निस्तारण की योजना ही 'कूड़ा' हो गई

Updated Date: Mon, 25 Jan 2021 04:42 PM (IST)

900 टन कूड़ा निकलता है शहर से हर रोज करीब

150 टन कूड़े को ही पृथक किया जा रहा है बैलेस्टिक सैपरेटर मशीन से

16 करोड़ रुपये मिले थे गांवड़ी और लोहियानगर में बैलेस्टिक सैपरेटर प्लांट के लिए

8-8 करोड़ रुपये से बैलेस्टिक सैपरेटर मशीन लगाई जानी थी

2019 में सिर्फ गांवड़ी में ही मशीन लग सकी

36 करोड़ रुपये नगर निगम को मिले हैं 15वें वित्त आयोग में

Meerut । स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 जारी है। इसमें सफलता के लिए नगर निगम अपने भरपूर प्रयास में जुटा है, लेकिन कई साल से बनी हुई कूड़े की समस्या पर निगम अभी भी अधर में है। हालांकि गत वर्षो की तुलना में नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण की दिशा में कुछ कदम आगे बढ़ाए हैं, लेकिन यह कदम भी इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में काफी साबित नहीं होंगे। गांवड़ी में बैलेस्टिक सेपरेटर प्लांट भले ही शुरू हो गया हो लेकिन उसके बाद भी कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया अभी परवान नहीं चढ़ सकी है। जबकि कूड़ा निस्तारण के लिए 14वें और 15 वे वित्त आयोग का करीब 50 करोड रुपए निगम के खाते में जमा है।

बैलेस्टिक सेपरेटर तक सीमित

स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में शहर की रैंक सुधारने के लिए गांवड़ी मंगतपुरम और लोहिया नगर में लगे कूड़े का निस्तारण बहुत जरूरी है। लेकिन निगम अभी तक सिर्फ गांवड़ी में कूड़े से कंकड़, पत्थर, कांच और प्लास्टिक ही अलग कर पा रहा है। यहां बैलेस्टिक्स सेपरेटर प्लांट कूड़े को सिर्फ अलग - अलग हिस्सों में बांट रहा है। उसका निस्तारण अभी नगर निगम नहीं कर पा रहा है। ऐसे में कूड़े का ढेर जस का तस बरकरार है। हालांकि, निगम का दावा है कि जल्द ही एजेंसियां इस कूड़े को रिसाइकल कर निस्तारित करेंगी। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी जारी है, लेकिन अभी तक कुछ फाइनल नहीं हो सका है। हालांकि भूड़बराल में कूड़े से बिजली उत्पादन का काम शुरू हो चुका है। लेकिन वह भी स्वच्छता सर्वेक्षण में अधिक अंक नहीं जोड़ पाएगा।

बढ़ रहा कूड़े का ढेर

शहर से हर रोज करीब 900 टन कूड़ा निकलता है। इस कूड़े के निस्तारण का सही इंतजाम नहीं होने के कारण शहर के चारों तरफ कूड़े के पहाड़ खड़ा हो गया है। लोहियानगर में कुछ साल पहले कूड़ा डालना शुरू किया गया था जो अब तक जारी है। इसके अलावा कंकरखेड़ा क्षेत्र में कासमपुर पहाड़ी और नंगलाताशी में कूड़ा डंप किया जा रहा है। अभी तक सिर्फ गांवड़ी के कूड़े को बैलेस्टिक सैपरेटर मशीन से रोजाना करीब 150 टन कूड़े को ही पृथक किया जा रहा है।

50 करोड़ का बजट

14वें वित्त आयोग से गांवड़ी और लोहियानगर में बैलेस्टिक सैपरेटर प्लांट के लिए 16 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। इसमें इन दोनों प्लांटों पर 8-8 करोड़ रुपये से बैलेस्टिक सैपरेटर मशीन लगाई जानी थी। लेकिन दिसंबर 2019 में सिर्फ गांवड़ी में तो मशीन लगा दी गई लेकिन लोहियानगर में आज तक मशीन नहीं लग सकी है। इसके बाद 15वें वित्त आयोग में 36 करोड़ रुपये नगर निगम को मिले हैं जबकि 14वे वित्त आयोग की रकम से केवल 2 करोड़ रुपये ही खर्च हुए हैं। ऐसे में करीब 50 करोड रुपए निगम के पास कूड़ा निस्तारण के लिए रखा हुआ है।

कूड़ा निस्तारण के लिए गांवड़ी में प्लांट चालू है लोहिया नगर में बैलेस्टिक सेपरेटर प्लांट जल्द लगाया जाना है और भूड़ बराल में कूड़े से बिजली उत्पादन भी शुरू हो चुका है। कूड़ा निस्तारण के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

- बृजपाल सिंह, सहायक नगर आयुक्त

Posted By: Inextlive
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