बीएचयू ने राष्ट्रपति तो काशी विद्यापीठ व यूपी कालेज ने दिया पीएम महेंद्र पांडेय मनोज सिन्हा राजेश मिश्रा समेत कई नेता छात्रसंघ से निकल कर पहुंचे गए संसद में


वाराणसी (ब्यूरो)आईएएस, पीपीएस, आईटी, मैनेजमेंट, साइंस, वकालत ही नहीं, राजनीति में भी मालवीय की बगिया बीएचयू के फूल ने खूब गुल खिलाया है। भारतीय राजनीति में आज इन फूलों की खूशबू से पूरा देश महक रहा है। देश के संवैधानिक पदों से लेकर सांसद, विधायक, एमएलसी और मेयर बनाकर वाराणसी से लेकर दिल्ली तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। फिलहाल राजनीति की 'नर्सरीÓ (छात्रसंघ) दो दशक से मृतप्राय है, लेकिन राजनीति के सितारों का जलवा बरकरार है। बीएचयू ने लगभग दस सांसद, डेढ़ दर्जन से अधिक विधायक व एमएलसी के साथ ही लोहिया, अशोक सिंहल और गोविंदाचार्य जैसी चर्चित हस्तियों को तैयार किया है.

बुद्धिमता से शासन को मजबूत किया

बीएचयू के छात्र राजनीति से निकलकर सांसद बनने वालों में डॉ। बलिराम (लालगंज), महेंद्र नाथ पांडेय (चंदौली), डॉ। राजेश मिश्र (वाराणसी), वीरेंद्र सिंह मस्त (बलिया), लालमुनि चौबे (बक्सर बिहार), मनोज सिन्हा (गाजीपुर), हरिकेश बहादुर सिंह (महाराजगंज), विजय गोयल, मनोज तिवारी (दिल्ली), भरत सिंह (बलिया), कैलाश नाथ सिंह यादव (चंदौली) आदि सांसद बने हैं। बीएचयू से उच्च शिक्षा की खुराक लेकर निकले नेताओं की पौध ने राजनीति को एक मुकाम प्रदान किया। उन्होंने न केवल अपनी नेतृत्व क्षमता बल्कि बुद्धिमता से शासन को मजबूत किया है.

विधायक बनने वालों की लंबी फेहरिस्त

सांसद की तरह विधायक बनने वालों की सूची में शामिल ओमप्रकाश सिंह (गाजीपुर, दिलदारनगर), बरखूराम वर्मा (विधानसभा अध्यक्ष), बलिया के विधायक इकबाल सिंह, चकिया के सत्यप्रकाश सोनकर, मंत्री शाकिर अली, यशवंत सिंह (चिरैयाकोट), महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री चंद्रकांत त्रिपाठी, कैलाश टंडन, यदुनाथ सिंह (राजगढ़), सुरजीत सिंह डंग (मीरजापुर), शतरूद्र प्रकाश, ओमप्रकाश सिंह चुनार, ज्योत्सना श्रीवास्तव, पूर्व मंत्री कैलाश यादव, मोहन प्रकाश (राजस्थान) कई विधायक भी बीएचयू से पढ़े हैं। एमएलसी रह चुकी वीणा पांडेय उनके पति प्रो। आद्या प्रसाद पांडेय, केदारनाथ सिंह, मणिशंकर पांडेय, शिवकुमार सिंह, दुर्ग सिंह चौहान, जेपीएस राठौर, देवानंद सिंह, पूर्व महापौर कौशलेंद्र सिंह आदि ने भी छात्र राजनीति बीएचयू में ही की है। सूबे के पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने भी बनारस में ही राजनीति की शुरूआत की थी। अनिल चंचल, सुबेदार सिंह, स्व। अनिल कुमार मिश्र उर्फ झुन्ना, अनिल श्रीवास्तव, मोहन प्रकाश, आदि ने भी बीएचयू में अपनी राजनीति पारी खेली थी।

काशी विद्यापीठ व यूपी कालेज ने पीएम दिया

बीएचयू ने राष्ट्रपति तो काशी विद्यापीठ व यूपी कालेज ने पीएम दिया

बीएचयू, काशी विद्यापीठ और यूपी कालेज से अनेक मंत्री, सांसद, विधायक ही नहीं, बल्कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी दिया है। बीएचयू के कुलपति रहे भारत रत्न सर्वपल्ली राधाकृष्णन को जवाहर लाल नेहरू राजनीति में लाए। इसके बाद उन्होंने उपराष्ट्रपति व राष्ट्रपति तक का सफर पूरा किया। कृष्णकांत भी उपराष्ट्रपति बने थे। इसी तरह काशी विद्यापीठ से स्नातक लाल बहादुर शास्त्री और यूपी कालेज के विद्यार्थी विश्वनाथ प्रताप सिंह देश के प्रधानमंत्री बन चुके हैं। बीएचयू के स्टूडेुंट वीपी कोइराला नेपाल के प्रधानमंत्री बने थे। इसी यूनिवर्सिटी के बाबू जगजीवन राम देश के उप प्रधानमंत्री बने थे.

सर्व विद्या की राजधानी से सीएम भी निकले

स्वच्छ राजनीति के लिए पहचाने जाने वाले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री रामकृष्ण हेगड़े सहित बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री भी सर्व विद्या की राजधानी से ही पढ़े-लिखे थे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के शैक्षणिक सफर का भी एक पड़ाव यही यूनिवर्सिटी रहा है। एशिया के सबसे बड़े विवि बीएचयू की राजनीतिक उर्वरा शक्ति काफी प्रचुर साबित हुई है। काशी विद्यापीठ के बाबू सम्पूर्णनंद, टीएन सिंह, पंडित कमलापति त्रिपाठी उत्तर प्रदेश के सीएम बने थे। इसी तरह बीएचयू से निकले शरद चंद सिन्हा असम और जेबी पटनायक ओडिया के सीएम हुए थे.

Posted By: Inextlive