जिस उद्देश्य से ट्रांस जेंडर हेल्प डेस्क बनाई गई थी उससे पूरी तरह सफल होते नहीं दिख रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन माह में मात्र एक शिकायत आई है। जबकि आए दिन एरिया विवाद या पैसों को लेकर थर्ड जेंडर में मारपीट की घटनाएं सामने आती रहती हैं।


लखनऊ (ब्यूरो)। तेलंगाना के बाद देश में दूसरी और उत्तर प्रदेश में पहली ट्रांसजेंडर हेल्प डेस्क में तीन महीने में मात्र एक शिकायत आई है। 15 जुलाई 2022 को हेल्प डेस्क का उद्घाटन कैसरबाग कोतवाली में किया गया था। प्रदेश के हर थाने में जिस तरह महिला हेल्प डेस्क संचालित की जा रही है, उसी तरह ट्रांसजेंडर हेल्प डेस्क भी बनाई गई। हालांकि पहले हर थाना मेें ट्रांसजेंडर सेल बनाया जाना था लेकिन अब हर जिले के एक थाने में यह सेल बनाई जाएगी।सिपाही तैनात हैंकैसरबाग कोतवाली में खुले इस ट्रांसजेंडर पुलिस हेल्प डेस्क पर एक सब इंस्पेक्टर और चार सिपाहियों का स्टाफ तैनात है। यह सेल इस उद्देश्य से बनाया गया है कि थर्ड जेंडर समुदाय को खुलकर अपनी बात हेल्प डेस्क के सामने रखने का मौका मिले। यहां शिकायत मिलते ही जांच शुरू कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है।सिर्फ एक शिकायत


जिस उद्देश्य से ट्रांस जेंडर हेल्प डेस्क बनाई गई थी उससे पूरी तरह सफल होते नहीं दिख रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन माह में मात्र एक शिकायत आई है। जबकि आए दिन एरिया विवाद या पैसों को लेकर थर्ड जेंडर में मारपीट की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

गूगल पर सीयूजी बन गया हेल्प लाइन नंबरथर्ड हेल्प डेस्क 24 घंटे के लिए है और समस्या के निस्तारण के लिए मोबाइल नंबर 94544038577839861094 पर पीडि़त शिकायत दर्ज कराने का भी नियम है। हालांकि इसका कोई अलग से हेल्प लाइन नंबर नहीं बनाया गया। गूगल पर अपडेट होने पर कैसरबाग कोतवाली का सीयूजी नंबर फ्लैश कर रहा है। जिसकी वजह से लखनऊ तो नहीं प्रदेश के दूसरों जिले से कई शिकायत आ रही हैं। इस हेल्प डेस्क पर ट्रांसजेंडर्स अपराध व प्रताडऩा से संबंधित हर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उनकी शिकायतों का निस्तारण कराया जाता है और बड़े अधिकारी उनकी मॉनीटरिंग भी करते हैं।

Posted By: Inextlive