800 लीटर स्प्रे से मच्छरों के खात्मे की तैयारी

Updated Date: Sun, 25 Oct 2020 12:08 PM (IST)

वेक्टर बॉर्न डिजीज को देखते हुए शासन ने भेजी दवाइयां

डेंगू, मलेरिया और चिकिनगुनिया से लोगों के बचाव में होगा यूज

Meerut। आठ सौ लीटर स्प्रे का प्रयोग कर इस साल जिला मलेरिया विभाग वेक्टर बॉर्न डिजीज का खात्मा करने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए कॉरपोरेशन की ओर से दवाइयों का स्टॉक भी स्वास्थ्य विभाग को भेजा जा चुका है। इससे शहरवासियों को बीमारियों से निजात मिल सकेगी। इसके अलावा विभाग की ओर से मच्छर ढूंढने के लिए सर्वे भी करवाया जा रहा है।

चल रहा कंटेनर सर्वे

डेंगू, मलेरिया और चिकिनगुनिया के मच्छरों को ढूंढने के लिए इस साल भी विभाग की ओर से कंटेनर सर्वे करवाया जा रहा है। मैनपावर की कमी से जूझ रहे विभाग ने इसके लिए डूडा के जरिए करीब 70 डीबीसी यानी डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर तैनात किए हैं। इसके लिए पहले विभाग की ओर से इन्हें ट्रेनिंग दी गई है। इसके बाद डीबीसी को जगह-जगह मच्छरों की ब्रीड चेक करने के लिए भेजा जाता है। हालांकि कोरोना काल में सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

कर रहे जागरूक

वेक्टर बॉर्न डिजीज से लोगों के बचाने के लिए डीबीसी के अलावा आशा और आगंनबाड़ी कार्यकाओं को अवेयरनेस फैलाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत 31 अक्टूबर तक संचारी रोग कंट्रोल अभियान चलाया जा रहा है। इसमें नगर निगम, नगर पालिका और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। वहीं जगह-जगह लार्वा कीटनाशक दवा का छिड़काव करवाया जा रह है। ताकि कहीं पर भी वेक्टर जनित बीमारियां जैसे डेंगू, मलेरिया और चिकिनगुनिया आदि का प्रकोप न फैलने पाए। इन अभियानों को लेकर मेरठ समेत प्रदेश के 38 जिलों की मॉनिटरिंग सीधे सीएम कार्यालय से की जा रहा है।

ये है एडवाइजरी

आने वाले सीजन में वेक्टर बॉर्न डिजीज को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी भी जारी की है। इसके तहत संक्रामक रोगों से बचाव के लिए नियमों का पालन करना जरूरी है।

आस-पास नालियों में जलभराव न होने दें।

खाने से पहले अपने हाथ धोएं।

खुले में शौच न करें।

जंगली झाडियों को नियमित साफ करें।

गड्ढों में पानी इकट्ठा न होने दें।

पानी की टंकी को पूरी तरह ढक कर रखें।

मच्छरदानी का प्रयोग करें।

मच्छररोधी उपाय अपनाएं।

घर व कार्यस्थल के आस-पास पानी जमा न होने दें।

फुल स्लीव्ज के कपड़े पहनें।

दरवाजे व खिड़कियों पर जाली लगवाएं।

संचारी रोग के बारे में अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-5145 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

फैक्ट फाइल

10 मशीन जिला मलेरिया विभाग के पास फॉगिंग के लिए हैं।

6 मशीनें नई और 4 मशीनें पुरानी हैं।

3 टीमें लार्वा स्प्रे के लिए लगाई गई हैं।

3 सदस्य हर टीम में हैं।

3 गाडि़यां विभाग के पास हैं।

50 जगह जिले में एंटी लार्वा और फॉगिंग कराया जा चुका है।

वेक्टर बॉर्न डिजीज से बचाव के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। कंटेनर सर्वे भी करवाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को भी इस बारे में जागरुक भी किया जा रहा है। इन बीमारियों से बचाव का सबसे बेहतर उपाय बचाव और सावधानी है।

सत्यप्रकाश, डीएमओ, मेरठ

Posted By: Inextlive
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