आईआईटी को छोड़कर बीएचयू के हर फैकल्टी में पढ़ाई बाधित धरना-प्रदर्शन राजनीति व मार्च में बीत रहा समय


वाराणसी (ब्यूरो)आईआईटी-बीएचयू में बीटेक सेकेंड ईयर की छात्रा के साथ छेड़खानी की घटना के विरोध में छात्रों ने बड़ा प्रोटेस्ट किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईआईटी प्रशासन की ओर से छात्रों की सभी मांगों को माने जाने के बाद प्रोटेस्ट तो समाप्त हो गया, लेकिन जब बात आईआईटी और बीएचयू के बीच दीवार उठाने की आई तो बीएचयू कैंपस के छात्रों में उबाल आ गया। महामना की बगिया के दो टुकड़े न हो, इसके विरोध में कैंपस में पिछले पांच दिनों से छात्र धरना और प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें बीएचयू कैंपस के हजारों छात्र-छात्राएं शामिल हैं। अब सवाल उठता है कि इस कैंपस के छात्रों के इस प्रोटेस्ट में नुकसान किसका हो रहा है, तो जवाब है स्टूडेंट्स का.

क्लास का बहिष्कार

कायदे से देखा जाए तो यह मुद्दा आईआईटी-बीएचयू का है। वहां प्रोटेस्ट के दूसरे दिन से ही सामान्य रूप से पढ़ाई चल रही है, जबकि बीएचयू के स्टूडेंट्स पिछले पांच दिनों से छात्र क्लास नहीं कर पा रहे हैं। विरोध प्रदर्शन में छात्रों को जुटाने के लिए दो दिन पहले छात्र संगठनों की ओर से जो क्लासेस चल रहे थे, उसका भी बहिष्कार कराया गया था। हालांकि बीएचयू के प्रोफेसर्स का कहना है कि सभी फैकल्टी मेंं क्लासेस चल रहे हैं। लेकिन, छात्र क्लास छोड़कर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। सोमवार को बीएचयू के काशी विश्वनाथ मंदिर से निकले प्रतिकार मार्च में भी तीन हजार से ज्यादा छात्र शामिल हुए।

जब बात किसी बीएचयू को बचाने की हो तो

पिछले माह ही यहां एडमिशन प्रॉसेस पूरी होने के बाद क्लासेस शुरू किए गए हैं। कुछ ही दिनों बाद आईआईटी-बीएचयू और बीएचयू के इस विवाद ने ऐसा डिस्टर्बेंस बढ़ाया है, कक्षाएं प्रभावित होने लगी। फेस्टिव सीजन भी शुरू हो गया है। दिवाली और छठ की छुट्टियों में भी क्लासेस नहंी होंगी। इससे छात्रों का बड़ा नुकसान हो रहा है। हालांकि इस मसले पर बीएचयू के प्रोफेसर्स का कहना है कि महामना की बगिया बीएचयू में पढऩे और पढ़ाने वालों के हृदय में है। इससे खिलवाड़ तो कभी भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दें कि कि छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन में बीएचयू के कई प्रोफेसर बैक से तो कुछ फ्रंट पर आकर छात्रों का पूर्ण रूप से समर्थन कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं छात्र

विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों का दल सोशल मीडिया पर भी एक्टिव है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और वाट्सएप ग्रुप पर छात्रा सक्रिय हंै। बीएचयू के सपोर्ट में ज्यादा से वर्तमान व पूर्व छात्र और अन्य लोग आएं, इसके लिए बकायदा हैश टैग हम बीएचयू के लोग के स्लोगन लिखकर इसे ट्रेंड कराने का प्रचार कर रहे हैं। हालांकि इनके इस टैग को सिर्फ बनारस ही नहीं पूरे देश और दुनिया भर में बैठे बीएचयू के लोगों का सपोर्ट मिल भी रहा है.

क्लासेस चल रहे हैं। जो विरोध में शामिल हैं, वे क्लास नहीं कर रहे हैं। हालांकि विरोध का जो संवैधानिक सिस्टम है छात्र उसे अपनाएं। क्लास करते हुए भी विरोध किया जा सकता है। बीएचयू के स्टूडेंट्स हैं तो जाहिर सी बात है कि अगर इस पर कोई आंच आएगी तो वे पीछे कैसे होंगे। महामना की यह बगिया हम सभी का है। हमारा कर्तव्य बनता है कि हम इसकी सुरक्षा करें.

प्रोज्ञानेश्वर चौबे, बीएचयू

Posted By: Inextlive