लेटलतीफी से बढ़ेगी लागत

Updated Date: Sat, 17 Nov 2018 06:00 AM (IST)

4 हजार करोड़ बढ़ जाएगी आरआरटीएस की कॉस्ट

दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरीडोर पर दिल्ली सरकार का अड़ंगा, सराय काले खां जंक्शन पर फंसा पेंच

-एनसीआरटीसी ने लिखा दिल्ली सरकार को पत्र, योजना में देरी की वजह बना अप्रूवल से इनकार

Meerut : सरकार काले खां जंक्शन पर एलीवेटेड कॉरीडोर की मंजूरी से दिल्ली सरकार के इनकार के बाद आरआरटीएस पर पेंच फंसता नजर आ रहा है तो वहीं एनसीआरटीसी ने एक बार फिर दिल्ली सरकार को लेटर लिखा है। दिल्ली सरकार को दिए लेटर में एनसीआरटीसी ने कहा है कि यदि सराय काले खां पर अंडरग्राउंड स्टेशन बनाया गया तो ऑपरेशन और रखरखाव की लागत में 4 हजार करोड़ रुपए की वृद्धि होगी।

मंजूरी का इंतजार

एनसीआरटीसी के सीपीआरओ सुधीर कुमार शर्मा ने कहाकि एनसीआरटीसी की टीम निर्माण से पूर्व के कार्यो को सक्रिय रूप से अंजाम दे रही है। सराय काले खां टर्मिनल पर दिल्ली सरकार को एक ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट भेजा गया है। दिल्ली सरकार द्वारा एलीवेटेड ट्रैक को मंजूरी मिलने के बाद परियोजना गति पकड़ेगी।

दिल्ली सरकार को सौंपा ड्राफ्ट

नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने सराय काले खां पर एलीवेटेड कॉरीडोर की मंजूरी को रिजेक्ट करने के बाद दिल्ली सरकार को एक ड्रॉफ्ट डॉक्यूमेंट सौंपा है।

ड्रॉफ्ट डॉक्यूमेंट्स के बिंदु

-मेरठ-गाजियाबाद फ‌र्स्ट कॉरीडोर के निर्माण कार्य में देरी से हर माह 100 करोड़ रुपए से प्रोजेक्ट कॉस्ट मे बढ़ रहा है तो वहीं प्रोजेक्ट की लागत करीब 4 हजार करोड़ रुपए बढ़ जाएगी।

-दिल्ली एनसीआर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की हिस्सेदारी मौजूदा समय में 37 प्रतिशत है तो आरआरटीएस के बाद 63 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावनाएं हैं। इससे उम्मीद है कि सड़कों से वाहनों की भीड़ कम होगी और प्रदूषण घटेगा।

-प्रोजेक्ट में देरी से रोजाना 3.4 करोड़ रुपए कॉस्ट बढ़ रही है।

-82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरीडोर जिसकी अनुमानित लागत 31.902 करोड़ रुपए है, जो प्रोजेक्ट में देरी से बढ़ जाएगी जिससे केंद्र सरकार समेत यूपी और दिल्ली सरकार का शेयर भी बढ़ जाएगा।

-ऐसी किसी भी परियोजना के लिए लागत की सामान्य वृद्धि कम से कम 6 प्रतिवर्ष है जबकि प्रोजेक्ट के अटक जाने से यह कई गुना बढ़ा जाएगी।

-एनसीआरटीसी ने कहा कि वह कॉरीडोर के निर्माण से पहले की गतिविधियों-जैसे विस्तृत डिजाइन, तकनीकी सर्वेक्षण, भूमि खरीद, रोड बाइंडिंग पर काम शुरू कर चुके हैं।

Posted By: Inextlive
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