भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सपनों के भारत में उत्तर प्रदेश एक बड़ी चुनौती थी इस चुनौती को योगी आदित्य नाथ ने स्वीकारा. उत्तर प्रदेश उनके नेतृत्व में उद्योग जगत के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है. उत्तर प्रदेश की अर्थ व्यवस्था अगले पांच सालों में एक ट्रिलियन होने का अनुमान लगाया जा रहा है.

गोरखपुर (ब्यूरो)।शोध को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में स्टार्टअप कम्पनियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह बातें महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् के 90वें संस्थापक-सप्ताह समारोह में पूर्व एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने बतौर मुख्य अतिथि ने कही। वह एमपी शिक्षा परिषद परिसर के प्रांगण में शिक्षा परिषद् की चार दर्जन से अधिक शिक्षण, प्रशिक्षण एवं चिकित्सा संस्थाओं के उपस्थित लगभग दस हजार से अधिक स्टूडेंट्स से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् की स्थापना शिक्षा, सेवा व सामाजिक परिवर्तन में संत परम्परा को प्रतिबिम्बित करने के लिए किया गया था। गोरक्षपीठ ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवा और साधना का जो प्रतिमान खड़ा किया है, वह अद्वितीय है, अद्भुत है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं में अपार क्षमता है। आप कोशिश कर बड़ा से बड़ा मुकाम हासिल करें।

#Gorakhpur में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद का संस्थापक सप्ताह समारोह शुरू। मुख्य अतिथि पूर्व एयर चीफ मार्शल RKS भदौरिया व CM योगी आदित्यनाथ सहित अन्य अतिथि रहे मौजूद#GorakhpurNews @myogioffice @CMOfficeUP @ravikishann pic.twitter.com/sfMLMZLfPg

— inextlive (@inextlive) December 4, 2022


शिक्षा राष्ट्र व समाज की धुरी
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र एवं समाज की धुरी है। भावी पीढ़ी की शिक्षा व्यवस्था जैसा निर्माण करेगी वैसा ही देश का भविष्य बनेगा। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् की स्थापना के साथ राष्ट्रीय एकता और अखंडता की रक्षा का संकल्प लेकर, मातृभूमि के समर्पण और त्याग, माता पिता तथा गुरु के प्रति श्रद्धावनत् रहने का जो पाठ इन शिक्षण संस्थाओं द्वारा पढ़ाया जा रहा है, वह राष्ट्र सेवा का एक अभिनव प्रयास है। नई शिक्षा नीति के क्रियान्यवन में भी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अग्रणी भूमिका निभा रही है।
हमारे लिए अनुशासन का पर्व : सीएम
समारोह की अध्यक्षता करते हुए सीएम व गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह आयोजन हमारे लिए अनुशासन का पर्व है। अनुशासन एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा इस आयोजन का प्राण है। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रज्ज्वलित सेवा-साधना व तप की अखंड ज्योति निरंतर जलती रहेगी। पूज्य महंत अवेद्यनाथ द्वारा प्रारम्भ किए गए सामाजिक समरसता और स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रियता का अपना दायित्व गोरक्षपीठ निभाता रहेगा। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् द्वारा शिक्षा का प्रसार जारी रहेगा। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर की स्थापना महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की अनवरत गतिमान यात्रा का अगला पड़ाव है।
सबका साथ, सबका विकास
हम भावी पीढ़ी को अनुशासन एवं शील का पाठ पढ़ाते रहेंगे तथा उन्हें भारतीय संस्कृति की ज्ञान गंगा में स्नान कराते रहेंगे। हिन्दुत्त्व और विकास तथा सबका साथ सबका विकास के मंत्र के साथ भारत को जगत गुरू बनाने बढ़ते रथ को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् की शिक्षण संस्थाओं से निकलने वाली होनहार भावी पीढ़ी गति प्रदान करती रहेगी। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् की संस्थाएं अपने-अपने क्षेत्र में प्रतिमान बनकर समाज एवं राज्य का मार्गदर्शन करेंगी।
स्टूडेंट्स ने लगाई प्रदर्शनी

समारोह के बाद राष्ट्रगीत वन्देमातरम् के साथ शोभायात्रा प्रारम्भ हुई। अलग-अलग सस्ंथाओं की छात्र-छात्राएं अपने गणवेश में, राष्ट्रगीतों की धुन पर बजते बैंड, विविध झांकियों के साथ नारे लगाते आगे बढ़े। समारोह का संचालन डॉ। भगवान सिंह और आभार ज्ञापन महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य, डॉ। अरूण कुमार सिंह ने किया। संस्थापक सप्ताह समारोह के उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रसन्त ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 8वीं पुण्यतिथि की पावन स्मृति में समर्पित विमर्श शोध पत्रिका का विमोचन भी किया गया। जिसके मुख्य संपादक डॉ। प्रदीप राव प्राचार्य महाराणा प्रताप महाविद्यालय जंगल धूसड़ हैं। इस अवसर पर मेजर जनरल अतुल वाजपेई, चौधरी प्रमोद कुमार, शिव प्रताप शुक्ला, डॉ। राधा मोहन दास अग्रवाल, आशा भदौरिया, सांसद रवि किशन शुक्ला, मेयर सीताराम जायसवाल के साथ जनप्रतिनिध, समस्त पदाधिकारी व सदस्यगण के साथ गणमान्य जन उपस्थित थे।

Posted By: Inextlive