70 दिन बाद ट्रैक पर दौड़ी जीवन रेखा

2020-06-02T07:30:04Z

GORAKHPUR: एनई रेलवे की महत्वपूर्ण ट्रेंस गोरखधाम ओर एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस 70 दिन बाद सोमवार को गोरखपुर से स्पेशल ट्रेन के रूप में रवाना हुईं. इससे पहले कंफर्म टिकट वाले पैसेंजर्स को जांच से गुजरना पड़ा. जांच के बाद ही उन्हें सीटिंग के हिसाब से कोच में एंट्री मिली. पूर्व निर्धारित समय के अनुसार

GORAKHPUR: एनई रेलवे की महत्वपूर्ण ट्रेंस गोरखधाम ओर एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस 70 दिन बाद सोमवार को गोरखपुर से स्पेशल ट्रेन के रूप में रवाना हुईं। इससे पहले कंफर्म टिकट वाले पैसेंजर्स को जांच से गुजरना पड़ा। जांच के बाद ही उन्हें सीटिंग के हिसाब से कोच में एंट्री मिली। पूर्व निर्धारित समय के अनुसार प्लेटफॉर्म नंबर दो से ट्रेन रवाना हुई। पैसेंजर्स का प्रवेश गेट नंबर एक व दो से हुआ जबकि निकासी गेट नंबर चार व पांच से हुई।

लॉकडाउन के 70 दिन बाद सोमवार से यात्री ट्रेंस रवाना होने लगीं। गोरखपुर से सबसे पहले गोरखधाम एक्सप्रेस अपने पूर्व निर्धारित समय शाम 4.35 बजे, उसके बाद गोरखपुर से एलटीटी जाने वाली एलटीटी एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर दो से रवाना हुई। पैसेंजर्स चेहरे पर मास्क लगाए हुए थे। इसके बाद उन्हें गेट नंबर एक और दो से एंट्री मिली। एसी लाउंज पर ही तीन गेट पर टिकटों की जांच हुई। कंफर्म टिकट वालों को भी प्रवेश दिया गया। एक भी पैसेंजर को स्टेशन पर नहीं रोका गया और उन्हें सीधे ट्रेन की बर्थ पर बैठाया गया।

थर्मल स्क्रीनिंग के साथ मिली एंट्री

गेट नंबर एक और दो के प्रवेश द्वार पर रेलवे और सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। कंफर्म टिकट वाले पैसेंजर्स की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्लेटफॉर्म के अंदर एंट्री दी गई। साथ ही मोबाइल में आरोग्य सेतु एप भी देखा गया।

चिलचिलाती धूप में करते रहे इंतजार

ट्रेंस छूटने के तीन घंटे पहले तकरीबन एक बजे ही पैसेंजर्स चिलचिलाती धूप में रेलवे स्टेशन गेट नंबर दो के बाहर खड़े होकर परिसर में इंट्री पाने का इंतजार करते दिखे। सुरक्षा में तैनात जीआरपी से पूछने में लगे रहे कि कब परिसर में जाने की अनुमति मिलेगी। तकरीबन 2.30 बजे पैसेंजर्स को परिसर में इंट्री मिली। लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बने गोले में उन्हें घंटों खड़ा रहना पड़ा। एक-एक पैसेंजर्स की जांच कर गेट नंबर एक और दो से प्रवेश मिला।

बॉक्स

रोडवेज के भी खुले पहिए

सोमवार सुबह आठ बजे से रोडवेज बसों के जाम पहिए भी खुल गए। थर्मल स्क्रीनिंग कर एक-एक पैसेंजर को सीटिंग की क्षमता के आधार पर बैठाया गया। रेलवे बस अड्डे से बसें लखनऊ, कुशीनगर, महराजगंज, देवरिया के लिए रवाना की गई। वहीं कचहरी बस अड्डे से आजमगढ़, मऊ, वाराणसी, प्रयागराज आदि जिलों के लिए बसों को रवाना किया गया। हालांकि पहले दिन पैसेंजर्स की संख्या काफी कम दिखी। रेलवे और कचहरी बस अड्डे को मिलाकर 35 बसों में लगभग 700 से अधिक पैसेंजर्स रवाना किए गए।

कोट्स

गोरखनाथ एक्सप्रेस के एस वन में 42 नंबर बर्थ कंफर्म टिकट मिला। इससे पहले कई बार रिजर्वेशन कैंसिल कराना पड़ा। जैसे-जैसे लॉकडाउन बढ़ रहा था निराशा ही हाथ लग रही थी। लॉकडाउन फोर के बाद सफर करने का मौका मिला है।

आशीष, आजमगढ़

लखनऊ में एक कंपनी में जॉब करती हूं। छुट्टियों में घर आई थी लेकिन लॉकडाउन की वजह से फंस गई। दो माह बाद ऐसा मौका मिला है कि सभी लोग सफर कर रहे हैं।

दीप्ती मिश्रा, रुस्तमपुर

नई दिल्ली में जॉब करता हूं। छुट्टी में घर आया था लेकिन अचानक लॉकडाउन की घोषणा हो गई। तीन बार रिजर्वेशन कराया और टिकट कैंसिल करना पड़ा। आज काम पर लौटने जा रहा हूं, अच्छा भी लग रहा है और कोरोना का डर भी लग रहा है।

नीरज, गोरखनाथ

गोरखपुर में अपना घर है। दिल्ली में बिजनेस करता हूं। पत्‍‌नी और बच्चे के साथ घर आया था। लॉकडाउन में फंस गया। जाने का कोई साधन भी नहीं मिल रहा था। सरकार की ओर से ट्रेन चलाने का एलान होने से काफी राहत मिली है।

मेराज, पादरी बाजार

Posted By: Inextlive

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