Meerut : मुजफ्फरनगर में हुए दंगों ने मेरठ की फिजा में भी दहशत फैला दी है. जहां बीते रविवार को शहर की सड़कों से लेकर दुकानों पर अजीब सा सन्नाटा परसा रहा वहीं आज भी हालात कुछ ऐसे ही दिखाई दिए. शहर में पसरे इस सन्नाटे को स्वास्थ्य सेवाओं में भी साफ देखा गया.


जिला अस्पताल में हालप्यारे लाल शर्मा जिला अस्पताल में मरीजों की तादाद पिछले दो दिनों में काफी कम है। जहां हर रोज यहां की ओपीडी में 700 लोग आते हैं वहीं आज ये आंकड़ा 200 तक भी नहीं पहुंच पाया। आज पूरे दिन अस्पताल में सिर्फ इमरजेंसी वाले मामले ही आए। इसके अलावा लोगों ने घर से निकलने की जहमत ही नहीं की। अस्पताल की ओपीडी में मरीज ही नहीं आए और दवा काउंटर पर भी लाइन नहीं दिखाई दी।डफरिन अस्पताल का हालप्यारे लाल शर्मा जिला अस्पताल की तरह ही डफरिन में भी मरीजों की संख्या में कमी रही। रेगुलर रुटीन और ओपीडी में नए मरीज न के बराबर ही थे। पूरे दिन में चार इमरजेंसी केसेज डफरिन में पहुंचे। बाकी वहां भर्ती मरीजों की गिनती अलग है।मेडिकल कॉलेज का हाल
मेडिकल कॉलेज में हालात भी ऐसे ही दिखाई दिए। यहां हर रोज डेढ़ से दो हजार मरीज रोज आते-जाते हैं और सप्ताह के पहले दिन तो ये संख्या पार भी कर जाती है। मगर आज हालात इससे बिल्कुल उलट दिखाई दिए। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मुश्किल से डेढ़ सौ मरीज ही पहुंचे। मेडिकल कॉलेज नए मरीजों के मामले में सुनसान ही रहा और वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या में भी कोई खास इजाफा नहीं हुआ।प्राइवेट हॉस्पिटल्स में भीसरकारी अस्पतालों में ही नहीं प्राइवेट हॉस्टिपल्स और डॉक्टर्स के क्लीनिक्स पर भी मरीजों की खासी कमी देखी गई। मुजफ्फरनगर में हुए दंगे के बाद यहां भी लोगों ने दहशत के साथ ही इन दो दिनों को गुजारा। छुट्टी थी इसलिए बहुत जरूरी काम के लिए ही लोग घरों से बाहर निकलना पसंद कर रहे हैं।'लोगों को डर है कि कहीं यहां दंगा न हो जाए इसलिए अस्पताल में मरीजों की संख्या कम है.'-डॉ। प्रतिमा, कार्यभार सीएमएस'संडे को तो वैसे भी ओपीडी नहीं रहती और सोमवार को माहौल कुछ इस तरह का था कि कम ही मरीज हॉस्पिटल में आए.'-डॉ। रामेन्द्र सिंह, सीएमएस, पीएल शर्मा जिला अस्पताल

Posted By: Inextlive