यूपी में अब शासन द्वारा हर जिले के बेसिक स्कूलों के शिक्षक जल्द ही बायोमैट्रिक मशीनों पर हाजिरी लगाएंगे। इसके लिए प्रत्येक स्कूल को दो टैबलेट दिए जाएंगे। प्रत्येक ब्लाक रिसोर्स सेंटर यानि बीआरसी पर तकनीकी सुविधा केंद्र विकसित किया जाएगा। एक केंद्र पर करीब 2।40 लाख का खर्च किया जाएगा। हाजिरी के जरिए पता लग पाएगा कि शिक्षक कितना स्कूल आते हैं कितने समय तक स्कूल में रहते हैं।


मेरठ (ब्यूरो)। शासन स्तर से इसको लेकर सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को लेटर भेजा गया है। मेरठ में 1400 बेसिक शिक्षा के स्कूल हैं। इनमें करीब 900 जूनियर विद्यालय है। प्रत्येक स्कूल में प्रधानाध्यापक समेत दो शिक्षकों को टैबलेट मिलने की योजना है। सभी एकेडमी रिसोर्स पर्सन को भी टैबलेट दिया जाएगा। टैब के माध्यम से उपस्थिति के साथ अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का भी ऑनलाइन ब्योरा तैयार किया जाएगा। परीक्षाओं के अंक भी ऑनलाइन अपडेट किए जाएंगे।

बायोमैट्रिक हाजिरी भी शुरू
इस सत्र से परिषदीय स्कूलों में प्रत्येक तिमाही पर परीक्षा होगी। ऐसे में ऑनलाइन अंक अपडेट होने से अंतिम परिणाम तैयार करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। विभाग में अधिकांश गतिविधियां प्रेरणा एप के माध्यम से संचालित हो रही हैं। कोरोना काल के बाद ऑनलाइन पढ़ाई का भी चलन बढ़ा है। इसी के अंतर्गत शासन से शिक्षकों को टैब की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। लेकिन इसके साथ ही पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बायोमैट्रिक हाजिरी भी शुरू की जा रही है। बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया इस संबंध में अभी बजट का पैसा कब-कैसे आएगा और प्रक्रिया कब शुरू होगी, इसकी कोई सूचना अभी नहीं आई है।

Posted By: Inextlive