एलएलआर में ऑक्सीजन का संकट 'गहरा'

Updated Date: Sun, 27 Sep 2020 02:48 PM (IST)

- एलएलआर हॉस्पिटल पहुंचे प्रमुख सचिव ने समझी ऑक्सीजन की डिमांड और सप्लाई की दिक्कत

- 24 घंटे भी नहीं एलएमओ का बैकअप, कंपनी ने रोज टैंकर भेज पाने से खड़े किए हाथ

KANPUR:कोरोना के सबसे क्रिटिकल पेशेंट्स को भर्ती करने एलएलआर हॉस्पिटल में समय रहते ठोस उपाय नहीं हुए तो ऑक्सीजन का गहरा संकट खड़ा हो सकता है। क्योंकि जिस हिसाब से हॉस्पिटल में लिक्विड ऑक्सीजन खर्च हो रही है। उसके मुताबिक लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का एक दिन का भी बैकअप अस्पताल के पास नहीं है। कोविड आईसीयू और एचडीयू में जितनी लिक्विड ऑक्सीजन की खपत है। उतनी सप्लाई ऑक्सीजन सिलेंडरों के जरिए किया जाना भी संभव नहीं है। सैटरडे को प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आलोक कुमार, कमिश्नर डॉ.राज शेखर और डीएम आलोक तिवारी एलएलआर हॉस्पिटल पहुंचे तो इस पर काफी देर तक मंथन हुआ।

24 घंटे का भी नहीं बैकअप

मेडिसिन डिपार्टमेंट में मेडिकल कालेज की फैकल्टी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट के हेड प्रो। अनिल वर्मा ने प्रमुख सचिव की प्रतिदिन ऑक्सीजन की खपत को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिर्फ न्यूरो साइंस सेंटर में ही भर्ती कोविड पेशेंट्स को प्रतिदिन 4500 लीटर के करीब की औसतन खपत होती है। मेटरर्निटी विंग और इमरजेंसी में भी 3500 से 4000 लीटर की प्रतिदिन की ऑक्सीजन की खपत है। जबकि एलएमओ सप्लाई करने वाली कंपनी एक दिन के अंतराल में ही एक टैंकर भेज पा रही है। इससे अस्पताल में ऑक्सीजन का 2 दिन तो दूर एक दिन का भी पूरा बैकअप का इंतजाम नहीं है।

विकल्पों पर मंथन

फैकल्टी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मीटिंग के दौरान प्रमुख सचिव के सामने ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता को लेकर कई विकल्पों पर बात हुई। एलएमओ प्लांट की क्षमता 20 हजार लीटर करने पर सहमति नहीं बनी। ऑक्सीजन सिलेंडरों की खरीद भी व्यवहारिक नहीं लगी.एलएमओ की लगातार सप्लाई के लिए एक टैंकर की खरीद को लेकर बातचीत हुई है। जोकि लगातार एलएमओ की सप्लाई बनाए रखेगा। मीटिंग में एडी हेल्थ डॉ.एसएन बाजपेई, मेडिकल कालेज प्रिंसिपल डॉ.आरबी कमल, वाइस प्रिंसिपल प्रो। रिचा गिरि, एसआईसी डॉ.ज्योति सक्सेना, सीएमओ डॉ.अनिल कुमार मिश्रा, डॉ.मनीष सिंह, डॉ.सौरभ अग्रवाल, डॉ.यशवंत राव प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

दवा न मिलने की शिकायत

एलएलआर हॉस्पिटल के इंस्पेक्शन के दौरान प्रमुख सचिव के सामने एक आयुष्मान लाभार्थी के रिश्तेदार ने दवाएं नहीं मिलने की शिकायत की। शिवली निवासी रेखा देवी को किडनी इंफेक्शन की शिकायत पर हैलट में भर्ती कराया गया था। भतीजे रोहित ने प्रमुख सचिव से शिकायत की कि उनके मरीज को आयुष्मान योजना का लाभार्थी होने के बाद भी दवाएं नहीं मिल रही है। इस पर प्रमुख सचिव ने लखनऊ में इस योजना को चलाने वाली फर्म सांचीज से फोन पर बात कर दो घंटे में समस्या दूर करने निर्देश दिए।

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.