- फर्जी आईडी से ट्रेनों में दलाल कर रहे एडवांस बुकिंग

- शार्ट फार्म नेम पर करते टिकट बुक, पैसेंजर से लेते मुंहमांगे दाम

KANPUR। ट्रेनों में कंफर्म टिकट को लेकर मारामारी बनी रहती है। लेकिन कुछ लोगों ने ऐसा तोड़ निकाला है। जिससे उन्हें आसानी से कंफर्म टिकट मिल जाती है। पैसेंजर की उम्र भले ही 35 साल हो तो भी उम्र सीनियर सिटीजन में दिखा दी जाती है। चेकिंग में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। यह भी माना जा रहा है कि इन कंफर्म टिकट्स को बनवाने के पीछे अवैध ट्रैवल्स एजेंि1सयां हैं।

शार्ट नेम से कर रहे खेल

सिटी में रेल टिकट के ब्रोकर्स कोविड-19 के दौरान कम संख्या में ट्रेन चलने पर अलग-अलग कोटे की टिकटों में सेंधमारी में जुटे हैं। सूरत, मुंबई, अहमदाबाद जैसे व्यस्तम रूटों पर चलने वाली ट्रेनों में शार्ट फार्म नेम पर दर्जनों की संख्या में एडवांस बुकिंग कर ले रहे हैं। जो बाद में पैसेंजर को मुहमांगे दामों में बेच दी जाती हैं। ऐसे टिकट लेने वाले पैसेंजर को जर्नी के दौरान पकड़े जाने पर जुर्माना देना पड़ता है।

ट्रेनों में पकड़े जा रहे लोग

कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर कार्यरत टीटीई इंचार्ज के मुताबिक कोविड-19 के दौरान ट्रेनों में चेकिंग के दौरान काफी फर्जीवाड़ा पकड़ा जा रहा है। इसमें फर्जी सीनियर सिटीजन के कोटे की टिकट, फर्जी आधार कार्ड से शार्ट फार्म नेट पर टिकट की बुकिंग और फर्जी आईडी से तत्काल कोट की टिकटों की बुकिंग कराने के मामले में ट्रेनों में चेकिंग के दौरान पकड़े जा रहे हैं। कोविड 19 की वजह से ट्रेनों की संख्या कम होने पर पैसेंजर कंफर्म टिकट के चक्कर में ब्रोकर्स की चुंगल में आसानी से फंस रहे हैं।

दो महीने में आए 204 मामले

रेलवे आफिसर्स के मुताबिक, कानपुर सेंट्रल स्टेशन के टीटीई स्टाफ ने दो महीने में सिर्फ 204 केस ऐसे

पकड़े हैं। ट्रेनों में चेकिंग के दौरान पैसेंजर की आईडी मेल न खाने और आधार कार्ड के आधार पर उम्र मेल न खाने पर पूछताछ की जाती है तो जानकारी मिलती है कि उन्होंने ब्रोकर्स से टिकट खरीदा था।

आंकड़े

- 204 टोटल केस अक्टूबर और नवंबर में पकड़े गए

- 98 केस ऐसे सिर्फ अक्टूबर में पकड़े गए हैं

- 27 केस सीनियर सिटीजन कोटे की बर्थ उम्र बढ़ा कर लेने के हैं

- 43 केस शार्ट फार्म नेम पर फर्जी आईडी से बनवाने के मामले

- 70 से अधिक केस फर्जी आईडी के आधार पर तत्काल टिकट के विभिन्न ट्रेनों में पकड़े गए

''पैसेंजर्स कंफर्म टिकट के चक्कर में दलालों के झांसे में फंस जाते हैं। कोरोना काल होने से ट्रेनें कम चल रही हैं। मुंबई, सूरत, अहमदाबाद रूट में ऐसे केस अधिक पकड़े गए हैं। ऐसे केस कम करने के लिए आरपीएफ लगातार अभियान चला रही है.''

अमित मालवीय, पीआरओ, प्रयागराज डिवीजन

Posted By: Inextlive