एलडीए की ओर से आईआईएम रोड से किसान पथ तक ग्रीन कारीडोर का निर्माण कराया जा रहा है। जिसकी कुल लंबाई 25 किमी के आसपास है। प्रोजेक्ट बड़ा है जिससे एलडीए की ओर से इसे फेज वाइज पूरा कराया जा रहा है।


लखनऊ (ब्यूरो)। एलडीए का ग्रीन कॉरीडोर प्रोजेक्ट एक तरफ जहां जाम की समस्या को दूर करेगा, वहीं दूसरी तरफ हवा की शुद्धता बरकरार रखने का भी काम करेगा। एलडीए की ओर से ग्रीन कारीडोर को लेकर कराई गई स्टडी में यह बात सामने आई है। हालांकि अभी स्टडी जारी है और कई अन्य बिंदुओं को लेकर भी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।गोमती किनारे डेवलप होगा प्रोजेक्ट


एलडीए की ओर से आईआईएम रोड से किसान पथ तक ग्रीन कारीडोर का निर्माण कराया जा रहा है। जिसकी कुल लंबाई 25 किमी के आसपास है। प्रोजेक्ट बड़ा है, जिससे एलडीए की ओर से इसे फेज वाइज पूरा कराया जा रहा है। पहले फेज आईआईएम रोड से हार्डिंग ब्रिज का डीपीआर फाइनल भी हो चुका है और दूसरे फेज हार्डिंग ब्रिज से पिपराघाट को लेकर भी काम शुरू कर दिया गया है। तीसरा फेज पिपराघाट से शहीद पथ और चौथा फेज शहीद पथ से किसान पथ तक शामिल है।कई बिंदुओं पर स्टडी

एलडीए की ओर से इसे लेकर कई बिंदुओं पर स्टडी कराई जा रही है। जिससे पता लगे कि कारीडोर बनने से लोगों को कितना फायदा होगा। हाल में ही एलडीए ने ईंधन खपत को लेकर स्टडी कराई गई है। यह स्टडी आईआईएम रोड से शहीद पथ तक की है। इसमें यह देखा गया है कि रोजाना कितने वाहनों का इस रूट पर मूवमेंट रहता है और ग्रीन कारीडोर बनने के बाद मूवमेंट और ईंधन खपत पर कितना असर आएगा।15 से 17 हजार वाहन गुजरेंगेआईआईएम रोड से 1090, शहीद पथ तथा किसान पथ तक जाने वाले वाहनों का लोड बहुत अधिक है। अलग-अलग मार्गों से घूमकर यहां तक जाना पड़ता है । कारिडोर बनने के बाद इससे रोज करीब 15 से 17 हजार वाहन गुजरेंगे।इस तरह कम होगी ईंधन खपत1- बार-बार ट्रैफिक सिग्नल्स पर गाड़ी नहीं रुकेगी2- कारीडोर में व्हीकल लोड का सामना नहीं करना पड़ेगा3- एक समान रफ्तार रहेगी, क्लच का यूज कम होगा4- घूमकर नहीं जाना पड़ेगा, सीधा रुट मिलेगा5- 3 से 4 किमी। की दूरी कम हो जाएगीइस तरह हवा रहेगी शुद्धजब वाहनों का पेट्रोल या डीजल कम जलेगा तो कार्बनडाई ऑक्साइड भी कम उत्सर्जित होगी। जिससे हवा भी शुद्ध रहेगी।इस तरह समझें2.3 किलो कार्बनडाईऑक्साइड निकलती है 1 ली। पेट्रोल जलने से2.6 किलो कार्बनडाई ऑक्साइड निकलती है 1 ली। डीजल जलने से

हवा में जितनी कम कार्बनडाई ऑक्साइड घुलेगी, उतना वातावरण शुद्ध रहेगा। जिसका लोगों को साफ हवा मिलेगी और लोगों के फेफड़े हेल्दी रहेंगे।-डॉ। एके गुप्ता, सीनियर चेस्ट स्पेश्लिस्टग्रीन कारीडोर को लेकर कई बिंदुओं पर स्टडी कराई जा रही है। इससे वाहनों में ईंधन की खपत तो कम होगी ही साथ ही कार्बनडाई ऑक्साइड भी कम उत्सर्जित होगी। जिससे हवा शुद्ध रहेगी।-इंदुशेखर सिंह, मुख्य अभियंता, एलडीए

Posted By: Inextlive