Rapid Rail Meerut News: रैपिड रेल के निर्माण कार्य के साथ एक तरफ जहां शहर विकास की राह पर चल पड़ा है। मगर ये विकास शहर के प्रमुख और 70 साल पुराने गड्ढा बाजार के अस्तित्व पर संकट बनकर मंडराने लगा है। हालांकि विकास की कीमत पर व्यापारी अपने सालों पुराने बाजार और प्रतिष्ठानों को छोडऩे को तैयार हैं लेकिन इस बाबत प्रशासन उन्हें कोई बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने को तैयार नहीं दिख रहा है।

मेरठ (ब्यूरो)। Rapid Rail Meerut News: गड्ढा बाजार के स्थान पर रैपिड रेल का सबसे प्रमुख बेगमपुल स्टेशन भूमिगत बनना है। इसके लिए गड्ढा मार्केट को खाली करने के लिए कैंट बोर्ड द्वारा नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। 70 साल पुराने इस बाजार मेें करीब 60 से 62 व्यापारियों के प्रतिष्ठान व दुकानें हैं। अब चूंकि यहां रैपिड स्टेशन प्रस्तावित हो गया है, ऐसे में व्यापारियों के पास यथास्थान से शिफ्ट होने के अलावा कोई भी विकल्प नहीं बचा है। इतना ही नहीं, शहर के विकास के लिए व्यापारी अपना सालों से जमा कारोबार खुद उजाडऩे को तैयार तो हो गए हैं, लेकिन इसके बदले में वह अपने कारोबार को जमाने के लिए एक बेहतर विकल्प की मांग शासन-प्रशासन से कर रहे हैं।

बेगमपुल के आसपास
गड्ढा मार्केट के व्यापारियों को शिफ्ट करने का जिम्मा कैंट बोर्ड के पास है। ऐसे में प्रशासन के आदेश के बाद कैंट बोर्ड मार्केट के 50 दुकानदारों को शिफ्ट करने के लिए जगह तलाश रहा है। इसके लिए मंगलवार को आयोजित व्यापार बंधु बैठक में यह मुद्दा उठाया गया था। जिस पर कैंट बोर्ड सीईओ ने बेगमपुल के आसपास मार्केट की 50 दुकानों को शिफ्ट करने का आश्वासन दिया है। बेगमपुल के पास यह बाजार कहां शिफ्ट किया जाएगा, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है। जिसको लेकर व्यापारियों के बीच भी अभी संशय बना हुआ है।

बंगला नंबर 180 है उम्मीद
कैंट बोर्ड ने भले ही व्यापारियों के लिए बेगमपुल पर जगह की तलाश शुरू कर दी है, मगर गड्ढा मार्केट के व्यापारी अपनी सुविधा के अनुसार कैंट बोर्ड के बंगला नंबर 180 की जगह पर अपना बाजार शिफ्ट करने की मांग शासन-प्रशासन और कैंट बोर्ड से कर रहे हैं। इस पर कैंट बोर्ड की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। व्यापारियों की साफ मांग है कि शहर की प्राइम लोकेशन पर ही उनका बाजार शिफ्ट किया जाना चाहिए, जिससे उनका कारोबार प्रभावित न हो।

ये हैैं व्यापारियों की मांगें
बंगला नंबर 180 की जगह में 50 दुकानें बनाकर दी जाएं।

भूमिगत रैपिड स्टेशन के ऊपर कॉम्पलेक्स में दुकानें दी जाएं।

रैपिड स्टेशन में दुकानें मिलने तक का मुआवजा दिया जाए।

पिछले 70 सालों से हम यहां कारोबार कर रहे हैं। कैंट बोर्ड द्वारा खुद बाजार के लिए यहां जमीन व्यापारियों को आवंटित की गई थी। कैंट बोर्ड को इसका शुल्क भी लगातार दिया जा रहा है। हम शहर के विकास के साथ हैं, लेकिन हमें ऐसी जगह शिफ्ट करें, जहां व्यापार प्रभावित न हो।
सत्यपाल भाटिया, अध्यक्ष, गड्ढा मार्केट पैंठ एसोसिएशन

मंगलवार को आयोजित व्यापार बंधु की बैठक में मार्केट के व्यापारियों को बुलाना भी प्रशासन ने उचित नहीं समझा। क्या निर्णय हुआ, इसकी हमें जानकारी तक नहीं। हमारी मांग है कि हमें जिस जगह शिफ्ट किया जाए, वह भी वर्तमान लोकेशन की तरह प्राइम लोकेशन होनी चाहिए।
मनीष अग्रवाल, महामंत्री, गड्ढा मार्केट पैंठ एसोसिएशन

जिस प्राइम लोकेशन पर हमारा कारोबार पिछले कई सालों से चल रहा है, कम से कम इसी तरह की अन्य जगह पर ही दुकानें उपलब्ध कराई जानी चाहिए। जिससे हमारा व्यापार अधिक प्रभावित न हो। अगर ऐसा नहीं होता तो हम अपनी जगह से शिफ्ट नहीं होंगे।
सुरेंद्र भाटिया, व्यापारी

70 सालों से जमा जमाया कारोबार एकदम से छोड़कर नई जगह पर व्यापार जमाना आसान नहीं होता। मगर रैपिड का काम भी जरूरी है। हम केवल सही जगह की मांग प्रशासन व कैंट बोर्ड से कर रहे हैं। बंगला नंबर 180 या स्टेशन के ऊपर कॉम्पलेक्स में दुकानें हमारी मांग है।
मो। मोबिन, पूर्व अध्यक्ष गड्ढा मार्केट पैंठ एसोसिएशन


आसान नहीं है किसी नई जगह पर अपना व्यापार दोबारा जमाना। कैंट बोर्ड व्यापार बंधु की बैठक में निर्णय ले भी लेता है और हमें बताना भी जरूरी नहीं समझा जाता। दुकानें हमारी पसंद की जगह पर शिफ्ट होंगी, तभी बाजार खाली होगा।
दीपक अरोड़ा, व्यापारी

इस संबंध में व्यापार बंधु की बैठक में चर्चा हो चुकी है। अभी जगह की तलाश चल रही है। व्यापारियों के हित को देखते हुए उनके समर्थन के बाद ही बाजार शिफ्ट होगा।
नवेंद्र नाथ, सीईओ, कैंट बोर्ड

Posted By: Inextlive