फूलों में सज रहे हैं श्री वृंदावन बिहारी..

Updated Date: Wed, 12 Aug 2020 10:36 AM (IST)

जन्माष्टमी पर मंदिरों में की गई भव्य सजावट, घरों में भी मनाई गई जन्माष्टमी, लगाया गया भोग

Meerut। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जन्माष्टमी पर भक्त मंदिरों में दूर से ही जन्मोत्सव अनुष्ठान के साक्षी बने। शहर के मंदिर कान्हा मंगलवार को सजधज कर जगमगाते नजर आए, भगवान के प्रकाट्य और बाललीलाओं की झांकियां सजाई गई। औघड़नाथ मंदिर में फूलबंगला सजाया गया है। पिछले वर्षो की तरह सीनरी वाली लाइटों की सजावट दर्शन एकेडमी तक नहीं है, लेकिन मंदिर के आसपास लाइटों के तोरण द्वार लगाए गए। मंदिर समिति के महामंत्री सतीश सिंघल ने बताया कि राधा और कृष्ण की विशेष पोशाक वृंदावन से मंगवाई गई है। रात 11.40 बजे भगवान का अभिषेक किया गया व पूजन हुआ। जो मंदिर के लोगों द्वारा ही किया गया। वहीं इस बार घरों में ही लोगों कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया।

किया गया अनुष्ठान, पूजन

मंगलवार को अधिकांश लोगों ने जन्माष्टमी का पूजन किया। ज्योतिष समीर भटनागर के अनुसार गृहस्थ जनमाष्टमी 11 को मनाई गई है, क्योंकि अष्टमी 11 अगस्त को सुबह 9 बजकर 6 मिनट से आरंभ होगी और पूरी रात रही, हालांकि सन्यासी 12 अगस्त को व्रत रखेंगे और जन्माष्टमी मनाएंगे। सदर स्थित धानेश्वर मंदिर में भी फूल बंगला सजाया गया। मंदिर समिति के सचिन गोयल ने बताया कि मंदिर में दो गेट हैं। फिलहाल एक बार में एक श्रद्धालु को प्रवेश दिया गया दर्शन करवाए गए। प्रशासन से परमिशन नहीं मिली है। भक्तों ने दूर से ही झांकी के दर्शन किए हैं। पूजन रात 11.35 पर किया गया। सम्राट पैलेस स्थित राजराजेश्वरी मंदिर में कान्हा की विशेष झांकी सजाई गई, वहीं प्रभात नगर स्थित मंदिर में भी बाहर से दर्शन की व्यवस्था की गई। शिवकांवड़ सेवा समिति के आशीष अग्रवाल ने बताया कि बाहर ठाकुर जी का पालना लगाया गया। रात में माखन मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया। जेलचुंगी में हर वर्ष जन्माष्टमी पर मेला लगता है। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार कालाकारों की व्यस्था निरस्त कर दी गई। बाटेश्वर महादेव मंदिर में सिर्फ लाइटें लगाई गई। इस कार्यक्रम का आयोजन श्री राम लीला कमेटी करती है। रात में 12 बजे आरती हुई और प्रसाद वितरित किया गया। कमिश्नरी आवास के सामने भी भव्य स्टेज सजा कर कार्यक्रम किया जाता है, जो इस बार निरस्त कर दिया गया।

मंदिरों में लगा भोग

शहर के विभिन्न मंदिरों में पुजारियों द्वारा खुद पूजन किया गया। भोग लगाया गया। भक्तों को इजाजत नहीं थी, ऐसे में अधिकतर लोगो ने अपने घरों में ही जन्माष्टमी मनाई। किसी ने ऑनलाइन अपने घर सजाए मंदिर की फोटो शेयर की तो किसी ने अपने घर पर ही भजन कीर्तन किया तथा कान्हा जी को भोग लगाया। ऐसे में जन्माष्टमी का त्योहार सभी ने अपने अपने तरीके से मनाया। वहीं सभी ने अपने घरों पर पकवान बनाए व सभी ने एक दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। वहीं लेडीज क्लब की ओर से ऑनलाइन वेबिनार करके एक दूसरे को कान्हा जी के गीत सुनाए गए। घर में सजाए कान्हा जी दिखाए और जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। सुपर योग की मीनू शर्मा ने बताया उन्होनें ऑनलाइन कान्हा श्रृंगार प्रतियोगिता का आयोजन किया।

हमने इसबार ऑनलाइन सेलीब्रेशन किया है। इसमें श्रृंगार सज्जा प्रतियोगिता की। साथ ही सभी ने अपनी रेसिपी एक-दूसरे से शेयर की।

नेहा,

हमने इस बार जन्माष्टमी घर पर ही मनाई है। मंदिर को सजाया। उसकी फोटो ऑनलाइन डाली। सभी को फोन पर शुभकामनाएं दीं।

सीमा

ऑनलाइन विभिन्न तरह की प्रतियोगिताएं हुई है। इनमें सिंगिंग, पोएम आदि रहीं, कान्हा सज्जा प्रतियोगिता भी की गई।

चारु

Posted By: Inextlive
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