विकास के गुनाहों की पुरानी फाइलें फिर खुलीं

Updated Date: Mon, 13 Jul 2020 12:36 PM (IST)

- एसीएस संजय भूसरेड्डी की अगुवाई में पुलिस हत्याकांड और विकास के गुनाहों की पड़ताल करने पहुंची एसआईटी

-बिकरू गांव पहुंच गांववालों से की पूछताछ, समझा पूरा क्राइम सीन, विकास पर दर्ज हत्या के दो मामलों की फाइल देखी

KANPUR: एनकाउंटर में मारे जाने के बाद भी कागजों में दर्ज कुख्यात विकास दुबे की अपराध की कहानियों के पन्ने अब दोबारा पलटे जाएंगे। उसके खौफ और आतंक की कहानी को दोबारा जाना जाएगा। 8 पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद शुरू हुआ विकास और उसके गुर्गो के एनकाउंटर के दौर पर भी उठ रहे सवालों की पड़ताल शुरू हो गई। संडे को शासन की ओर से पूरे मामले की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी कानपुर पहुंची। एडीश्नल चीफ सेकेट्री संजय भूसरेड्डी की अगुवाई में एसआईटी बिकरू गांव पहुंची। इस दौरान गांव वालों से पूछताछ करने के साथ वारदात कैसे हुई इसे भी समझा।

सुनाई आतंक की कहानी

तीन सदस्यीय एसआईटी ने विकास दुबे और उसके गुर्गो पर दर्ज मामलों के दस्तावेज देखे। खासतौर पर शिवली थाने में विकास दुबे पर दर्ज दर्जा प्राप्त मंत्री संतोष शुक्ला की हत्या और सिद्देश्वर हत्याकांड की फाइल भी देखी। एसआईटी के सामने बिकरू गांव के लोगों ने भी उसके आतंक की कहानी बताई। वहीं चौबेपुर थाने पहुंच कर एसआईटी ने पुलिस हत्याकांड से जुड़ी सभी जानकारियां हासिल कीं। इसके बाद सर्किट हाउस पहुंच कर पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की और बयान दर्ज किए।

जानी उस रात की हकीकत

स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम में शामिल एसीएस संजय भूसरेड्डी, एडीजी हरिराम शर्मा, डीआईजी जे रवींद्र गौड़ दोपहर 12 बजे बिकरू गांव पहुंची। इस दौरान टीम सबसे पहले उस घर में गई, जहां सीओ देवेंद्र सिंह, एसओ मुकेश यादव और दरोगा अनूप कुमार की हत्या हुई थी। टीम ने घरवालों से पूछताछ भी की। इसके बाद उस घर के पीछे बने टूटे शौचालय को भी देखा जिसमें 5 पुलिस कर्मियों के शव पड़े थे। एडीजी ने एसएसपी से किन घरों से गोलियां चलीं, इसके बारे में जानकारी ली। एसएसपी दिनेश कुमार ने उन्हें पूरा क्राइम सीन समझाया। एसआईटी ने विकास दुबे के ढहाए गए घर को भी देखा। साथ की 16 गांववालों से पूछताछ की। इसके बाद टीम शिवली थाने रवाना हो गई।

कैसे नहीं मिली सजा?

शिवली थाने में एसआईटी ने दर्जा प्राप्त मंत्री संतोष शुक्ला की हत्या की फाइल देखी। थाने में हुई इस घटना के बाद भी विकास को सजा कैसे नहीं मिली। साथ ही कहा कि अब इस केस के भी हर पहलू को चेक किया जाएगा। एसआईटी ने नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष लल्लन बाजपेई को बुलवा कर उनसे विकास के साथ रंजिश के बारे में भी पड़ताल की। एसआईटी ने ताराचंद्र इंटर कालेज के प्रबंधक सिद्देश्वर पांडेय हत्याकांड को लेकर भी उनके बेटे समेत 6 लोगों से बंद कमरे में पूछताछ की। संतोष शुक्ला के भाई और सिद्धेश्वर पांडेय के बेटे को सर्किट हाउस बुला कर भी पूछताछ की गई।

पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ

शिवली के बाद एसआईटी चौबेपुर थाने गई। जहां सस्पेंड किए गए दरोगा कुंवर पाल और सिपाही राजीव से पूछताछ की गई। इस दौरान विकास दुबे और उसके गुर्गो पर दर्ज मुकदमों को लेकर जानकारी ली। साथ ही विकास और उसके गुर्गो को जारी शस्त्र लाइसेंस के बाबत भी जानकारी जुटाई। एसआईटी ने पुलिस हत्याकांड से जुड़े तमाम दस्तावेज भी थाने से लिए। इस दौरान डीएम डॉ.ब्रम्हदेव राम तिवारी, एसएसपी दिनेश कुमार पी भी मौजूद रहे।

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Posted By: Inextlive
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