मजबूरी में भरनी पड़ी स्टूडेंट्स को बैक 2500 रुपए चैलेंज रिजल्ट के लिए खर्च कर रहे स्टूडेंट्स 3500 रुपए छात्रों ने बैक पेपर के लिए भरे हैं

मेरठ ब्यूरो । सीसीएसयू में इन दिनों मूल्यांकन चैलेंज रिजल्ट जारी नहीं हो पाए हैं। इस कारण छात्रों को परेशानी हो रही है। बीएएमएस फस्र्ट और सेकेंड इयर के चैलेंज रिजल्ट स्टूडेंट्स को बीते दो माह से नहीं मिल पा रहे है। ऐसे छात्र असमंजस की स्थिति में आ गए हैं। लिहाजा मजबूरी में छात्रों को बैक पेपर भरना पड़ रहा है। ताकि उनके माक्र्स सुधर जाएं। अब वो बैक परीक्षा के लिए भी अलग से पैसा भर चुके हैं। इसके चलते स्टूडेंट्स को एक कोड के लिए कम से कम छह हजार खर्च करना पड़ रहा है। ऐसे छात्रों के पैसे खर्च हो रहे हैं।

सीसीएसयू में पहुंची शिकायत
दरअसल, अभी बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिकल एंड सर्जरी कोर्स में फस्र्ट व सेकेंड इयर के करीब 400 स्टूडेंट्स ने कॉपी चेकिंग के चैलेंज के लिए अप्लाई किया था। दो माह बीत गए है। इसका रिजल्ट नहीं आया है। इसके लिए स्टूडेंट्स ने पर कॉपी के 25 सौ रुपए जमा किए थे। ऐसे में मजबूरी में उनको बैक पेपर के 35 सौ रुपए अलग से जमा करने पड़े है। यानि छह हजार एक स्टूडेंट को देने पड़े है। अभी तक चैलेंज का रिजल्ट भी नहीं आया है। छात्रों का कहना है कि चैलेंज का रिजल्ट नहीं आया है। बैक पेपर 22 को है। अगर उससे पहले रिजल्ट आ जाता तो यह जानकारी मिल जाती है कि उनको बैक देने की जरुरत है या नहीं। स्टूडेंट्स का कहना है कि यूनिवर्सिटी ने रिजल्ट रिलीज नहीं किया। इस कारण बैक पेपर का फॉर्म भरना पड़ रहा है। इसके साथ समय भी खराब हो रहा है। इस संबंध में शान मोहम्मद, अरुण, अमन, अंकित, सुनैना आदि स्टूडेंट्स ने परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर शिकायत की है।


इस मामले में जल्द ही मीटिंग की जाएगी। इसमें सदस्यों की फैसला लिया जाएगा। स्टूडेंट्स के हित में कुछ करने का प्रयास किया जाएगा।
अश्वनी कुमार, परीक्षा नियंत्रक

बैक पेपर के पैसे भरे और चैलेंज के भी, कुल मिलाकर छह हजार का खर्च स्टूडेंट्स कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स का आर्थिक नुकसान कर रहा है। यह बहुत गलत है।
अंकित

यूनिवर्सिटी को चाहिए कि वो चैलेंज आवेदन की फीस स्टूडेंट्स को वापस करें, क्योंकि ये तो यूनिवर्सिटी का ही फाल्ट है कि रिजल्ट समय पर नहीं दिया है।
आशीष

यूनिवर्सिटी को इस मुद्दे पर विचार करना चाहिए। इस तरह से स्टूडेंट्स के पैसों की बर्बादी करना ठीक बात नहीं है।
अर्जुन

कई बार पहले भी ऐसा हो चुका है, पैसा हमारा जाता है और समय भी बर्बाद होता है। किसी को भी इसकी चिंता नहीं है।
अंकुर

Posted By: Inextlive