उत्तराखंड में तैनात पीसीएस अधिकारी के घर छापा

Updated Date: Fri, 06 Mar 2020 05:45 AM (IST)

देहरादून कोर्ट से सर्च वारंट लेकर विजिलेंस की टीम पहुंची मोदीपुरम

वसूली के आरोप में देहरादून जेल में बंद है आरोपी अधिकारी

Meerut। उत्तराखंड के देहरादून में तैनात राज्य कर अधिकारी अनिल कुमार के मोदीपुरम की शिवनगर कालोनी में स्थित घर पर देहरादून की विजिलेंस टीम ने छापेमारी की। वर्तमान में अनिल कुमार देहरादून जेल में बंद हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने हरियाणा के हिसार निवासी कारोबारी से 29 हजार 500 रुपये की अवैध वसूली की थी।

विजिलेंस टीम ने मारा छापा

दरअसल, गुरुवार को देहरादून की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट से सर्च वारंट लेकर विजिलेंस की टीम यहां पहुंची। विजिलेंस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर प्रदीप पंत कर रहे थे, जिनके साथ एक महिला दारोगा समेत चार अन्य कर्मचारी थे। टीम ने सबसे पहले पल्लवपुरम थाने में आमद दर्ज कराई। उसके बाद थाना पुलिस को साथ लेकर शिवनगर में अनिल कुमार के घर छापा मारा। घर पर अधिकारी की पत्नी, बच्चों समेत रिश्तेदार थे। करीब चार घंटे में टीम ने मकान के कागज से लेकर कार, बाइक, स्कूटी, एलआइसी, बैंक पासबुक और अन्य कागजों की पड़ताल कर लिस्ट तैयार की और परिजनों के हस्ताक्षर कराए।

यह है मामला

आरोप है कि 16 फरवरी की रात अनिल कुमार ने हरियाणा के हिसार से माल लेकर देहरादून आ रहे ट्रक ड्राइवर की जेब से जबरन 9500 रुपये निकाले थे। अनिल कुमार ने हिसार के व्यापारी से 20 हजार रुपये अपने साथी व केस में सह-आरोपी अजय मलिक के खाते में डलवाए और वाहन को छोड़ दिया। गाड़ी में लोड माल देहरादून के कारोबारी अनिल माटा के कारखाने में जा रहा था। पीडि़त व्यापारी ने प्रकरण की शिकायत सीएम पोर्टल पर दर्ज कराई थी। अनिल कुमार को निलंबित कर जांच की गई तो आरोप सही पाए गए। केस दर्ज कर आरोपी अनिल कुमार को मेरठ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

अधिकारी बनने तक का सफर

अनिल कुमार की सेना से सेवानिवृत्त होने के कुछ महीनों बाद ही प्राइमरी स्कूल में शिक्षक के पद पर नौकरी लग गई। करीब दो वर्ष की नौकरी के दौरान ही उन्होंने उत्तराखंड पीसीएस की परीक्षा पास कर ली। वर्तमान में अनिल कुमार देहरादून में राज्य कर अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनकी तैनाती मोबाइल दस्ते में थी।

आरोपी पीसीएस अधिकारी अनिल कुमार भ्रष्टाचार के आरोप में दो दिन पूर्व ही देहरादून जेल में बंद हुए थे। कोर्ट के सर्च वारंट के साथ मकान की तलाशी ली और परिजनों के बयान दर्ज किए।

प्रदीप पंत, इंस्पेक्टर विजिलेंस टीम, देहरादून

Posted By: Inextlive
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