अब ऑनलाइन सब्मिट होगी कोविड-19 रिपोर्ट

Updated Date: Tue, 03 Nov 2020 04:08 PM (IST)

गूगल फॉर्म के जरिए ऑनलाइन लिंक पर देनी होगी स्कूलों को जानकारी

समय से सूचना न देने वाले प्रिंसिपल्स के खिलाफ होगी कार्रवाई

Meerut। कोविड-19 रिपोर्ट को लेकर मनमानी कर रहे स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने लगाम कसने की तैयारी कर ली है। डेली रिपो‌र्ट्स के लिए विभाग की ओर से प्रोवाइड ऑनलाइन लिंक पर स्कूलों को कोविड-19 की जानकारी कंट्रोल रूम को भेजनी होगी। विभाग की ओर से तैयार किए गए लिंक का सोमवार को डीएम के। बालाजी ने शुभारंभ भी कर दिया। इसके साथ ही प्रदेशभर में मेरठ डीआईओएस ऑनलाइन सूचनाएं लेने वाला पहला जिला बन गया है। इस बाबत डीआईओएस गिरजेश कुमार चौधरी ने बताया कि ऑनलाइन सूचनाएं प्राप्त होने से स्कूल मनमानी नहीं कर सकेंगे। विभाग की ओर सभी स्कूलों को ऑनलाइन लिंक से कनेक्ट कर दिया गया है।

ऐसे भेजी जाएगी रिपोर्ट

कोविड-19 कंट्रोल प्रभारी डॉ। मेघराज सिंह ने बताया कि जिले के स्कूलों को कोविड-19 के तहत उपस्थिति से संबंधित जानकारी को अभी तक तय फार्मेट में भरवाया जा रहा था। मगर सभी स्कूलों से जानकारी नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में विभाग की ओर से गूगल फार्म के जरिए ऑनलाइनलिंक तैयार किया गया। जिस पर सभी स्कूलों के प्रिंसिपल्स को डेली सूचना देनी होगी। यह लिंक किस प्रकार ओपन होगा तथा इसमें डाटा फीडिंग किस प्रकार होगी, उसके लिए एक हेल्पिंग वीडियो भी तैयार की गई है। जिसमें यह समझाया गया है कि प्रिंसिपल्स कैसे अपने मोबाइल से ही समस्त डाटा ऑनलाइन भेज सकते हैं।

समय से देनी होगी सूचना

ऑनलाइन लिंक को लेकर इंचार्ज पवन शर्मा ने बताया कि गूगल फॉर्म पर सभी स्कूलों को शाम 6 बजे तक सूचनाएं देनी होंगी। डीएम के निर्देशों के तहत इसके बाद ये लिंक बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में सभी को समय से सूचनाएं अनिवार्य तौर से जारी करनी ही होंगी। प्रशासन के निर्देशों के तहत समय से सूचना उपलब्ध न कराने वाले प्रिंसिपल्स के खिलाफ अनुशासनहीनता के तहत दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि जैसे ही लिंक पर सूचना डाली जाएगी, तभी ऑटोमोड में जानकारी का समय और डेट दोनों अंकित हो जाएगी। ऐसे में स्कूल इसमें किसी भी तरह का फेरबदल नहीं कर सकेंगे। अभी तय फार्मेट पर स्कूलों से 20 बिंदुओं पर व्हाटसएप ग्रुप के जरिए सूचना मांगी जाती थी। अनलॉक-5 के तहत स्कूलों के लिए जारी एसओपी में अनिवार्य नियम के तौर पर इसे लागू किया गया था। मगर कई स्कूल सूचना भेजने में आनाकानी कर रहे थे।

Posted By: Inextlive
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