पहले दिन दो मरीजों की डायलिसिस स्टाफ की कमी के चलते दो महीने तक बंद रहा विभाग


वाराणसी (ब्यूरो)डायलिसिस पेशेंट्स के लिए राहत भरी खबर है। कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में एक बार फिर डायलिसिस की सुविधा मंगलवार से शुरू हो गई। पहले दिन 2 पेशेंट्स ने एक रुपए की पर्ची कटवाकर डायलिसिस कराई। डायलिसिस डिपार्टंमेंट में टेक्निशियन की नियुक्ति न होने से 31 दिसंबर 2023 से डायलिसिस की सुविधा बंद थी। मरीज आते भी तो विभाग के बाहर ताला लटका देखकर चले जाते थे। मजबूरी में प्राइवेट सेंटरों में जाकर डायलिसिस करवानी पड़ती था.

विभाग में तीन मशीन

कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल के प्रभारी डॉ। एसपी सिंह ने बताया कि पेशेंट्स की सुविधा के लिए डायलिसिस डिपार्टमेंट में तीन मशीन हैं। एक बार में तीन मरीजों की डायलिसिस हो सकती है।

दो टेक्निशियन बुलाए गए

डॉ। एसपी सिंह ने बताया, मरीजों की संख्या को देखते हुए डायलिसिस विभाग में तीन बेड हैं। इससे एक बार में तीन मरीज डायलिसिस आराम से करवा सकते हैं। इसके दो टेक्निशियन हैं। इनमें टेक्निशियन धीरज कुमार और नृपेंन्द्र त्रिपाठी को नियुक्त किया गया है।

रिपोर्ट की मानिटरिंग

डायलिसिस रिपोर्ट की मॉनिटरिंग डॉ। आरएन सिंह करेंगे। इसके लिए उनको नियुक्त किया गया है। डॉ। आरएन सिंह ने बताया, डायलिसिस की सुविधा बंद होने से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था। प्राइवेट अस्पताल एक-एक डायलिसिस का 4 से 5 हजार रुपए लेते है। कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में फिर से डायलिसिस शुरू होने से अब मरीजों को दिक्कत न होगी.

प्रियारिटी के तौर पर मरीज

प्रतिदिन विभाग में तीन मशीन से 10 मरीजों की डालिसिस करने की सुविधा है। इसके बाद अगर मरीजों की संख्या बढ़ती है तो उन्हें दूसरे दिन बुलाकर उनकी डायलिसिस की जाएगी। इसके लिए हर मरीज को एक रुपए का पर्चा काउंटर से कटवाना पड़ेगा या फिर ऑनलाइन पर्चा बनवाकर लेकर आना पड़ेगा। अगर मरीजों की संख्या बढ़ी तो बेड की संख्या बढ़ायी जाएगी।

स्टाफ की कमी के चलते डायलिसिस की सुविधा बीच में प्रभावित हुई थी। लेकिन अब दो टेक्निशियन रखे गए हैं। मरीजों की डायलसिसि शुरू है। प्रतिदिन ओपीडी के समय मरीजों की डायलिसिस की जाएगी.

डॉ। एसपी सिंह, प्रभारी, कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल

Posted By: Inextlive