गोमती नगर की एक ज्वैलरी शॉप में डकैती डालने की थी प्लानिंग

Updated Date: Thu, 28 Jan 2021 05:40 PM (IST)

- फन मॉल के पास ज्वैलरी शॉप में डकैती से पहले गैंग के तीन मेंबर्स अरेस्ट

- प्रयागराज के सुभाष चौक में एक ज्वैलरी शॉप व गोवा के कसीनो में भी करनी थी लूट

- विनय कुमार सिंह उर्फ सिंटू सिंह, सुहवल, गाजीपुर

- दिनेश निषाद, केराकत, जौनपुर

- शैलेंद्र कुमार मिश्र उर्फ बबलू मिश्र, चोलापुर, वाराणसी

LUCKNOW: यूपी एसटीएफ की लखनऊ यूनिट ने मुंबई की मीरा रोड पर दिन दहाड़े ज्वैलरी शॉप में डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को धर दबोचा। पूर्वाचल का गैंग फन मॉल के पास एक ज्वैलरी शॉप में वारदात की तैयारी में था। गैंग के निशाने पर प्रयागराज के सुभाष चौक स्थित ज्वैलरी शॉप के साथ-साथ गोवा का एक कसीनो भी था, जहां लूट और डकैती की वारदात को अंजाम देना था। लुटेरे पुलिस से लूटी सर्विस रिवाल्वर से डकैती और लूट की वारदात को अंजाम देते थे। एसटीएफ ने गैंग को चिनहट स्थित देवा रोड से गिरफ्तार किया है। सरगना समेत गैंग के तीन सदस्य एसटीएफ के हत्थे चढ़े हैं। उनके पास से आ‌र्म्स और भारी मात्रा में ज्वैलरी शॉप से लूटी ज्वैलरी के साथ कैश बरामद किया है।

मुंबई पुलिस ने मांगी थी मदद

मुंबई के मीरा रोड स्थित एस कुमार गोल्ड एंड डायमंड शॉप में 7 जनवरी को आधा दर्जन बदमाशों ने दिन दहाड़े डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। हथियारों से लैस बदमाशों ने शॉप के सभी सदस्य को बंधक बनाकर पिस्टल के बल पर डायमंड और गोल्ड ज्वैलरी की लूटपाट की थी। वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई थी। मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही थी। मुंबई पुलिस ने यूपी एसटीएफ से बदमाशों को पकड़ने के लिए मदद मांगी थी।

गोमती नगर में लूटना थी ज्वैलरी शॉप

सीओ एसटीएफ दीपक कुमार सिंह ने बताया कि गैंग के तीन सदस्य 27 जनवरी को गोमतीनगर स्थित फन मॉल के पास एक ज्वैलरी शॉप में वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। एसटीएफ ने उन्हें चिनहट के देवा रोड के पास से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए बदमाशों में गैंग का सरगना गाजीपुर सुहवल निवासी विनय कुमार सिंह उर्फ सिंटू सिंह, जौनपुर के केराकत निवासी दिनेश निषाद और वाराणसी के चोलापुर निवासी शैलेंद्र कुमार मिश्र उर्फ बबलू मिश्र हैं। उनके पास से मुंबई की ज्वैलरी शॉप से लूटी गई भारी मात्रा में ज्वैलरी, सवा पांच लाख रुपये स्मिथ एंड वेंस्सन की फैक्ट्री मेड .38 बोर की रिवाल्वर, 315 बोर का तमंचा और 38 बुलेट बरामद हुए हैं।

महानगरों में करते हैं वारदात

एसटीएफ एसएसपी विशाल विक्रम के अनुसार गैंग के सरगना विनय कुमार सिंह ने बताया कि पूर्वाचल के शैलेंद्र, दिनेश, संजीत, सोनू सिंह व अन्य साथियों के साथ मिलकर उसने मुंबई के मीरा रोड स्थित ज्वैलरी शॉप लूटी थी। इसके अलावा उसकी प्रयागराज में सुभाष चौक के पास एक ज्वैलरी शॉप के साथ गोवा में एक कसीनो को भी लूटने की प्लानिंग थी। गैंग ने कई वीभत्स घटनाओं का भी अंजाम दिया है। गैंग में पूर्वाचल के कई बड़े अपराधी शामिल हैं। गैंग कई महानगरों में लूट, डकैती और हत्या की वारदात को अंजाम दे चुका है।

मॉडस ऑपरेंडी

- गैंग के मेंबर्स किसी भी शहर में वारदात से पहले पूरा होमवर्क करते हैं।

- मसलन जिस स्पॉट पर वारदात को अंजाम देना है, वहां से पुलिस की पीआरवी वैन कितनी दूरी पर खड़ी रहती है

- लोकल थाने की पुलिस कितनी देरी में पहुंच सकती है, भागने के रास्ते और बैरीकेडिंग

- दुकान के खुलने व बंद होने के समय के साथ वहां की सिक्योरिटी की भी पूरी डिटेल

- पूरा मैप पेपर पर तैयार करने के बाद वारदात को देते अंजाम

- जरूरत पड़ने पर बाइक, ऑटो और साइकिल का भी यूज करते हैं।

- मुंबई लूट कांड में एक बदमाश साइकिल से मौके पर पहुंचा था और बाद में साइकिल छोड़ भागा।

पहले ग्राहक बनकर जाते हैं शॉप पर

एटीएफ के अनुसार पूर्वाचल का गैंग इतना शातिर है कि जिस शॉप पर वारदात करनी होती है वहां पहले ग्राहक बनकर खरीदारी करने जाते हैं। डेढ़ से दो लाख रुपये उस शॉप में इंवेस्ट करते हैं। ताकि यह पता चल सके कि महंगा सामान किस काउंटर में रखा जाता है। इसके अलावा वहां के गार्ड, चौकीदार व कर्मचारियों को चिन्हित कर उसके आस-पास किराए का मकान लेकर कुछ दिन रहते हैं और उनसे दोस्ती भी करते हैं। हालांकि वारदात में उनका यूज नहीं करते हैं, केवल रेकी के लिए उनकी मदद लेते हैं।

पिता की हत्या का बदला लेने के लिए बना अपराधी

पूर्वाचल के लुटेरे गैंग का सरगना विनय उर्फ सिंटू सिंह अपने पिता की हत्या का बदला लेने के बाद अपराध की दुनिया में आया और शातिर लुटेरा बन गया। विनय ने 1991 में अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए उदयीराम पर गोली चलाई थी, लेकिन वह उस समय बच गया था। जिसके बाद सिंटू सिंह ने 1993 में गांव के प्रेम प्रजापति की गोली मारकर हत्या कर दी थी और 1994 में उदयीराम की गाजीपुर कचहरी में गोली मारकर हत्या की थी। 1995 में भरतराम को जान से मारने के लिए गोली मारी थी। 2001 में गाजीपुर के सैदपुर कस्बे में सहकारी बैंक कर्मी से सरकारी पैसों की लूट की घटना को अंजाम दिया था। 2001 में ही वाराणसी के जैतपुर में जीवन बीमा के पैसों की लूट की थी। उस लूट में उसके साथ शामिल मनोज दुबे पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था।

कोट

हमारी टीम पूर्वाचल के एक गैैंग पर पहले से काम कर रही थी। यह गैंग मुंबई समेत कई बड़े महानगरों में वारदात को अंजाम देता था। तीन मेंबर अरेस्ट किए गए हैं। बाकी की तलाश जारी है।

- अमिताभ यश, एडीजी एसटीएफ

Posted By: Inextlive
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