- कानपुर आईआईटी के एयरोस्पेस इंजीनिय¨रग के विशेषज्ञों से चल रही बातचीत

- रेस्क्यू ऑपरेशन में या निगरानी करने में इन ड्रोन का यूज कर सकेगी सेना

KANPUR: बेहद ऊंचे और दुर्गम स्थानों पर दवा अब आईआईटी के ड्रोन से पहुंचाना संभव होगा। मानव रहित छोटे विमान (यूएवी) आईआईटी सेना के लिए बना रहा है। यह दवाएं, भोजन और राहत सामग्री पहुंचाने में मददगार साबित होगा। इसकी खासियत होगी कि यह एक घंटे से अधिक समय तक हवा में उड़ सकेगा, जबकि इसमें पेट्रोल और बैट्री चलित इंजन लगा रहेगा। संस्थान के विशेषज्ञ और सेना के अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है, जल्द ही दोनों के बीच एमओयू साइन हो सकता है।

संस्थान के यूएवी और ड्रोन की धूम

आईआईटी के एयरोस्पेस इंजीनिय¨रग विभाग के विशेष कई तरह के ड्रोन और यूएवी तैयार कर चुके हैं। इनमें विब्रहम, नाविक समेत कई तरह के यूएवी शामिल हैं। इनका जलवा देश ही विदेशों में भी है। पिछले साल विब्रहम ने अमेरिका में हुए यूएवी के मुकाबले में अपने उल्टा उड़ान भरने की क्षमता का लोहा मनवाया था। इसके अलावा लखनऊ में लगी डिफेंस कॉरिडोर की प्रदर्शनी में भी संस्थान के यूएवी और ड्रोन की धूम रही। उस समय सेना के कई अधिकारियों ने आइआइटी मॉडलों की तारीफ की थी।

सेना के लिए अहम

देश की सुरक्षा के लिए सेना अपनी अत्याधिक ऊंचाई की चौकियों का और भी मजबूत कर रही है। उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण भोजन और अन्य रसद सामग्रियों की उपलब्ध की आवश्यकता है। अब तक कुछ दूरी तक वाहन, पोनी और सैनिकों द्वारा ले जाया जाता रहा है। ड्रोन और अत्याधिक छोटे मानव रहित हेलीकॉप्टर से कुछ ही देर में भोजन सामग्री को पहुंचाया जा सकेगा। प्रो। अभिषेक ने बताया कि सेना के अधिकारियों से बातचीत चल रही है। अभी कुछ भी फाइनल नहीं हुआ है।

मोबाइल से हाेगा ऑपरेट

यूएवी को मोबाइल से संचालित करने वाला बनाया जा रहा है, जिससे इसको चलाना आसान होगा। इसमें कई तरह की खूबियां रहेंगी, जिसमें बेहद कम आवाज रहना शामिल है। इसके एडवांस मॉडल पर भी काम चल रहा है, जिससे यह दुश्मनों की नजर से बच भी सकेगा।

फ्लाइट टे¨स्टग भी की जा रही

संस्थान में यूएवी और ड्रोन की लगातार फ्लाइट टे¨स्टग चल रही है। अब तक 20 से 25 किलो तक के भार वाले सामान को उठाने में कामयाबी मिल चुकी है। अब इसका वजन बढ़ाया जा रहा है।

Posted By: Inextlive