यहां लगी आग तो बुझाना होगा मुश्किल

Updated Date: Sat, 09 Jan 2021 11:44 AM (IST)

- संकरी गलियों वाले मोहल्लों में आग बुझाने के लिए मिलीं जीप व मिस्ट बाइक शोपीस बनकर रह गई

- 22 बड़े फायर टेंडर के भरोसे ही फायर डिपार्टमेंट, इंतजाम करते-करते विकराल हो जाती है आग

KANPUR : केडीए और संबंधित विभागों की मेहरबानी से शहर संकरी गलियों भी ऊंची-ऊंचंी इमारतें तन गई हैं। इन इलाकों में आग लगने की स्थिति पर फायर ब्रिगेड का मौके तक पहुंच पाना ही सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे इलाकों में आग बुझाने के लिए शासन ने छोटी गाडि़यों बाइक और जीपों का इंतजाम किया। वाटर टैंक रखा गया। हालांकि पानी का प्रेशर न होने से की वजह से ये जीप सफल नहीं हो पाईं। गलियों में लगी आग बुझाने के लिए ब् मिस्ट बाइक लाईं गईं। लेकिन इनका टैंक केवल क्0 लीटर पानी का है। इस वजह से यह भी आग बुझाने में कारगर साबित नहीं हुई हैं। फिलहाल ये गाडि़यों महज शोपीस बनी हुई हैं।

नहीं हुई कारगर

कुली बाजार, हटिया, हरबंश मोहाल, चमनगंज, बेकनगंज, नई सड़क, घुमनी बाजार, नौघड़ा, कर्नलगंज, मनीराम बगिया समेत दो दर्जन से अधिक इलाके ऐसे हैं। जहां घनी आबादी की वजह से बड़ी गाडि़यों का जा पाना मुश्किल है। इस समस्या के हल के लिए शासन ने लगभग म् साल पहले कानपुर को ब्0 लीटर पानी की क्षमता वाली ब् जीप फायर टेंडर उपलब्ध कराए। पर ये गाडि़यां भी बड़ी आग बुझाने में नाकाम साबित हुई। तंग गलियों वाले इलाके में जाने से ये जीप नाकाम रही। इसी तरह क्0 लीटर क्षमता वाली मिस्ट बाइक भी कारगर साबित नहीं हुई। कुल मिलाकर ख्ख् बड़े फायर टेंडर के भरोसे ही फायर डिपार्टमेंट हैं। जो कि घनी आबादी वाले मोहल्लों में आग बुझाने के लिए हौज पाइप को जोड़कर लंबी दूरी तक आग बुझाने का तरीका अपनाता है।

हाईड्रोलिक गाड़ी खराब

सीएफओे एमपी सिंह ने बताया कि फजलगंज फायर स्टेशन परिसर में खड़ी क्फ्भ् फीट की ऊंचाई तक पहुंच कर आग बुझाने की क्षमता रखने वाली हाइड्रोलिक प्लेटफार्म गाड़ी छह साल से सर्विस न होने की वजह से कंडम हो चुकी है। इसका डिमांस्ट्रेशन कुछ दिन पहले ही किया गया था। ऊपर जाने पर इसकी सीढ़ी अटक गई थी। किसी तरह से इसे नीचे लाया गया।

भ् बार भेजा रिमाइंडर

फायर ऑफिसर्स के मुताबिक काकादेव स्थित केदारनाथ अपार्टमेंट में लगी आग के दौरान इसी हाइड्रोलिक प्लेटफार्म गाड़ी की मदद से क्9 लोगों को समय रहते ऊंची बिल्डिंग से सही सलामत बचा लिया गया था। मोतीझील स्थित बैंक और अफीम कोठी पर गद्दे के शोरूम में आग लगने के बाद इसी गाड़ी की मदद से रेस्क्यू किया गया था। सर्विस न होने से गाड़ी जाम हो गई है। सर्विस कराने के लिए मुख्यालय को पांच बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है। विदेश से आई इस गाड़ी की सर्विस खास इंजीनियर्स ही कर सकते हैं।

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फायर स्टेशन (सिटी)

: मीरपुर कैंट, फजलगंज, लाटूश रोड, कर्नलगंज, जाजमऊ

फायर स्टेशन (रूरल), बिल्हौर, घाटमपुर

कुल फायर टेंडर : ख्ख्

मिस्ट बाइक : 0ब् (कैपेसिटी क्0 लीटर मिस्ट)

जीप-- 0ब् (ब्0 लीटर टैंक)

- हाइड्रोलिक इंजन : 0क् (सर्विस के अभाव में खराब)

- फोम टेंडर : 0फ्

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गाडि़यां घटनास्थल पर समय से पहुंच गई थीं लेकिन अंदर जाने का रास्ता नहीं था। हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की सर्विस के लिए कई बार रिमाइंडर भेजा गया है। जल्दी ही शासन से रुपये मिलने के बाद इसकी रिपेयरिंग कराई जाएगी।

एमपी सिंह, सीएफओ

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तनती जा रहीं अवैध इमारतें

शहर को विकसित करने के लिए जिम्मेदार केडीए ने ही मास्टर प्लान ख्0ख्क् की धज्जियां उड़ा दीं। बिना मानकों के घनी आबादी व सकरी आबादी वाले मोहल्लों में इमारतें खड़ी करा दीं जो अब मुसीबत बनती जा रही हैं। बासमंडी, इफ्तिखाराबाद, नई सड़क, दलेलपुरवा, चमनगंज, कर्नलगंज, लकड़मंडी, दर्शनपुरवा आदि मोहल्लों में छोटी-छोटी जगहों पर 7-7 मंजिल तक इमारत तान दी गई है। बिल्डिंग्स में तो गेस्ट हाउस व दुकानें भी बना दी गई हैं।

तीन नए फायर स्टेशन

पनकी, नर्वल और किदवई नगर के फायर स्टेशन का काम जोरों पर है। जल्द ही इन्हें शूरू किया जाएगा। वहीं बिठूर की गौशाला के पास जिले के चौथे फायर स्टेशन के लिए जगह फाइनल कर ली गई है।

Posted By: Inextlive
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