मरीजों का जाना हाल, समस्या होने पर करें कॉल

Updated Date: Sat, 10 Apr 2021 05:20 PM (IST)

चिकित्सा मंत्री सुरेश खन्ना ने कोरोना के मद्देनजर परखीं तैयारियां

कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों से फोन पर की बातचीत, लिया फीडबैक

Meerut। चिकित्सा मंत्री सुरेश खन्ना ने शुक्रवार को कोरोना टीकाकरण व नियंत्रण की तैयारियों का जायजा लिया। केंद्रीय पुस्तकालय में चलाए जा रहे टीकाकरण के कार्यो का निरीक्षण किया। उन्होंने ने मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग पर पूरा जोर दिया। उन्होंने भर्ती मरीजों का हाल भी फोन पर बातचीत के जरिए जाना।

पहले बैठक की फिर निरीक्षण

सíकट हाउस में सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कोरोना के नियंत्रण पर विचार विमर्श किया गया। मेडिकल कॉलेज में केंद्रीय पुस्तकालय में चलाए जा रहे कोरोना टीकाकरण के कार्यो का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राचार्य मेडिकल कॉलेज के कार्यालय कक्ष में कोरोना नियंत्रण की समीक्षा की।

मरीजों से की बातचीत

मंत्री ने कोरोना वार्ड में भर्ती मरीज सुरेन्द्र शर्मा, होशियार अली, अरूण कश्यप व अभिषेक से मोबाइल पर वार्ता कर मेडिकल कॉलेज में बेडशीट समय से बदली जाती है या नहीं, भोजन की गुणवत्ता कैसी है। उन्होंने मरीजों से कहा कि यह उनका मोबाइल नंबर है यदि कोई दिक्कत है तो कॉल करके अपनी समस्या बताएं।

43 मरीज हैं भर्ती

प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ। ज्ञानेन्द्र कुमार ने बताया कि मेडिकल कालेज में 43 कोरोना मरीज भर्ती है। कोरोना के उपचार के लिए 250 बेड की क्षमता है।

ये है मौजूद

इस दौरान सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विशेष सचिव चिकित्सा डा। मन्नान अख्तर, डीएम के। बालाजी , एसएसपी अजय साहनी, एसपी सिटी विनीत भटनागर, प्राचार्य मेडिकल कालेज डा। ज्ञानेन्द्र कुमार, सीएमओ डा। अखिलेश मोहन सिंह आदि मौजूद रहें।

सीसीटीवी से हों निगरानी

चिकित्सा मंत्री सुरेश खन्ना ने सीएमओ कार्यालय व इंटीग्रेटेड कोविड एंड कमांड सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से प्रत्येक दिन फीडबैक लेने व सीसीटीवी से कोरोना अस्पतालों की मॉनीटरिंग करने के लिए कहा। वहीं शहरी व ग्रामीण दोनों स्तर पर निगरानी समितियों को क्रियाशील बनाया जाए।

ये निर्देश दे गए मंत्री जी

कोरोना की जांच की रिपोर्ट उसी दिन सैंपल देने वाले को मिले।

कोरोना मरीजों को बेहतर से बेहतर उपचार, भोजन, वातावरण मिले।

मरीज को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के बाद भर्ती होने में पांच मिनट से अधिक का समय न लगे।

नोडल अधिकारी रोजाना चार या पांच मरीजों से बातचीत कर उनका हाल जानें।

मरीजों से कहा कि यह उनका मोबाइल नंबर है कोई दिक्कत है तो कॉल करके अपनी समस्या बता सकते हैं।

Posted By: Inextlive
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