एकेटीयू की लाइब्रेरी में 10 हजार से अधिक किताबें हैं। करीब 38 हजार ई-पुस्तकें और 2500 से ज्यादा प्रतिष्ठित प्रकाशकों की ई-पत्रिकाएं हैं।


लखनऊ (ब्यूरो)। एकेटीयू की सेंट्रल लाइब्रेरी में इंजीनियरिंग में हिंदी की किताबें जल्द ही उपलब्ध कराई जाएंगी। दरअसल, एकेटीयू ने स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए हिंदी में बीटेक कोर्स की शुरुआत की है। इस कोर्स में स्टूडेंट्स को मदद देने और हिंदी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए इस पर विचार किया जा रहा है। प्रवक्ता पवन कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कुलपति प्रो। आलोक कुमार राय ने इसके लिए तीन सदस्यीय एक समिति का गठन किया है। यह समिति हिंदी में इंजीनियरिंग की किताबों के लिए नियमावली बनाएगी।किताब का बढ़ रहा क्रेज


अमेरिका से मंगाई गई किताब से स्टूडेंट्स को नैनो साइंस की हर जानकारी मिल रही है। संस्थान के प्रवक्ता डॉ। पवन कुमार त्रिपाठी ने बताया कि लाइब्रेरी में अमेरिका से मंगाई गई 32 वैल्यूम की नैनो साइंस इनसाइक्लोपीडिया सबसे खास है। किताब को यहां के स्टूडेंट्स के साथ प्रदेश के अलग-अलग संस्थानों से शिक्षक और शोधार्थी और स्टूडेंट्स पढऩे आ रहे हैं।दो हजार से अधिक वैज्ञानिकों की मेहनत

संस्थान के लाइब्रेरियन राम कुमार पाठक ने बताया कि इस किताब में नैनो साइंस से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारियां स्टूडेंट्स को मिल जाती हैं चाहे वह नैनो बायोलॉजी हो या नैनो स्ट्रक्चर। नैनो मटीरियल से लेकर नैनो साइंस में काम कर रहे पीजी और पीएचडी स्टूडेंट्स के लिए बहुत फायदेमंद है। इस किताब को दुनिया भर के दो हजार से अधिक नैनो साइंस वैज्ञानिकों की रिसर्च से तैयार किया गया है।10 हजार से अधिक किताबेंएकेटीयू की लाइब्रेरी में 10 हजार से अधिक किताबें हैं। करीब 38 हजार ई-पुस्तकें और 2500 से ज्यादा प्रतिष्ठित प्रकाशकों की ई-पत्रिकाएं हैं। इनमें विज्ञान, इंजीनियरिंग, नैनो टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेकाटॉनिक्स, मैनुफैक्चरिंग, एनर्जी, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन की तमाम विश्वस्तरीय किताबें मौजूद हैं।

Posted By: Inextlive