हेल्प डेस्क पर होगी फीवर की पहचान

Updated Date: Thu, 22 Oct 2020 04:08 PM (IST)

बुखार को लेकर शासन ने जारी की गाइडलाइन, स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुटा

डेंगू-मलेरिया के लिए वार्ड तैयार करने के भी आदेश भी जारी

स्टाफ को भी दी जाएगी ट्रेनिंग, डेस्क पर तैनात पैरा मेडिकल स्टाफ इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर से होगा लैस

Meerut। कोरोना संकट के बीच शासन ने दूसरे बुखारों को लेकर भी अलर्ट जारी कर दिया है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अस्पतालों को विशेष रूप से फीवर हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा अस्पतालों में अलग से मकिए गए हैं। सभी बेड्स को मच्छरदानी युक्त बनाना होगा।

स्टाफ को दी जाएगी ट्रेनिंग

शासन की ओर से जारी निर्देशों के तहत अस्पतालों में मेडिकल, पैरामेडिकल एवं अन्य स्वास्थ्यकíमयों को कोरोना के अलावा सीजनल बुखार के लेकर ट्रेनिंग दी जाएगी। ताकि वह मरीजों की पहचान कर समय से उनका इलाज कर सकें। इसके अलावा अस्पतालों में दवाइयों की भी पूरी व्यवस्था करवाई जाएगी। इसके अलावा संभावित डेंगू मरीजों के खून की जांच कर डिफरेंशियल काउंट ऑफ डब्ल्यूबीसी कर उनकी प्लेट लेट्स की संख्या पर नजर रखी जाएगी।

फीवर हेल्प डेस्क करेगी मदद

शासन से मिली गाइडलाइन के तहत फीवर हेल्प डेस्क का अस्पतालों में विस्तार होगा। डेस्क पर तैनात पैरा मेडिकल स्टाफ इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर से लैस होगा। हेल्प डेस्क पर ही इस बात की जांच कर ली जाएगी कि मरीज को बुखार है कि नहीं। इसके अलावा यह भी पता लगा लिया जाएगा कि मरीज के शरीर में ऑक्सीजन का लेवल कितना है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ऐसे साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें यह स्पष्ट रूप में अंकित किया जाएगा कि हेल्प डेस्क में फ्लू और बुखार के रोगियों की जांच की जाती है। सीधे हेल्प डेस्क पर जाने के लिए रास्ते की जानकारी भी बोर्ड पर दी जाएगी ताकि मरीज को इधर-उधर न भटकना पड़े और वह कम से कम लोगों के संपर्क में आए। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को जरूरत के हिसाब से विभाग की ओर से इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

जलभराव वाले स्थानों पर छिड़काव

डेंगू-चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छर एडीज के लार्वा को नष्ट करने के लिए जिला स्तर पर मलेरिया विभाग की और से जलभराव वाली जगहों पर नालों में छिड़काव करने का निर्देश दिया गया है। वहीं घरों में लार्वा चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा। जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि तेज बुखार, बदन दर्द, सर एवं जोड़ों में दर्द ,जी मिचलाना एवं उल्टी होना, आंख के पीछे दर्द। त्वचा पर लाल धब्बे या चकत्ते के निशान, नाक और मसूढ़ों से रक्त स्राव, काला मल का आना डेंगू एवं चिकनगुनिया के लक्षण हैं। बीमारी के सीजन में लापरवाही न बरतें। लक्षणों के दिखाई पड़ते ही अलर्ट हो जाए मौसमी बुखार समझकर इसे हलके में न लें।

अस्पतालों में अलर्ट जारी कर दिया है। सीजन में कई तरह के बुखार चल रहे हैं। अलग-अलग वायरल होने की वजह से सबकी जांच नहीं हो पाती। लोगों से भी अपील है कि लापवाही न बरतें।

डॉ। राजकुमार, सीएमओ, मेरठ

Posted By: Inextlive
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