नेताजी के आदर्शो को अपनाएं

Updated Date: Sun, 24 Jan 2016 02:10 AM (IST)

- सीसीएस यूनिवर्सिटी में साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद की ओर से नेताजी की जयंती मनाई गई

Meerut : शानिवार को सीसीएस यूनिवर्सिटी के साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद की ओर से राजनीति विज्ञान विभाग के हॉल में नेताजी सुभाष चंद्र जयंती के मौके पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय युवा प्रेरणा स्त्रोत नेताजी सुभाष चंद्र बोस रहा।

युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत

संगोष्ठी की अध्यक्षता कुलपति एनके तनेजा ने की। इस मौके पर नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके आदर्शो को ग्रहण करने की अपील की। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ। देशराज सिंह ने कहा कि नेताजी युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत हैं। उन्होंने आजाद हिंद फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से भारत की अस्थायी सरकार बनाई, जिसे जर्मनी, जापान, आयरलैंड आदि देशों ने मान्यता दी।

स्वतंत्रता में अतुलनीय योगदान

विशिष्ठ वक्ता प्रो। केके शर्मा ने बताया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का भारत को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान है। वे कांग्रेस में गरम दल के नेता थे। 1938 में कांग्रेस के 51 वें अधिवेशन में उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। मुख्य अतिथि डॉ। पूर्णिमा ढिल्लन ने कहा कि उनके ससुर कर्नल जीएस ढिल्लन नेताजी सुभाष चंद बोस के प्रमुख तीन व्यक्तियों में एक थे और उन्होंने जीवनभर संघर्ष किया। आजाद हिंद फौज ने भारत की स्वतंत्रता में अतुलनीय योगदान दिया। साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष प्रो। अर्चना शर्मा ने अतिथियों का परिचय कराया। समन्वयक प्रो। पीके मिश्रा ने सभी का धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ। योगेंद्र शर्मा ने किया। इस मौके पर प्रो। आराधना, प्रो। लोहनी, प्रो। दत्ता, डॉ। विजय जयसवाल, डॉ। डीके शर्मा, डॉ। नरेंद्र मोरल, डॉ। जयवीर राणा, प्रो। सत्यप्रकाश, डॉ। दिनेश कुमार, डॉ। धनपाल, प्रीति, गीता, दीपिका, सुमित भाटी, सरवेज, शिव कुमार मीणा आदि मौजूद रहे।

Posted By: Inextlive
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