kanpur : घाटमपुर के एक गांव में दिवाली के दिन नरपिशाचों ने मासूम का कलेजा शराब से साफ किया और दंपति को दिया. जिसे दंपति ने कच्चा ही निगल लिया था. आर

- आरोपितों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि गांजा फूंकने के साथ पी थी शराब

- मासूम के कलेजे सहित ऑर्गन्स चाकू से काटे और कलेजे को खा गए थे दंपति

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KANPUR : घाटमपुर के एक गांव में दिवाली के दिन नरपिशाचों ने मासूम का कलेजा शराब से साफ किया और दंपति को दिया। जिसे दंपति ने कच्चा ही निगल लिया था। आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ के दौरान यह जानकारी देते हुए बताया कि जब वो गैंगरेप कर रहे थे तभी मासूम बच्ची की जान चली गई थी। फिर एक-एक करके बच्ची के ऑर्गन्स काटे गए।

कबूली कलेजा लाने की बात

परशुराम और सुनैना से पुलिस ने पूछताछ पूरी कर ली है। दोनों ने पूछताछ में बताया कि अंकुल ने उन्हें कलेजा लाकर दिया था जो दोनों ने कच्चा ही निगल लिया था। वहीं अंकुल और वीरेन से पूछताछ में पुलिस को ये भी तथ्य पता चले हैं कि दोनों ने घटना को अंजाम देने से पहले गांजा फूंकनेके साथ शराब भी पी थी। चाकू से छह वर्षीय मासूम के अंग काटे गए थे। उसके बाद उसे ले जाकर चाचा परशुराम और सुनैना को दिया गया।

दावे पर सवाल

घाटमपुर की खौफनाक घटना में पुलिस के खुलासे पर शुरू से ही सवाल उठ रहे हैं। इसमें एक सवाल बेहद अहम है। पुलिस जिस सब्जी काटने वाले चाकू से बच्ची का पेट फाड़ने और पसलियां काटकर गुर्दे, दिल, आंत निकालने का दावा कर रही है उससे ये संभव नहीं है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने भी इस पर सवाल किये हैं। हालांकि पुलिस के पास अन्य आलाकत्ल नहीं है। वो अपने दावे पर अभी भी टिकी हुई है।

फोरेंसिक जांच में ब्लड सैंपल

दिवाली की रात एक गांव निवासी परशुराम व उनकी पत्‍‌नी सुनैना के कहने पर उनके भतीजे अंकुल और वीरेन ने गांव की ही एक छह साल की बच्ची को अगवा कर उसकी गला काटकर बलि दे दी थी। उसके बाद शरीर के अंग निकाल लिए थे। दंपति ने संतान की प्राप्ति के लिए अंधविश्वास में ये सब किया था। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि बरामद आलाकत्ल पर खून के धब्बे फोरेंसिक जांच में मिले हैं। उसमें पत्थर से घिसकर धार बनाई गई थी। इसलिए उससे आसानी से अंग कट गए।

एक साल से कर रहे थे इंतजार

पुलिस के मुताबिक शादी के दो दशक बीतने के बाद भी जब दंपति को कोई संतान नहीं हुई उन्होंने टोना-टोटका शुरू किया। इसमें काला जादू की किताब भी पढ़ी.जिसमें लिखा था कि अमावस की रात को बच्ची का कलेजा कच्चा खाया जाए तो उसको संतान हो जाएगी। इन दोनों ने अपने भतीजों को कुछ रकम भी दी।

चारों आरोपित जेल भेजे जा चुके हैं। उनसे पूछताछ भी पूरी कर ली गई है। अब इस मामले में तेजी से विवेचना कराने के बाद सबूतों के आधार पर आरोपितों को सख्त से सख्त सजा दिलाने का प्रयास होगा।

डॉ। प्रीतिन्दर सिंह, डीआईजी

Posted By: Inextlive