मड़ौली में हुई मां-बेटी की मौत के एक सप्ताह बाद सोमवार दोपहर बाद लखनऊ से स्टेट फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. क्राइम सीन पहले से ही सील किया गया था. टीम के साथ कानपुर के विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम के सदस्य प्रवीण कुमार श्रीवास्तव भी रहे. टीम में मौजूद लोगों ने मिट्टïी में छपे जेसीबी के टायर के आंशिक निशान कलेक्ट किए. चूंकि घटना वाले दिन भीड़ ज्यादा होने की वजह से शू प्रिंट फुट प्रिंट और टायर प्रिंट नहीं मिल पाए हैैं जिसकी वजह से व्हीकल स्किड और गुट्टïी के चिन्ह भी नहीं मिले हैैं. इसके बाद टीम ने घटनास्थल की फोटोग्राफी भी की. एक सप्ताह पहले की फोटो से भी मिलान किया. घटनास्थल पर पड़ी राख और मिट्टïी को अलग करके देखा. मौके पर मैग्नेटिक टेस्ट भी किया गया. केमिकल डालकर रासायनिक जांच भी की गई. परिवार वालों को बुलाकर उनके फिंगर फुट और पॉम प्रिंट भी लिए गए. क्षतिग्रस्त दीवार के हिस्से से कछ रिसीड निकाला गया. ईंटों के बीच में दबे सिर के बाल मिले हैैं ये मां बेटी के होने के अनुमान लगाए गए हैैं. सॉइल के साथ ऑयल की मौजूदगी होने की वजह उसे भी कंजर्व किया गया.


कानपुर (ब्यूरो) कमिश्नर और एडीजी की एसआईटी के साथ पहुंची टीम ने प्रधान, आरोपी अतुल दीक्षित, परिवार और गांव की महिलाओं समेत 60 लोगों के बयान दर्ज किए गए। जो लोग बीते सोमवार को घटनास्थल पर मौजूद थे, उनके भी बयान दर्ज किए गए। शिवम और अंशू ने अपने बयानों में पहले की बात ही दोहराई। वहीं हरदोई से आई एसआईटी ने एक सप्ताह में वायरल हुए वीडियो से मिलान शुरू किया। गांव वालों को वीडियो दिखाकर ये जानकारी की गई कि क्या इनके अलावा भी पुलिस कर्मी मौके पर थे। इसके बाद एसपी कानपुर देहात, रूरा एसओ से जीडी से तस्वीरें मिलान करने के लिए कहा गया। दरअसल एसआईटी ये कोशिश कर रही है कि जिन पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज है, उनका इस घटना में कितना रोल है?

तीन टीमों को नहीं मिल रही है सफलता
कानपुर देहात पुलिस ने जेसीबी ड्राइवर और लेखपाल की गिरफ्तारी के बाद किसी की गिरफ्तारी नहीं की है। हिरासत में लिए गए एसडीएम से पूछताछ के बाद उन्हें थाने से छोड़ दिया गया है, साथ ही निलंबन के दौरान काम करके एसआईटी का सहयोग करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैैं। बताते चलें कि इस मामले में 14 अज्ञात समेत 25 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनकी गिरफ्तारी के लिए जो टीमें लगाई गईं थीं, उनके हाथ खाली हैैं। किसी भी टीम को सफलता नहीं मिल रही है। एसपी कानपुर देहात ने बताया कि सभी की सर्विलांस और मैनुअल जानकारी की जा रही है। थाने की पुलिस के अलावा एसओजी भी काम कर रही है। एसपी के मुताबिक कुछ लोगों को नोटिस भी भेजी गई है।

Posted By: Inextlive