एक्सेसरीज से प्यार बना रहा बर्निग कार

Updated Date: Sun, 03 Jan 2021 09:42 AM (IST)

- वायरिंग पर लोड बढ़ने पर लगती है आग

- हूटर, हार्न और तेज लाइट बढ़ने के चलते ओरिजनल वायरिंग से लोग करते हैं छेड़छाड़

- पॉवर कट के लिए डिवाइस और रिले लगाने से बच सकता है हादसा

LUCKNOW : पिछले करीब दो माह में एक दर्जन से ज्यादा चलती गाडि़यों में आग लग गई। हादसे में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की जलकर मौत हो गई। मामले की तफ्तीश में सामने आया कि गाडि़यों में मानक से अधिक हार्न, लाइट और अधिक एक्सेसरीज अहम वजह है। ऑटो एक्सपर्ट का मानना है कि गाडि़यों में कंपनी मानक के अनुसार वायरिंग करती है। वहीं एस्ट्रा फीचर के चलते वायरिंग पर लोड बढ़ता है और हादसे का डर बना रहता है। लोड बढ़ने पर वायरिंग में हीट होने पर शार्ट सर्किट से आग लग जाती है।

इसलिए लगती है आग

सीएफओ विजय कुमार सिंह ने बताया कि कार में आग लगने के तीन मुख्य कारण हैं।

- फ्यूल

- गैस लीकेज

- शार्ट सर्किट

ऐसे बचें आग लगने के हादसे से

- समय-समय पर कराएं गाड़ी सर्विसिंग

- सर्विसिंग ऑथराइज्ड सेंटर से ही कराएं

- कंपनी के सर्विसिंग सेंटर पर मानक के अनुसार होता है काम

- गाड़ी में कंपनी से ही लगवाएं सीएनजी किट

- गाड़ी में कभी भी एलपीजी सिलिंडर न लगवाएं।

सीएनजी गाड़ी में आग की है यह वजह

- गाड़ी में फ्यूल खत्म होने पर सीएनजी मोड पर कर देते हैं।

- सीएनजी खत्म होने पर चलते चलते ही पेट्रोल मोड पर लगा देते हैं।

- ऐसा करने पर कभी-कभी आग लग जाती है

यह है सही यूज

- पहले सीएनजी खत्म होने पर गाड़ी को धीमा करके रोके

- फिर उसे पेट्रोल मोड में लगाकर स्टार्ट करके चलाएं।

आग लगने पर ऐसे करें बचाव

- आग अगर स्टेयरिंग के निचले हिस्से में लगी तो पहले गाड़ी को साइड करें

- बोनट खोलकर बैटरी के तार खोल देना चाहिए

- गाड़ी में रखे फायर एक्सटिंग्विशर्स से आग बुझानी चाहिए

- गाड़ी में फायर एक्सटिंग्विशर्स जरूर रखें

- समय समय पर उसे चेक भी करतें रहें।

- फ्यूल के रिसाव से आग लगने पर तत्काल गाड़ी से बाहर निकलें

- बिना देर किये फायर ब्रिगेड को सूचना दें।

वायरिंग पर बढ़ता है लोड

हाईटेक मोटर्स के डायरेक्टर मुजीबुर्रहमान ने बताया कि लोग अपनी गाडि़यों में हेड लाइट में रोशनी को बढ़ाने के लिए एक्सट्रा लोड बढ़ाते है। कंपनी गाड़ी में 55 से 60 वॉट का बल्ब लगाती है जबकि एक्सट्रा रोशनी के लिए लोग 100 से 130 वॉट का बल्ब लगाते हैं। इससे वायरिंग ज्यादा जल्दी हीट होती है। आग लगने की सबसे बढ़ी वजह यह भी है। इसी तरह गाड़ी में हूटर, डबल हार्न लगाने से भी वायरिंग पर लोड पड़ता है।

इसलिए लॉक होती है गाड़ी

हाईटेक मोटर्स के डायरेक्टर ने बताया कि कंपनी जो सेंटर लॉक लगाती है वह कभी लॉक नहीं होती है। अगर गाड़ी में वायरिंग से छेड़छाड़ की जाती है या फिर लोकल लॉक लगाया जाता है तो वायरिंग पर लोड पर पड़ते ही उसका कनेक्शन लॉक से कट जाता है और गाड़ी लॉक हो जाती है। इसके बाद गाड़ी को अंदर से खोल नहीं सकते हैं।

इसका कर सकते हैं यूज

अगर आप ने वायरिंग से छेड़छाड़ की है या फिर एक्सट्रा एक्सेसरीज लगाई है तो गाड़ी में एम्प्लीफायर से लोड कम किया जा सकता है। उसमें डिवाइस या रिले लगा सकते हैं। इससे वायरिंग हीट होने पर पवार कट जाएगा और शार्ट सर्किट होने पर भी आग नहीं लगेगी।

इसका भी रखें विशेष ध्यान

अगर कार चलाते समय एकाएक तार में स्पार्किंग या जरा सी भी गंध आए तो चालक को तत्काल गाड़ी रोककर किनारे करनी चाहिए। सबसे पहले खुद और साथ में बैठे लोगों को सुरक्षित उतार लेना चाहिए। दरअसल, अगर घबराकर स्टेयरिंग से नियंत्रण खो दिया तो गाड़ी कहीं भिड़ सकती है।

एक माह में हुए हादसों पर एक नजर

- 31 दिसंबर को विभूतिखंड स्थित शहीद पथ पर वैगनआर कार में लगी आग

- 31 दिसंबर को लखनऊ एक्सप्रेस वे पर मथुरा से लौट रहे कपल की डिजायर गाड़ी में आग लगी, महिला की जलकर मौत

- 23 दिसंबर को एक्सप्रेस वे पर डिजायर गाड़ी कंटेनर से भिड़ंत के बाद लॉक हो गई, आग से पांच जिंदा जले

- 21 दिसंबर को 1090 चौराहे पर चलती लक्जरी कार में लगी आग।

- 17 दिसंबर को बंथरा में तीन स्कैनिया बसों में लगी आग।

- 08 दिसंबर को गोमतीनगर लोहिया पुल पर फाच्र्युनर में लगी आग

- 28 नवंबर को पॉलीटेक्निक चौराहे पर बाइक में एकाएक लगी आग

- 23 नवंबर को ठाकुरगंज के बालागंज में सड़क पर खड़ी कार में एकाएक लग गई आग

- 22 नवंबर को ठाकुरगंज में हरदोई रोड पर सफारी कार में लगी आग

कोट

फोर व्हीलर और टू व्हीलर कोई भी गाड़ी कंपनी से निकली है वह हाईली टेस्टिंग के बाद निकली है। अपने व्हीकल में लोग एडिशनल एसेसरीज लगाते है। जिसमें वायरिंग सपोर्ट नहीं करती है और शार्ट सर्किट का डर ज्यादा होता है। वायरिंग शॉट होने पर सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम आटोमैटिक लॉक हो जाता है। कई बार गाड़ी में म्यूजिक सिस्टम, हूटर, डबल हार्न, लाइट्स लगाते है। कंपनी से निकले वाली गाड़ी मानक के अनुसार वायरिंग देती है और एडिशनल एसेसरीज के चलते लोड बढ़ने से यह हादसे होते हैं।

-मधुकर, ऑटो एक्सपर्ट

Posted By: Inextlive
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