लखनऊ यूनिवर्सिटी ने चुनौती मूल्यांकन की नई व्यवस्था लागू की

Updated Date: Mon, 04 Jan 2021 10:42 AM (IST)

- अंकों में बदलाव होने पर परीक्षक के खिलाफ लिया जाएगा एक्शन

LUCKNOW : लखनऊ यूनिवर्सिटी ने चुनौती मूल्यांकन की नई व्यवस्था को लागू कर दिया है। दो चरण में होने वाली इस प्रक्रिया में पहले चरण में स्कैन कॉपी दिखाई जाएगी और दूसरे चरण में परीक्षक दोबारा कॉपी का मूल्यांकन करेंगे। इस संबंध में परीक्षा विभाग की ओर से सभी डिग्री कॉलेजों के प्रिंसिपल को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

राज भवन से आया था आदेश

राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता ने 26 नवंबर को सभी यूनिवर्सिटी के वीसी को लेटर लिखकर चुनौती मूल्यांकन की नई व्यवस्था लागू करने को कहा था। जिस पर एलयू ने इस व्यवस्था को लागू कर दिया है। नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स रिजल्ट जारी होने के 30 दिन के अंदर चुनौती मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। स्कैन कॉपी देखने के लिए उन्हें 300 रुपए जमा करने होंगे।

कर सकते हैं चैलेंज

ऑनलाइन कॉपी देखने के बाद स्टूडेंट अगर नंबरों से संतुष्ट नहीं है तो वह फिर से मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकता है। हालांकि यह आवेदन उसे रिजल्ट जारी होने के 45 दिन के अंदर करना होगा। इसके लिए उसे प्रति सब्जेक्ट के हिसाब से फीस जमा करनी होगी। यह फीस कितनी होगी, यह अभी तय नहीं किया गया है। सूत्रों का कहना है कि यह फीस 25 सौ रुपए प्रति सब्जेक्ट हो सकती है।

इस प्रक्रिया से होगा मूल्याकंन

चुनौती मूल्यांकन के दूसरे चरण में हर प्रश्नपत्र के लिए कम से कम चार विषय विशेषज्ञों या परीक्षकों का एक पैनल विभाग के माध्यम से बनाया जाएगा। इनमें से किन्हीं दो परीक्षकों द्वारा कॉपी का मूल्यांकन किया जाएगा। पहले मूल परीक्षक द्वारा दिए गए नंबरों को छिपा लिया जाएगा। बाद में पहले और बाद में दिए गए नंबरों का औसत निकाला जाएगा और यही अंक स्टूडेंट को दिए जाएंगे। यदि औसत और मूल अंक में 20 फीसद से ज्यादा का अंतर हुआ तो स्टूडेंट से जमा कराए गए पैसे में से कुछ वापस भी कर दिए जाएंगे।

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परीक्षक को मिलेगी प्रतिकूल प्रविष्टि

अंकों में 20 फीसद से अधिक का बदलाव आने पर मूल परीक्षक को नोटिस भेजी जाएगी और अगर किसी परीक्षक के ऐसे तीन मामले सामने आते हैं तो उसका मूल्यांकन पारिश्रमिक रोक दिया जाएगा। वहीं पांच से अधिक मामले सामने आने पर परीक्षक को कम से कम दो साल के लिए डिबार कर दिया जाएगा। वहीं 10 से अधिक मामले सामने आने पर परीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की जाएगी।

कोट

इस सेमेस्टर से स्टूडेंट्स को नई व्यवस्था का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। चैलेंज मूल्यांकन का प्रस्ताव जल्द कॉलेजों को भेज दिया जाएगा।

डॉ। आलोक कुमार राय, वीसी, एलयू

Posted By: Inextlive
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