अब दिल में आग लगी तो हवालात में बुझेगी

Updated Date: Thu, 14 Jan 2021 07:40 AM (IST)

- फेक और बेवजह कॉल करने वालों से परेशान है फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट, रोजाना बड़ी संख्या में आती हैं झूठी कॉल्स

- एक ही नंबर से तीन बार फेक कॉल आने पर ब्लॉक कर दिया जाएगा नंबर, मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी होगी

KANPUR: आग लगने जैसी स्थित में तत्काल राहत पहुंचाने के लिए टोल फ्री नंबर 101 है। फजलगंज फायर स्टेशन में फोन रिसीव करने के लिए मिनी कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस मिनी कंट्रोल रूम में तीन-तीन घंटे की आठ ड्यूटियां लगती हैं। लेकिन, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी पूरे शहर से आने वाली फर्जी और बेवजह की कॉल्स से परेशान हैं। कोई फोन मिलाकर टाइम पास करता है तो कोई झूठी सूचना देकर परेशान करता है। इमरजेंसी नंबर होने के कारण हर कॉल को अटेंड भी करना पड़ता है। लेकिन अब फर्जी और आपत्तिजनक कॉल करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। तीन बार बेवजह कॉल करने वालों का नंबर ब्लॉक कर दिया जाएगा। ऐसे नंबर्स की मॉनीटरिंग शुरू कर दी गई है.ऐसे आरोपियों के खिलाफ पुलिस को रिपोर्ट भेजी जाएगी और कानूनी कार्रवाई कराइर्1 जाएगी।

नाइट ड्यूटी के दौरान ज्यादा

मूलशंकर समेत अन्य कर्मचारियों की मानें तो रात के समय सबसे ज्यादा फर्जी कॉल्स आती हैं। इनमें ज्यादातर फोन महिलाओं के होते हैं। जो कभी नींद न आने तो कभी दिल में आग लगी हैजैसी वल्गर बातचीत करती हैं। लेकिन, हमें सिर्फ सुनना होता है। क्योंकि ट्रेनिंग के मुताबिक किसी को गलत भाषा में हम जवाब नहीं दे सकते हैं। मिनी कंट्रोल रूम में बैठे ध्यान सिंह ने बताया कि इमरजेंसी कॉल होने के कारण 101 नंबर डायल करने में पैसे नहीं लगते हैं। इसलिए कंट्रोल रूम में फेक कॉल्स ज्यादा आती हैं। अगर चार्ज लगने लगे तो इन कॉल्स पर पाबंदी लग सकती है।

अक्सर झूठी सूचना देते हैं कॉलर्स

कंट्रोल रूम में मौजूद कर्मचारियों के मुताबिक, पहले फेक कॉल्स बड़ी संख्या में आती थीं। लेकिन जब से सेंट्रली कम्युनिकेशन(112) हुआ है। उसके बाद से फेक कॉल्स कम हुईं हैं। अब लखनऊ में कॉल्स फिल्टर की जाती हैं। उसके बाद यहां सूचना दी जाती है। कानपुर से गाडि़यों की लोकेशन डाइवर्ट होती है। जब गाडि़यां मौके पर पहुंचती हैं तो उन्हें जीपीएस सिस्टम के बाद भी लोकेशन सही नहीं मिल पाती। जिसकी वजह से गाडि़यां वापस आ जाती हैं। जब मोबाइल पर तैनात पुलिस कर्मी इनसे संपर्क करते हैं तो फोन स्विच ऑफ हो जाता है।

समय- दोपहर 12.30 बजे

स्थान- फजलगंज फायर स्टेशन कंट्रोल रूम

ड्यटी पर- फायर ब्रिगेड कर्मचारी ध्यान सिंह और मूलशंकर खन्ना

कॉल-01

कॉलर-हैलो, फायर ब्रिगेड से

मूलशंकर - जी हां, बताइए( दूसरी तरफ से कुछ बच्चे बात करते हैं। )

कॉलर- आवाज नहीं आ रही() करीब चार मिनट तक लाइन बिजी रहने के बाद बाद फोन कट जाता है।

एक्शन - मूलशंकर ने कॉल बैक कर परिवार वालों को बच्चों की कॉल की जानकारी देकर अलर्ट रहने को कहा।

कॉल -02

समय दोपहर -12:55 बजे कॉल

मूलशंकर- हैलो, फजलगंज फायर स्टेशन

कॉलर- पनकी में आग लगी है, जल्दी से गाड़ी लेकर आइए

मूलशंकर- हां, एड्रेस बताइए

कॉलर-- एड्रेस बताता है।

मूलशंकर -- ठीक है

एक्शन ---मूलशंकर स्टेशन में मौजूद इम्प्लाइज को एड्रेस बताकर गाड़ी रवाना कर देते हैं।

दस मिनट में दिए गए एड्रेस पर गाड़ी पहुंची तो कहीं आग नहीं थी। जिस नंबर से कॉल आई थी वो बंद हो गया था। गाड़ी को वापस फायर स्टेशन लाने के लिए कहा गया।

कॉल -03

समय- तीन बजे

कॉलर - चकेरी की एक फर्म में आग लगी है।

मूलशंकर - जी एड्रेस बताइए।

एक्शन --मूलशंकर ने वायरलेस से मैसेज मीरपुर फायर स्टेशन के लिए फ्लैश किया। गाड़ी में मौजूद फायरमैन ने वहां पहुंचकर आग की जानकारी दी।

कॉल -04

समय- 01:25 बजे

कॉलर- हैलो कहां से बोल रहे हैं?़

मूलशंकर - जी फायर स्टेशन से।

इसके बात कॉल डिसकनेक्ट हो जाती है। फिर से कॉल आती है। रिसीव करने पर कॉलर बात करता है।

कॉलर - तुम झूठ बोल रहे हो (गाली देते हुए) वकील साहब से बात कराओ नहीं तो तुम्हारी (------)

मूलशंकर- मेरी बात सुनिए (इसके बाद फोन डिसकनेक्ट हो जाता है.)

एक्शन ---इसकी जानकारी मूलशंकर अपने अधिकारियों को देते हैं।

कॉल -05

समय - 10:44 (वेडनसडे)

कॉलर - हैलो, कहां से बोल रहे हैं?

मूलशंकर - जी फायर स्टेशन से

कॉलर - गोविंद नगर गहरे नाले में जानवर फंसा है।

मूलशंकर : जी सूचना नोट की गई, रेस्क्यू टीम पहुंच रही है।

एक्शन --इस जानकारी को फ्लैश करने के बाद रेस्क्यू टीम भेजी गई।

कॉल -06

समय- 03:44 (वेडनसडे)

कॉलर- हैलो फायर ब्रिगेड

मूलशंकर - जी बताइए

कॉलर - दामोदर नगर नाले में पशु गिर गया है, रेस्क्यू टीम भेजिए।

मूलशंकर - जी, कुछ देर में टीम पहुंच रही है।

एक्शन - सूचना फ्लैश करने के बाद गाड़ी भेजी जाती है

फेक कॉल्स करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिस भी कर्मचारी से अभद्रता की जाएगी। वही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएगा।

डॉ। प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी/एसएसपी कानपुर

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तीन घंटे की शिकायतें

कुल शिकायतें- 25

फेक कॉल्स - 05

काम की कॉल -01

स्टाफ कॉल्स - 19

Posted By: Inextlive
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