तीन हजार से ज्यादा शिक्षक एक ही पैन नंबर पर ले रहे थे सैलरी

Updated Date: Thu, 02 Jul 2020 11:36 AM (IST)

- अनामिका शुक्ला केस की जांच के बीच यूपी एसटीएफ का बड़ा खुलासा

- फर्जी शिक्षकों द्वारा अब तक सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाने की आशंका

LUCKNOW: कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला केस के बाद शुरू हुई यूपी एसटीएफ की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि बेसिक शिक्षा विभाग में हजारों शिक्षक फर्जी सर्टिफिकेट व मार्कशीट के आधार पर नौकरी कर रहे हैं। इतना ही नहीं, यह शिक्षक एक ही पैन नंबर पर सैलरी भी ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि ऐसे शिक्षकों की संख्या तीन हजार से ज्यादा है। बताया जा रहा है कि इन फर्जी शिक्षकों ने अब तक सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है।

बड़े पैमाने पर हुइर् धांधली

आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि इस फर्जीवाड़े की जांच एसटीएफ कर रही है। अब तक के खुलासे में फर्जी डिग्री, मार्कशीट व सर्टिफिकेट के साथ ही फर्जी पैन नंबर का इस्तेमाल भी बड़े पैमाने पर किया गया है। उन्होंने बताया कि अनामिका शुक्ला केस में अरेस्टिंग की खबरें मीडिया में प्रकाशित होने के बाद यकायक कई शिक्षकों ने अपने पैन नंबर बदल लिये। उन्होंने बताया कि जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उसके मुताबिक बड़े पैमाने पर धांधली सामने अाई है।

नोटिस पहुंचने पर खुलासा

जिस पैन नंबर पर हजारों शिक्षक अब तक सैलरी उठा रहे थे, उसके इनकम टैक्स रिटर्न में इस इनकम का जिक्र नहीं था। इनकम और रिटर्न में भारी अंतर देख इनकम टैक्स अधिकारियों के कान खड़े हो गए। इस पर जब इनकम टैक्स विभाग ने उसे नोटिस इश्यू किया तो इस फर्जीवाड़े का पता चला। आईजी अमिताभ यश ने बताया कि पैन कार्ड बदलने वाले शिक्षकों की जांच एसटीएफ ने शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग से पैन नंबर बदलवाने वाले शिक्षकों की लिस्ट मांगी गई है। उन्होंने बताया कि कुछ शिक्षक ऐसे हो सकते हैं, जिनका ह्यूमन एरर की वजह से नंबर गलत हो सकता है लेकिन, ऐसे शिक्षकों की संख्या हजारों में है लिहाजा, इन सभी के साथ संयोग नहीं हो सकता।

बॉक्स

पहले भी पकड़े जा चुके हैं फर्जी शिक्षक

फर्जी मार्कशीट व अन्य दस्तावेजों के नाम पर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी के फर्जीवाड़े का यूपी एसटीएफ पहले भी खुलासा कर चुकी है। एसटीएफ ने जून 2018 में मथुरा में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी लगवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 16 जालसाजों को अरेस्ट किया था। इन जालसाजों में बीएसए कार्यालय के क्लर्क व कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल थे। जांच में पता चला था कि जिले में 107 पदों पर ऐसे फर्जी शिक्षकों को नियुक्ति दे दी गई, जिनके दस्तावेज फर्जी थे व फिर उनके नाम ही भर्ती लिस्ट में नहीं थे। इस खुलासे के बाद शासन ने सभी जिलों में एक कमेटी बनाकर शिक्षकों के दस्तावेज जांचने और उनका सत्यापन करने का अभियान शुरू किया था। इस अभियान में कई जिलों में ऐसे शिक्षकों के काम करने का खुलासा हुआ था।

वर्जन

बेसिक शिक्षा विभाग से ऐसे शिक्षकों की लिस्ट मांगी गई है जिनके पैन नंबर एक हैं या फिर उन्होंने हाल ही में अपने पैन नंबर बदले हैं।

- अमिताभ यश, आईजी, एसटीएफ

Posted By: Inextlive
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