इंस्टीट्यूट आफ न्यू एवं रिन्यूएबल एनर्जी की निदेशिका डॉ. ज्योत्सना सिंह ने किसानों को सोलर वाटर पंप लगवाने की सलाह दी और कहा कि सोलर वाटर पंप की तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए हर 15 किमी पर दो स्टूडेंट्स को नियुक्त किया है।


लखनऊ (ब्यूरो)। लखनऊ यूनिवर्सिटी का राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों से सीधा नाता जुड़ गया है। संडे को प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत मार्ग प्रकाश, सोलर पैनल जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पूरी जानकारी लेकर वीसी आलोक कुमार राय किसानों के बीच पहुंचे। इस दौरान कृषि निदेशालय के उप निदेशक एके मिश्रा ने किसानों को आमदनी बढ़ाने और बिजली की खपत शून्य करने के लिए सौर ऊर्जा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। यूपीनेडा के प्रोजेक्ट आफिसर राकेश अग्रवाल ने सौर ऊर्जा के माध्यम से स्वावलंबी बनने का मार्ग प्रशस्त किया।सोलर वाटर पंप से होगा फायदाइंस्टीट्यूट आफ न्यू एवं रिन्यूएबल एनर्जी की निदेशिका डॉ। ज्योत्सना सिंह ने किसानों को सोलर वाटर पंप लगवाने की सलाह दी और कहा कि सोलर वाटर पंप की तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए हर 15 किमी पर दो स्टूडेंट्स को नियुक्त किया है।करीब आए यूनिवर्सिटी और गांव
इस मौके पर यूनिवर्सिटी की डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर पूनम टंडन ने इस कार्यक्रम को यूनिवर्सिटी तथा गांव के मध्य अंतर को कम करने वाला बताया। ग्रामीण युवाओं को संबोधित करते हुए यूनिवर्सिटी में चलने वाले विभिन्न उपयोगी कार्यक्रमों से भी अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में फाइव एचपी के सौर चलित नलकूप के निर्बाध क्रियान्वयन एवं रखरखाव के लिए आवश्यक निर्देशों से किसानों को अवगत कराया।इन गांवों में दी जानकारी- उमरभारी- मुबारकपुर- पल्लहरी- फरुखाबादनोट- सभी गांव बक्शी का तालाब एरिया के हैं।

Posted By: Inextlive