भारत के सबसे पहले रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम आरआरटीएस का पहला ट्रेनसेट शनिवार को एनसीआरटीएस को सौंप दिया गया।


मेरठ (ब्यूरो)। गुजरात के सांवली में आयोजित कार्यक्रम में आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय (एमओएचयूए) के सचिव और एनसीआरटीसी के अध्यक्ष, मनोज जोशी ने एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक, विनय कुमार सिंह एवं एनसीआरटीसी और एल्सटॉम के अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में एक बटन के क्लिक के साथ ट्रेनसेट रोलआउट की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद, एल्सटॉम के प्रबंध निदेशक द्वारा पहली आरआरटीएस ट्रेनसेट की चाबियां एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक को सौंपी गईं। इस रोलआउट के साथ ही, इन ट्रेनों की डिलिवरी प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहला ट्रेनसेट जल्द ही दुहाई डिपो, गाजियाबाद पहुंचेगा। इस अवसर पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस एवं आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी शुभकामनाएं और बधाई भेजी।

40 ट्रेनों की होगी डिलीवरी
ट्रेनसेट निर्माण के लिए मेसर्स एल्सटॉम को अनुबंध दिया गया था, जिसके अनुसार वे आरआरटीएस के लिए 40 ट्रेनों की डिलीवरी करेंगे। जिनमें 10, तीन कोच वाली ट्रेनें मेरठ मेट्रो के लिए होंगी। अनुबंध के अनुसार एवस्टॉम 15 साल की अवधि के लिए इन रोलिंग स्टॉक का रख-रखाव भी करेगी। अनुबंध में संपूर्ण दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के लिए डिजाइनिंग, आपूर्ति, इंस्टालिंग, परीक्षण और सिग्नलिंग एवं ट्रेन कंट्रोल, सुपरविजन, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर और दूरसंचार प्रणाली शामिल हैं। इस रोलआउट के साथ इन सेमी-हाई-स्पीड एरोडायनामिक ट्रेनों की डिलीवरी शुरू हो गई है। एनसीआरटीसी इस साल दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के प्राथमिकता वाले सेक्शन पर ट्रायल रन शुरू करेगी।

Posted By: Inextlive