विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पर्यावरण एवं संपोष्य विकास संस्थान को देश के उच्च शिक्षा के संस्थानों में 'सतत' रुपरेखा के क्रियान्वयन में समन्वय के लिए नोडल सेंटर बनाया है. संस्थान के प्रो. ए.एस. रघुवंशी इस नोडल सेन्टर के समन्वयक नामित किये गए हैं.

वाराणसी (ब्यूरो)। यूजीसी ने नवम्बर 2019 में उच्चतर शिक्षण संस्थान परिसरों में पर्यावरण अनुकूल सतत विकास की रूपरेखा जारी की थी।

जानकारी तैयार करना एवं प्रसार लक्ष्य
इस रूपरेखा का उद्देश्य उच्च शिक्षा के संस्थानों में परिसरों के दैनिक प्रबंधन में सतत विकास के मानकों को शामिल करना है। साथ ही साथ उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा सतत विकास के भारत के लक्ष्यों के सम्बन्ध में जानकारी तैयार करना एवं उसका प्रसार करना भी सतत रुपरेखा के लक्ष्यों में शामिल है। नोडल सेन्टर के रूप में पर्यावरण एवं संपोष्य विकास संस्थान 'सतत' के लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण तकनीकों की पहचान करेगा। साथ ही इस सम्बन्ध में प्रशिक्षण सत्र, मार्गदर्शिकाएं व रिपोर्ट तैयार करेगा। इसके अलावा इस बारे में आवश्यक संसाधनों को प्रदर्शित व साझा करने के लिए वेबसाइट भी संचालित करेगा।

प्रो। विजय को उर्दू अकादमी पुरस्कार
कला संकाय, बीएचयू के प्रमुख एवं हिन्दी के प्रख्यात विद्वान प्रो। विजय बहादुर सिंह को उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी पुरस्कार 2020 के लिए चुना गया है। उन्हें अकादमी के प्रतिष्ठित 'डॉ। सुगरा मेहंदी कौमी यकजहती सम्मान 2020' के तहत एक लाख रुपये, एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।

Posted By: Inextlive