सहमति बनीं, फैसला टला

Updated Date: Wed, 15 Jan 2020 05:30 AM (IST)

कैंट बोर्ड की बैठक में मीडिया को दरकिनार कर की गोपनीय बैठक

सांसद, विधायक व सदस्यों ने कल तक टाला टोल का मुद्दा

दवा घोटाले समेत शराब और किराये आदि के मुद्दों पर हुई बहस

Meerut। कैंट बोर्ड द्वारा दिल्ली रोड पर शुरु किए गए एंट्री फीस प्वाइंट का विवाद मंगलवार को बोर्ड बैठक में भी निपट न सका। इस मुद्दे के चलते पहली बार कैंट बोर्ड की बैठक में सांसद राजेंद्र अग्रवाल समेत विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल और एडीएम तक शामिल हुए थे, लेकिन करीब पौने तीन घंटे की बैठक के बाद भी कैंट बोर्ड एंट्री प्वाइंट के मुद्दे पर निर्णय नहीं ले सका। यहां तक कि करीब 28 मुद्दों पर निर्णय के बाद जब एंट्री प्वाइंट का बिंदु आया तो कैंट बोर्ड सीईओ ने मीडिया को मीटिंग हाल से बाहर भेज दिया। इसके बाद भी अनिर्णय की स्थिति रही। आखिरकार कैंट बोर्ड ने एंट्री प्वाइंट पर निर्णय बुधवार की बैठक पर टाल दिया। अब सवाल यह है कि कैंट बोर्ड को इस सार्वजनिक मुद्दे पर गोपनीय मीटिंग की आवश्यकता क्यों पड़ी? इसका जवाब देने से कैंट बोर्ड के अधिकारी भी बच रहे हैं।

28 मुद्दों पर हुई बहस

बोर्ड बैठक की शुरुआत बैठक के 28 करीब प्रमुख एजेंडों पर बहस के साथ हुई। सिविल एरिया कमेटी की मीटिंग में म्यूटेशन और बोर्ड मीटिंग मिनट्स की गलत एंट्री पर पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने कैंट बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा दिए। म्यूटेशन के 25 मामलों पर पार्षद मंजू गोयल ने अपनी आपत्ति जाहिर की थी। इस पर उपाध्यक्ष विपिन सोढी ने कमेटी को बंद करने का प्रस्ताव दे दिया। बीना वाधवा ने कैंटोमेंट बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इन भ्रष्ट कर्मचारियों की वजह से जनता के अधिकारों का हनन हो रहा है इस कारण से ही आज एमएलए और एमपी तो बोर्ड बैठक में आना पड़ा है।

सेलरी देने को पैसे नहीं

बैठक के दौरान सदस्यों द्वारा अपने वार्ड में विकास कार्यो के लिए बजट की सीमा बढ़ाए जाने की मांग की गई, लेकिन सीईओ ने बजट की कमी का हवाला देते हुए यहां तक कह दिया कि कैंट बोर्ड के पास अब कर्मचारियों की सेलरी देने का पैसा तक नही है। वहीं सांसद तक से केंद्र से फंड दिलाने की मांग की गई, जिस पर सांसद ने यह मुद्दा आगे पहुंचाने का आश्वासन तक दे दिया। हालांकि इस दौरान सदस्यों ने आय बढ़ाने के लिए गोदाम मे पड़ा स्क्रैप बेचने की सलाह भी दी।

फिर अटका कूड़ा कलेक्शन

बैठक में घर-घर कूड़ा उठाने के लिए 18.60 लाख में ठेका छोड़ा गया, जिस पर सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस ठेके को 10 से 11 लाख के बजट में तय किया गया था, लेकिन अचानक 18.60 लाख में दे दिया गया। यह जांच का विषय है। इस पर बोर्ड द्वारा इस ठेके को रिव्यू किये जाने पर सहमति जताई।

एसटीआर से होगा किराया

बोर्ड बैठक में कैंट एरिया में दुकानों का किराया बढ़ाने पर चर्चा करते हुए निर्णय लिया गया कि एसटीआर यानि सिविल सर्किल रेट के आधार पर ही कैंट में किराया लिया जाएगा। बोर्ड द्वारा किराए पर दी गयी संपत्तियों के किराए पुनर्निर्धारण करके आगामी 1 अप्रैल से नई पॉलिसी लागू किये जाने पर सहमति बनी।

37 लाख का होगा भुगतान

कैंट हॉस्पिटल के चर्चित दवा घोटाले में लिप्त बाबा मेडिकल स्टोर के संचालकों के 37 लाख रुपए बकाया बिल के भुगतान का निर्णय भी बोर्ड बैठक में लिया गया। बाबा मेडिकल स्टोर द्वारा साल 2002 से 2006 के बीच सप्लाई की गई दवाओं के लिए 40 लाख के बिल लगाए थे, जिसमें फर्जी बिल की शिकायत के बाद सीबीआई की जांच शुरु हुई थी। इसमें करीब 2.50 से 3 लाख के बिल फर्जी मिलने के बाद केस दर्ज किया गया था। ऐसे में बाकि बिल के भुगतान के लिए बोर्ड ने सहमति जता दी।

एंट्री फीस पर गोपनीय मीटिंग

बोर्ड बैठक के प्रस्तावों पर करीब डेढ़ घंटा बहस के बाद जैसे ही एंट्री फीस के मुद्दे का नंबर आया तो सीईओ समेत सांसद ने मीडिया को बाहर जाने के लिए कह दिया। हालांकि पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने इस पर आपत्ति जताई, लेकिन मीडिया को नहीं बैठाया गया। करीब डेढ़ घंटा चली इस गोपनीय बैठक के बाद सांसद राजेन्द्र अग्रवाल और विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बोर्ड बैठक में एंट्री फीस के मुद्दे पर मंगलवार को दोबारा बैठक बुलाई गई। आज दिल्ली रोड, मवाना रोड और रुड़की रोड पर एंट्री प्वाइंट के मुद्दे पर सभी सदस्यों और अधिकारियों द्वारा एंट्री प्वाइंट हटाने पर सहमति बनी है, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका। कल बुधवार को ठेकेदार को बुलाकर इस मामले पर विचार किया जाएगा।

खुलकर बात नही हो पाती

एंट्री प्वाइंट के मुददे पर गोपनीय मीटिंग पर सांसद ने कहा कि संसद की कार्यवाही के दौरान भी स्टैंडिंग कमेटियों की बैठक होती है जो कैमरे के सामने नही होती है। बोर्ड अध्यक्ष ने इस मुददे पर कुछ गोपनीयता बनाये रखने की जरुरत महसूस की, क्योंकि मीडिया की मौजूदगी में कभी-कभी खुलकर बात नही हो पाती है राजनैतिक बयान बाजी अधिक होती है।

ये रहे मौजूद

बैठक में बोर्ड अध्यक्ष अनमोल सूद , सांसद राजेन्द्र अग्रवाल विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल, मुख्य अधिशाशी अधिकारी प्रसाद चव्हाण, उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी, सदस्य रिनी जैन, बुशरा कमाल, बीना वाधवा, अनिल जैन , नीरज राठौर, मंजू गोयल, धमर्ेंद्र सोनकर, कार्यालय अधीक्षक बृजेश सिंघल, एकाउंटेंट सुधीर कुमार व रिवेन्यू अधीक्षक जय वीर तोमर शामिल रहे।

Posted By: Inextlive
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.