दस लाख में बैंक का पीओ और आठ लाख में बनाते थे क्लर्क

Updated Date: Wed, 11 Nov 2020 09:40 AM (IST)

- फर्जी ज्वॉइनिंग लेटर समेत अन्य दस्तावेज बरामद

- कमिश्नर ने पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी

LUCKNOW: दस लाख में पंजाब नेशनल बैंक का पीओ और आठ लाख में क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है। मडि़यांव पुलिस और क्राइम ब्रांच ने चार जालसाजों को अरेस्ट किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी 31 ज्वॉइनिंग लेटर, 26 ऑर्डर लेटर, एक हिसाब किताब वाली डायरी अन्य दस्तावेज बरामद किया है। इसके अलावा आरोपियों के बैंक अकाउंट में जमा करीब 25 लाख रुपये भी सीज किये हैं। वहीं पुलिस कमिश्नर ने मामले का खुलासा करने वाली टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

8 लाख रुपये में किया था सौदा

एडीसीपी नॉर्थ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि फैजुल्लागंज के अशोक कुमार पुलिस डिपार्टमेंट से रिटायर हैं। अशोक के मुताबिक मूलरूप से देवरिया के राजकुमार यादव और राजेश प्रसाद ने उनके बेटे नीलेश कुमार को पंजाब नेशनल बैंक में क्लर्क की नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। इसके लिए आरोपियों ने आठ लाख रुपये का खर्च आने की बात बताई थी। इस पर अशोक उनके झांसे में आकर बेटे के उज्जवल भविष्य को देखते हुए आरोपियों को बतौर एडवांस 2.35 लाख रुपये थमा दिये।

फर्जी ज्वॉइनिंग लेटर भी थमा दिया

आरोपियों ने नीलेश का फर्जी ज्वॉइनिंग लेटर थमा दिया। बैंक जाने पर जालसाजी का पता चलने पर पीडि़त अशोक ने पांच नवंबर को मडि़यांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए मडि़यांव पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच को अलर्ट किया गया। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर देवरिया निवासी राजकुमार यादव, राजेश प्रसाद व अतरौली गांव थाना मोहनलालगंज निवासी चंदन कुमार और आजमगढ़ के गुलाब चंद्र को गिरफ्तार कर लिया।

हाईस्कूल फेल खुद को बताता था बैंक का जीएम

एसीपी अलीगंज अखिलेश सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि आरोपी राजकुमार पूरे गिरोह का सरगना है। वह हाईस्कूल फेल होने के बावजूद खुद को पंजाब नेशनल बैंक का जीएम बताता था। उसकी बातों में आकर लोग आसानी से शिकार हो जाते थे। वहीं राजेश प्रसाद ने इंटरमीडिएट, चंदन कुमार आईटीआई और गुलाब चंद्र ने इंटर तक की पढ़ाई की है।

करीब 40 बेरोजगारों से ठगी करने का खुलासा

इंस्पेक्टर मडि़यांव विपिन कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी करीब चार साल से गोरखधंधे में लगे हुए थे। पुलिस की अब तक कि पड़ताल में करीब 40 बेरोजगारों को ठगने का मामला सामने आया है। अन्य पीडि़तों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।

प्रिंटिंग प्रेस मालिक की भी होगी गिरफ्तारी

एडीसीपी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी आलमबाग के एक प्रिंटिंग प्रेस से फर्जी ज्वॉइनिंग लेटर समेत अन्य दस्तावेज प्रिंट कराते थे। आरोपियों के पकड़े जाने की भनक लगते ही प्रिंटिंग प्रेस का मालिक और मैनेजर फरार हो गए। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

Posted By: Inextlive
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