वन ट्रेड वन टैक्स की उम्मीद, इंकमटैक्स जीएसटी में मिले राहत

Updated Date: Tue, 26 Jan 2021 09:40 AM (IST)

- एक फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट को लेकर व्यापारियों की खासी उम्मीदें

- ऑनलाइन बिजनेस में प्रतिबंध लगाए जाने की प्रमुख मांग

LUCKNOWएक फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट को लेकर व्यापारी वर्ग को खासी उम्मीदें हैं। कोरोना काल में बेहद विषम परिस्थितियों का सामना कर रहे व्यापारी वर्ग का मानना है कि बजट में वन ट्रेड वन टैक्स को लागू होने के साथ ही इंकम टैक्स और जीएसटी में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही व्यापारी वर्ग को यह भी उम्मीद है कि ऑनलाइन बिजनेस पर कुछ प्रतिबंध लगाए जाएंगे, जिससे ऑफ लाइन बिजनेस सेक्टर से जुड़े व्यापारियों को राहत मिलेगी। हालांकि व्यापारियों की उम्मीदों को कितने पंख लगेंगे, यह तस्वीर तो बजट के सामने आने के बाद ही साफ होगी।

वन ट्रेड वन टैक्स पर खास फोकस

व्यापारी वर्ग का वन ट्रेड वन टैक्स पर खास फोकस है। व्यापारी वर्ग का मानना है कि अगर यह व्यवस्था लागू हो जाती है तो निश्चित रूप से हर सेक्टर से जुड़े व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही टैक्स में सामने आने वाली अनियमितताएं दूर हो सकेंगी।

न लगे अतिरिक्त चार्ज

व्यापारी वर्ग को यह भी उम्मीद है कि इंकम टैक्स और जीएसटी में सरलीकरण किया जाएगा। इससे टैक्स को लेकर मन में कोई ऊहापोह की स्थिति नहीं रहेगी। व्यापारियों की यह भी मांग है कि अगर कोई व्यापारी इंकम टैक्स या जीएसटी फाइल करने में निर्धारित समय से अतिरिक्त समय लेता है तो उस पर कोई सरचार्ज न लगाया जाए।

व्यापारिक क्षेत्र में स्टेबिलिटी

व्यापारी वर्ग का यह भी मानना है कि कोरोना काल के कारण मार्केट में रोज अप एंड डाउन देखने को मिल रहा है। इसकी वजह से वे लोग अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। बजट में इस बात का जरूर ध्यान रखा जाए कि ऐसे कदम उठाए जाएं, जिससे व्यापार क्षेत्र में स्टेबिलिटी आ सके।

ये हैं प्रमुख उम्मीदें

1-व्यापारी दुर्घटना बीमा की राशि 20 लाख की जाए

2-बिजली बिल के फिक्स्ड चार्ज में राहत मिले

3-ऑनलाइन बिजनेस को प्रतिबंधों के दायरे में लाया जाए

4-ई-कॉमर्स पॉलिसी लागू हो

5-व्यापारियों को विशेष राहत पैकेज मिले

6-दो करोड़ तक का ऋण बिना सिक्योरिटी मिले

7-रिटेल सेक्टर में चरणबद्ध तरीके से एफडीआई को कम किया जाए

बोले व्यापारी

लॉकडाउन के बाद व्यापारियों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। व्यापारियों की अपेक्षाएं हैं कि बजट से उन्हें राहत मिलेगी। ई कॉमर्स के कारण रिटेल सेक्टर बुरी तरह प्रभावित है, ऐसे में इस दिशा में पॉलिसी लागू करनी चाहिए।

संजय गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष, उप्र आदर्श व्यापार मंडल

ऑनलाइन बिजनेस को बंद तो नहीं किया जा सकता है, लेकिन इतना जरूर है कि इस सेक्टर को कुछ प्रतिबंधों के दायरे में लाया जाए। इससे ऑफलाइन सेक्टर के व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। टैक्स में भी राहत दी जाए।

देवेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष, भूतनाथ व्यापार मंडल

वन ट्रेड वन टैक्स को लागू किया जाए। इसके साथ ही बिजली बिल के फिक्स्ड चार्ज में राहत दी जाए। जीएसटी और इंकम टैक्स फाइल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। वहीं दुर्घटना बीमा योजना की राशि को बढ़ाया जाए।

पवन मनोचा, अध्यक्ष, नाका परिक्षेत्र व्यापार मंडल

लॉकडाउन के बाद व्यापार क्षेत्र में स्थिरता नहीं दिख रही है। कभी बाजार उठता है तो कभी डाउन हो जाता है। जिसकी वजह से व्यापारी परेशान हैं। व्यापार क्षेत्र में स्टेबिलिटी आए, इसको लेकर कदम जरुर उठाए जाएं।

विनोद अग्रवाल, संयोजक, अमीनाबाद व्यापार संघर्ष समिति

बिजली बिल (कॉमर्शियल) के फिक्स्ड चार्ज में राहत दी जाए। इसके साथ ही जीएसटी फाइल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। अगर कोई समय से टैक्स फाइल न कर सके तो उस पर कोई सरचार्ज न लगाया जाए।

राजेश सोनी, अध्यक्ष, आदर्श व्यापारी एसोसिएशन

Posted By: Inextlive
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