एक ओर जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ओमिक्रॉन के खतरे से निपटने के लिए सख्ती से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया है। वे रोज अधिकारियों के साथ इस आशंकित आपदा से निपटने की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर राजधानी के वीआईपी अस्पताल में शामिल सिविल अस्पताल में कोविड नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां सिर्फ कोविड नियमों का पालन करने का अनाउंसमेंट करके जिम्मेदार अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। यही नहीं यहां के अधिकारी किस तरह गंभीर हैं इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि सीएम ने यहां निरीक्षण के दौरान टाइल्स बदलवाने के निर्देश दिए थे जिसका आज तक पालन नहीं किया गया है।


लखनऊ (ब्यूरो)। सिविल अस्पताल में ओपीडी के बाहर कर्मचारी तो तैनात हैं लेकिन वह कोविड नियमों का उल्लंघन करने वालों को टोंकते तक नहीं हैं। लोग एक दूसरे से सटे लाइन में काफी देर तक खड़े रहते हैं। यही नहीं यहां आपको कई मरीज और तीमारदार तो बिना मास्क लगाए घूमते नजर आ जाएंगे। पैथोलाजी में लोगों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होते यहां नहीं नजर आता है।सीएम का आदेश भी नहीं मान रहे
गौरतलब है कि सीएम योगी आदित्यनाथ कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने जब सिविल अस्पताल गए थे तो उन्होंने यहां तत्कालीन निदेशक को खराब टाइल्स बदलवाने के आदेश दिए थे। बजट बनाकर इसका आदेश भी करा दिया गया था। निदेशक के रिटायर होने यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। चार माह बीत गए हैं लेकिन टाइल्स बदलने का काम शुरू नहीं हो सका है। जबकि इन खराब टाइल्स के चलते कई बार मरीज तक यहां गिर चुके हैं।

लोगों को अनाउंसमेट करके कोविड नियमों का पालन के लिए कहा जा रहा है लेकिन कोई मानता नहीं है। वहीं, छत का काम करवाने के साथ ही टाइल्स बदलने का काम जल्द शुरू हो जाएगा। डॉ एसके नंदा, कार्यवाहक निदेशक सिविल अस्पताल

Posted By: Inextlive