एवरेज नंबर फार्मूले से स्टूडेंट नाखुश

Updated Date: Sun, 26 Jul 2020 12:30 PM (IST)

-सीबीएसई बोर्ड की और से जारी हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर 10वीं और 12वीं पास करने वाले स्टूडेंट्स कर रहे शिकायत

-फिजिक्स, मैथ्स और केमिस्ट्री के नंबर के आधार पर हिंदी व बिजनेस सब्जेक्ट में एवरेज नंबर दिए जाने पर जता रहे आपत्ति

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KANPUR: सीबीएसई का हाईस्कूल और इंटर का रिजल्ट जारी हो चुका है। कोविड महामारी के चलते जिन सब्जेक्ट के पेपर नहीं हो सके उनमें एक फार्मूले के आधार पर नंबर दिए गए। लेकिन, ये फॉर्मूला स्टूडेंट्स को पसंद नहीं आया है। वो एवरेज नंबर दिए जाने से खुश नहीं हैं। बोर्ड की ओर से जारी पोस्ट रिजल्ट काउंसिलिंग हेल्पलाइन पर फोन कर स्टूडेंट्स रिजल्ट से जुड़ी इस तरह की बातों के साथ ही प्रॉब्लम को शेयर कर रहे है। इनमें कानपुर के भी बड़ी संख्या में स्टूडेंट हैं। इनमें अधिकांश स्टूडेंट्स 80 से 85 परसेंट्स तक नंबर लाने वाले हैं। उनका मानना है कि अगर पेपर होते तो वो इससे कहीं ज्यादा माक्स लाते। स्टूडेंट मा‌र्क्स इंप्रूवमेंट का प्रॉसेस भी पूछ रहे हैं।

.तो मिलते ज्यादा नंबर

दरअसल नये फार्मूले के आधार पर इंटर कॉमर्स के स्टूडेंट्स को हिन्दी और बिजनेस स्टडी में दूसरे विषयों में मिले नंबर के औसत पर नम्बर दिये गये हैं। इसके बाद से ही इन स्टूडेंट्स को लगता था कि वह हिन्दी और बिजनेस में इससे ज्यादा नंबर ला सकते थे। ऐसे ही तमाम स्टूडेंट्स ने बोर्ड की पोस्ट रिजल्ट कांउसिलिंग हेल्पलाइन पर कॉल कर अपनी बात कहीं। तमाम ऐसे भी स्टूडेंट्स हैं जिनको बोर्ड एग्जाम में 70 से 75 परसेंट तक नंबर मिले हैं, उन्होंने हेल्पलाइन कॉल पर नम्बर सुधार की प्रक्रिया भी पूछी।

बॉक्स

सुबह 9 से शाम 5 बजे तक

पोस्ट रिजल्ट कांउसिलिंग हेल्पलाइन के टोल फ्री नम्बर 1800118004 पर स्टूडेंट्स लगातार अपनी समस्याएं बता रहे हैं। ये हेल्पलाइन सिर्फ हाईस्कूल और इंटर का एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स के लिए है। हेल्पलाइन पर 27 जुलाई तक सुबह 9 से शाम 5 बजे तक विशेषज्ञों की सलाह ली जा सकती है।

स्टूडेंट्स की शिकायतें

-उम्मीद से कम नंबर दिया जाना

-औसत नम्बर फार्मूले से नाखुशी

-पुनर्मूल्यांकन की प्रक्त्रिया क्या है

-रिजल्ट में सुधार, नंबर वेरीफिकेशन

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हेल्पलाइन पर स्टूडेंट्स की कांउसिलिंग की जा रही है। ज्यादातर स्टूडेंट्स औसत नंबर मिलने से नाखुश हैं। खास कर 12वीं में फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ्स के औसत के आधार पर हिन्दी के नम्बर दिये जाने पर स्टूडेंट खुश नहीं हैं। स्टूडेंट्स को नम्बर में इम्प्रूवमेंट का अवसर दिया जाएगा।

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बलविंदर सिंह, सिटी कोऑर्डिनेटर, सीबीएसई

Posted By: Inextlive
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