बिना वैक्सीन हाई एंटी बॉडी भी बेकार

Updated Date: Tue, 26 Jan 2021 04:40 PM (IST)

4 माह में खत्म हो जाती है नेचुरल एंटी बॉडी

1 साल तक सुरक्षित रह सकते हैं वैक्सीन लगवाने के बाद

- नेचुरल एंटी बॉडी एक समय बाद हो जाती है खत्म

- वैक्सीन लगने के कुछ समय के बाद बनाती है एंटी बॉडी

LUCKNOW: कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन शुरू हो चुका है। इसके बाद भी कई लोग यह कहकर वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं कि उनका एंटी बॉडी लेवल काफी हाई है और उन्हें वैक्सीन लगवाने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर इसे पूरी तरह गलत मान रहे हैं। उनका कहना है कि वैक्सीन का असर शुरू होने में कुछ समय लगता है, जबकि नेचुरल एंटी बॉडी तीन-चार माह में खत्म हो जाती है। ऐसे में लोग संक्रमण का शिकार हो सकते हैं। इसलिए वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है।

लंबे समय के लिए है वैक्सीन

केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की एचओडी प्रो। तूलिका चंद्रा ने बताया कि जो एंटी बॉडी मिल रही हैं वे स्पाइक एंटी बॉडी हैं। वैक्सीन एक तरह से प्रिवेंटिव वैक्सीन है, जिसे आप मरीजों को नहीं दे सकते हैं। वैक्सीन लंबे समय के लिए होती है जो धीरे-धीरे एंटी बॉडी बनाती है।

खत्म हो जाती हैं एंटीबॉडी

डॉ। तूलिका चंद्रा ने बताया कि हम लोग जो टेस्ट कर रहे हैं उसमें स्पाईक एंटी बॉडी मिल रही हैं। वहीं संक्रमण के तुरंत बाद प्रोटेक्टिव एंटी बॉडी मिलती हैं, जिसे प्लाज्मा थेरेपी में यूज किया जाता है। अगर आप में संक्रमण के बाद स्पाईक एंटी बॉडी हाई है तो भी उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। संक्रमण के बाद बनी एंटी बॉडी तीन-चार माह में खत्म हो जाती हैं। ऐसे में संक्रमण का दोबारा खतरा हो जाता है। वहीं वैक्सीन लगवाने के बाद आप छह माह से एक साल तक कोरोना से सुरक्षित रह सकते हैं।

बाक्स

वैक्सीन मृत्युदर कम करने के लिए

केजीएमयू की माइक्रोबॉयोलॉजी डिपार्टमेंट की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ। शीतल वर्मा ने बताया कि एंटी बॉडी टेस्ट एक्यूट इंफेक्शन के लिए नहीं होता है। सार्स-सीओवी-2 आईजीजी एंटी बॉडी टेस्ट के लिए एलाइजा टेस्ट 91-96 फीसद तक एक्यूरेट माना जाता है। वहीं रैपिड एंटी बॉडी टेस्ट 75-95 फीसद तक एक्यूरेट होता है। ऐसे में एंटीबॉडी हाई हो तब भी वैक्सीन लगवाना जरूरी है क्योंकि वैक्सीन मृत्युदर को कम करने के लिए है।

कोट

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए वैक्सीन बहुत जरूरी है। वैक्सीन लगवाने के बाद आप एक साल तक कोरोना से सुरक्षित रह सकते हैं।

डॉ। तूलिका चंद्रा, एचओडी, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग, केजीएमयू

अगर एंटी बॉडी हाई है तब भी वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है। वैक्सीन मृत्युदर कम करने के लिए है।

डॉ। शीतल वर्मा, माइक्रोबॉयोलॉजी डिपार्टमेंट, केजीएमयू

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.