ड्रग्स स्मगलिंग में कुख्यात है तस्कर तस्लीम

Updated Date: Thu, 24 Sep 2020 05:48 PM (IST)

वेस्ट यूपी के कई जिलों में फैला रखा है नशे का कारोबार

2003 और 2016 में जेल जा चुका है ड्रग्स तस्कर तस्लीम

तस्कर की पत्नी भी ड्रग्स के धंधे में बराबर की पार्टनर

Meerut। मेरठ समेत आसपास जिलों में तस्लीम सबसे बड़ा ड्रग तस्कर है। गांजे से लेकर अफीम, हेरोइन तक सब तस्लीम के पास मिलता है। तसलीम का नेटवर्क आज तक कोई दूसरा तस्कर नहीं तोड़ सका है। मेरठ पुलिस हो या फिर एसटीएफ उनके लिए कोई नया नाम नहीं है। 2003 में तत्कालीन एसएसपी मुकुल गोयल ने तस्लीम को पकड़ कर जेल भिजवाया था। सूत्रों की मानें तो बीते 17 सालों में पुलिस की मिलीभगत से तस्लीम ने वेस्ट यूपी समेत दिल्ली-एनसीआर तक एक बड़ा नेक्सेस खड़ा कर चुका है।

रेलवे रोड पर ठिकाना

रेलवे रोड थाने के पूर्वा हाफिज अब्दुल करीम मछेरान मोहल्ले में हाजी तस्लीम परिवार के साथ रहता है। एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक तस्लीम वेस्ट यूपी समेत दिल्ली-एनसीआर में नशीले पदार्थ का सबसे बड़ा सौदागर है। उसके खिलाफ यूपी के विभिन्न थानों में करीब 30 मुकदमे दर्ज हैं।

पत्नी है पार्टनर

तस्लीम की पत्नी नशीन भी रियल लाइफ में उसकी पार्टनर होने के साथ हीनशे के धंधे में भी उसकी हमसफर है। 2003 और 2016 में जब भी तस्लीम जेल गया है तो उसका नशे का पूरा काम नशीन ने ऑपरेट किया है। तस्लीम पिछले 17 वर्षो से नशे के कारोबार से जुड़ा है।

25 गुर्गे करते हैं काम

पुलिस की जांच में सामने आया कि मेरठ में ही तस्लीम के लिए 25 गुर्गे काम करते हैं, जो नशीले पदार्थ की सप्लाई उसके बताए स्थानों पर करते हैं। तस्लीम की ड्रग्स सप्लाई की सारा खेल ब्रह्मपुरी, देहलीगेट और लिसाड़ीगेट से चलता है।

कुत्ते और बाइक का शौक

तस्लीम दूसरों को ड्रग्स का आदी बनाकर खुद ऐशो-आराम की जिंदगी जीता है। तस्लीम के घर के अंदर रॉट वेलर, बुलडॉग, ग्रेट डैन समेत अलग-अलग नस्लों के महंगे कुत्ते और आरएक्स15, निंजा, आरटीआर15 जैसी महंगी स्पो‌र्ट्स बाइक की एक लंबी फेहरिस्त है।

लूट व हत्या के मुकदमे

पुलिस के मुताबिक तस्लीम ब्याज के काम की आड़ में नशे का व्यापार करता है। मेरठ, बरेली, रामपुर, नोएडा, गाजियाबाद समेत कई जनपदों में उसने करोड़ों की संपत्ति बना रखी है। पुलिस की मानें तो अब तस्लीम नशे के धंधे तक ही सीमित नहीं है बल्कि अब उस पर लूट व जानलेवा हमलों के मकदमे भी दर्ज हैं।

18 से 25 साल के लड़के

सभी तस्करों ने सप्लाई की चेन भी बनाई हुई है। दरअसल, एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक ऐसे लोगों को सप्लाई चेन में शामिल किया जाता है जो शहर के हर एक इलाके के बारे में जानता हो ताकि आसानी से माल पहुचा सके। इतना ही नहीं यदि पुलिस को भनक लग गई तो किन-किन रास्तों से बचकर निकला जा सकता है। इन लोगों को हर बार सही ठिकाने पर माल पहुंचाने पर पांच सौ से एक हजार रूपये तक दिए जाते हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो पैसों के लालच में 18 से 25 साल लड़के ड्रग्स के धंधे से जुड़े हैं।

हाथ नहीं आते तस्कर

एक कहावत है कि घर का भेदी लंका ढावेदरअसल, ड्रग्स का धंधा पुलिस की मिलीभगत से ही चलता है और हमेशा पुलिस की छापेमारी से पहले ही सूचना लीक हो जाती है। गौरतलब है कि दो साल पहले लिसाड़ी गेट थाने की एक लिस्ट लिसाड़ी वायरल हुई थी। जिसमें कई पुलिसकर्मियों के नाम थे, जो इलाके में अवैध काम करने वालो से पैसे लेते थे। हालांकि पुलिस ने लिस्ट को फर्जी बताते हुए मामले को दबा दिया था। जिसके चलते किसी भी पुलिसकर्मी पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी।

ड्रग्स के धंधे में नए नाम

यूं तो तस्लीम से बड़ा कोई तस्कर मेरठ और आसपास के जिलों में नहीं है लेकिन शान और पासा का नाम अब लिसाड़ी गेट के बड़े तस्करों में शुमार हो चुका है। यह चरस-अफीम और गांजा सब मुहैया करा देते हैं। हालांकि ये लोगों माल केवल उन्हीं लोगों को देते है जो इनको पहले से जानते हैं या फिर जो सप्लाई करने वाला पुराना लिंक होता है। मगर अब कुछ लड़के बाहर से आकर मेरठ में नशे की तस्करी का काम करने लगे हैं। लालकुर्ती पुलिस ने जिन तस्करों को पकड़ा था, उनमें से एक हरदोई का था। वह बाहर से आकर तस्करी का काम करता था।

कैराना से कनेक्शन

मेरठ में गांजा और अफीम का सीधा कनेक्शन शामली से भी जुड़ा है। शामली में सीधा आंध्र प्रदेश और ओडिशा से गांजा आता है। ऐसे में मेरठ की एसटीएफ की टीम ने 13 जुलाई 2019 को बड़ी कार्रवाई करते हुए 235 किलो गांजे के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया था। दोनों तस्कर रहने वाले जरूर कैराना के थे, लेकिन उनकी पूरी सप्लाई की चेन मेरठ से जुड़ी थी। 60 लाख कीमत का गांजा पकड़ा गया था। पुलिस ने आबिद पुत्र अब्बास व नदीम पुत्र उमर निवासी कैराना शामली को गिरफ्तार किया था। उन्होंने मेरठ में सप्लाई करने की बात कुबूल की थी।

तस्लीम मेरठ का सबसे बड़ा ड्रग्स तस्कर है, जिसके खिलाफ पहले भी कई बार कार्रवाई की जा चुकी है। एसटीएफ टीम ने अब तक इस साल 250 कुंतल गांजा पकड़ा है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ड्रग्स के धंधे में शामिल सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बृजेश सिंह, सीओ एसटीएफ, मेरठ

Posted By: Inextlive
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