निगेटिव मरीज को बनाया पॉजिटिव

Updated Date: Mon, 28 Sep 2020 04:48 PM (IST)

अंतिम संस्कार के बाद गांव में मचा हंगामा

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही, परिजनों ने लगाए आरोप

Meerut। जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के शव बदले जाने के मामले के बाद एक बार फिर मरीजों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इसके तहत विभाग ने निगेटिव मरीज को कोरोना पॉजिटिव बताकर न केवल सूची में उसका नाम जारी कर दिया, बल्कि मौत की वजह भी उसका कोरोना पॉजिटिव होना बता दिया। वहीं मौत के एक दिन बाद मरीज के पॉजिटिव होने की खबरों से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। अंतिम संस्कार के दौरान जमा सैकड़ों लोग दहशत में आ गए। मरीज के पॉजिटिव होने की बात गांव वालों से छुपाने की बात को लेकर परिवार की काफी किरकरी भी हुई। परिवार ने गांव वालों को निगेटिव रिपोर्ट दिखाकर किसी तरह समझाने का प्रयास किया। परिवारजनों का आरोप है कि ये पूरी तरह से विभाग की लापरवाही है।

ये है मामला

मुंडाली स्थित अंबैडा गांव के 66 साल के जय सिंह को 24 सितंबर को प्राइवेट कोरोना अस्पताल में एडिमट करवाया गया था। यहां उनकी रैपिड एंटीजन जांच व आरटीपीसीआर के जरिए कोरोना संक्रमण की जांच हुई थी। रैपिड जांच 24 सितंबर को जबकि आरटीपीसीआर जांच 25 को निगेटिव आई थी। इसी बीच 25 सितंबर की शाम 6.45 पर मरीज की मौत हो गई। जिसके बाद परिवार वालो ने गांव में ले जाकर 26 सितंबर को मृतक का अंतिम संस्कार पूरे रीति-रिवाज से कर दिया। मृतक के पुत्र ने बताया कि अंतिम संस्कार में परिवार, रिश्तेदार समेत गांव के करीब तीन सौ से अधिक लोग शामिल हुए थे। इसके बाद 27 सितंबर को मृतक के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर देख-सुनकर पूरे गांव में हंगामा हो गया। जिसके बाद कई लोगों ने परिवार पर मृतक के पॉजिटिव होने की बात छुपाने को लेकर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि परिवार ने जांच रिपोर्ट निगेटिव होने के प्रमाण भी दिए। मृतक के पुत्र ने बताया कि जांच रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी लोगों को उनकी बातों पर यकीन नहीं हुआ और इससे पूरे गांव में उनकी काफी बदनामी भी हुई। इस दौरान जब स्वास्थ्य विभाग से इस संबंध में उन्होंने बात की तो कोई जवाब नहीं दिया गया।

नहीं हुई कांटेक्ट ट्रेसिंग

विकास ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 26 सितंबर को उनके पिता को पॉजिटिव बताता और इसी दौरान उनकी मौत भी हो गई। जबकि उनके पिता की मौत 25 सितंबर को ही हो गई थी। 24 घंटे के बाद भी विभाग ने कांटेक्ट ट्रेसिंग करने की जहमत नहीं उठाई और गलत जानकारी सभी जगह जारी कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार पूछने के बाद भी विभाग की ओर से उन्हें कोई जवाब नहीं दिया गया।

मरीज अस्पताल के ट्राएज एरिया में था। मरीज की रिपोर्ट निगेटिव थी। मिस्टेक की वजह से मरीज की सूचना पॉजिटिव की चली गई थी।

मुनीश पंडित, मैनेजर, आनंद अस्पताल

Posted By: Inextlive
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