सेल्फी खींची। 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चार घंटे 10 मिनट में लखनऊ से गोरखपुर जंक्शन पहुंची।

गोरखपुर (ब्यूरो)। देश की पहली कॉर्पोरेट सेक्टर की पहली ट्रेन तेजस एक्सप्रेस शुक्रवार को गोरखपुर जंक्शन पर पहुंची। ट्रायल के तौर पर 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 279 किमी की दूरी तय करके एक्सप्रेस चार घंटे 10 मिनट में आई। शुक्रवार की सुबह ट्रेन पहुंचने पर लोगों ने जमकर सेल्फी ली। कर्मचारियों ने भी तेजस में बैठकर इंज्वॉय किया। लखनऊ जंक्शन-नई दिल्ली रूट पर प्रीमियम तेजस टे्रन के संचालन की जिम्मेदारी आईआरसीटीसी को सौंपी गई है। ट्रायल के लिए लखनऊ से गोरखपुर आई तेजस में आईआरसीटीसी के सीआरएम अश्वनी श्रीवास्तव के साथ एमपी सिंह और संखवार मौजूद रहे।
स्पेशल सुविधाओं से लैस है ट्रेन
तेजस एक्सप्रेस से चलने वाले यात्रियों के लिए वीआईपी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। होटल बुकिंग, टैक्सी, बैगेज पिकअप एंड ड्रॉप का फायदा मिलेगा। तेजस में डायनमिक फेयर बिजी, सीजन, लीन सीजन और फेस्टिवल के अनुसार तय होगा। आईआरसीटीसी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि वेबसाइट पर टिकट बुकिंग करते समय सुविधा का चयन करना होगा। इस ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को लखनऊ और नई दिल्ली के स्टेशनों के लाउंज में यात्रियों के कहने पर मीटिंग कराई जाएगी।

चाय-नाश्ता का भी होगा इंतजाम

ट्रेन में सफर के दौरान चाय, नाश्ता और रात्रि भोजन का इंतजाम भी किया जाएगा। ऑनबोर्ड सेवाएं ट्रेंड कर्मचारियों के जरिए दी जाएंगी। आईआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि पांच साल से अधिक उम्र से अधिक के बच्चों का किराया देना होगा। यात्रियों का 25 लाख रुपये का मुफ्त बीमा किया जाएगा। सामान गायब होने पर भी आईआरसीटीसी उसका भुगतान करेगी। तेजस ट्रेन के यात्रियों को हाई क्वालिटी ड्रिंक्स सर्व की जाएंगी। खाना कंपलसरी है। फ्री कॉफी और चाय की वेंडिंग मशीनें भी लगी होंगी। पैसेंजर्स को वेलकम टी, ब्रेकफास्ट और स्नैक्स सर्व किए जाएंगे।
अफसरों ने लिया जायजा, सबकुछ मिला ठीकठाक  
गोरखपुर पहुंची ट्रेन का जायजा टेक्निकल स्टॉफ ने लिया। तेजस में लगी पावर कार, ट्रेन में आग और हीट पर नजर रखने वाला सेंट्रल मॉनीटरिंग सिस्टम, गेट के खोलने और बंद करने के बटन, ऑटोमेटिक स्मोक सिस्टम, हर कोच में एलईडी स्टेशन की लोकेशन सहित अन्य सुविधाओं को चेक किया गया। इस दौरान सबकुछ ठीक मिलने पर अधिकारियों ने राहत महसूस की। एक्सप्रेस में कुल 758 पैसेंजर्स सफर कर सकेंगे। ट्रेन में एक एक्जिक्यूटिव क्लास की एसी चेयर कार है जिसमें 56 सीटें हैं। जबकि नौ एसी चेयर कार 78 सीट की है। आरामदायक सीटों के अलावा इसमें टॉयलेट से लेकर डोर तक सबकुछ ऑटोमेटिक सिस्टम पर संचालित होगा।
'शुक्रवार को तेजस का ट्रायल किया गया था। सब कुछ ओके मिला है। चार अक्टूबर से लखनऊ से नई दिल्ली तक ट्रेन का संचालन शुरू होगा। इससे संबंधित सभी प्रकार की जानकारी आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर मौजूद है।'
- अश्वनी श्रीवास्तव, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, लखनऊ
gorakhpur@inext.co.in

Posted By: Inextlive

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