-काशी विद्यापीठ के कई डिप्लोमा कोर्स में शत प्रतिशत प्लेसमेंट

-एमएसडब्ल्यू व बीए एलएलबी में एडमिशन के लिए हर साल होती है मारामारी

-एडमिशन के लिए हर साल दोगुने से अधिक आते हैं आवेदन फॉर्म

बिना प्रोफेशनल कोर्स के भी नौकरी मिल सकती है। ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स को जहां जॉब नहीं मिल पा रही है, वहीं डिप्लोमा कोर्स करने वालों को तो नौकरी मिलने की उम्मीद ही नहीं होनी चाहिए, पर ऐसा नहीं है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में कई डिप्लोमा कोर्स हैं जिनमें आसानी से जॉब मिल जाते हैं। इनमें मनोविज्ञान डिपार्टमेंट के अंतर्गत एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा इन साइकोथिरेपी काउंस¨लग एंड गाइडेंस नामक कोर्स संचालित होता है। इस डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन लेने वालों को 100 परसेंट तक जॉब मिल जाता है। इसी प्रकार अन्य कोर्स भी हैं।

कोर्स करो नौकरी पाओ

यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन के अलावा विभिन्न डिपार्टमेंट में डिप्लोमा व पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स संचालित होते हैं, जिनकी बहुत डिमांड है। इनमें डिप्लोमा इन साइकोथिरेपी काउंस¨लग एंड गाइडेंस, पीजी डिप्लोमा इन एचआरडी, नाट्य डिप्लोमा, रसियन डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योग, पीजी डिप्लोमा इन एनजीओ मैनेजमेंट, पीजी डिप्लोमा इन नेचुरल डिजास्टर मैनेजमेंट, पीजी डिप्लोमा इन ग्राउंड वाटर रिर्सोस मैनेजमेंट, दो वर्षीय डिप्लोमा कन्नड़, पीजी डिप्लोमा इन फैशन डिजाइन, सर्टिफिकेट कोर्स इन योगा फॉर वेलनेश प्रमुख हैं। इन कोर्सेस में 50 से 100 परसेंट तक प्लेसमेंट हो रहा है।

सोशल वर्क में एडमिशन को मारामारी

काशी विद्यापीठ में डिप्लोमा कोर्सेस के अलावा कई ऐसे कोर्स हैं जिनमें जॉब मिलना मुश्किल नहीं होता। इनमें एमएसडब्ल्यू (मास्टर ऑफ सोशल वर्क) कोर्स सबसे ऊपर है। देश में सर्वप्रथम काशी विद्यापीठ में ही सोशल वर्क डिपार्टमेंट की स्थापना हुई थी। पीजी लेवल के इस कोर्स में एडमिशन लिए बहुत मारामारी होती है। एमएसडब्ल्यू के अलावा यूनिवर्सिटी में स्नातक व स्नातकोत्तर लेवल के कई कोर्स हैं जिनमें प्लेसमेंट आसान हैं। उनमें बीए एलएलबी, एमबीए सहित अन्य कोर्स हैं। कई डिप्लोमा कोर्स भी संचालित हो रहे हैं। जिनमें भी जॉब की आपार संभावनाएं हैं। पीजी डिप्लोमा इन साइकोथिरेपी काउंसि¨लग एंड गाइडेंस में एडमिशन के लिए मनोविज्ञान या समाजकार्य में 50 परसेंट मा‌र्क्स के साथ स्नातकोत्तर की डिग्री अनिवार्य है। स्ववित्तपोषित इस पाठ्यक्रम में 60 सीटें निर्धारित हैं। खास बात यह कि कोविड काल में भी इस कोर्स के 20 छात्रों को जाब मिला है।

इन कोर्स में हैं ऑप्शन

-पीजी डिप्लोमा इन साइकोथिरेपी काउंसि¨लग एंड गाइडेंस (मनोविज्ञान या समाजकार्य में 50 फीसद अंक के साथ पीजी)

-पीजी डिप्लोमा इन एचआरडी (स्नातक)

-नाट्य डिप्लोमा (इंटर पास)

-संगीत गायन (इंटर पास)

-रसियन सर्टिफिकेट (अंग्रेजी के साथ बीए)

-रसियन डिप्लोमा (रसियन सर्टिफिकेट)

-सर्टिफिकेट कोर्स इन योगा फार वेलनेश (इंटर पास)

-डिप्लोमा इन कर्मकांड (इंटर पास)

-पीजी डिप्लोमा इन नेचुरल डिजास्टर मैनेजमेंट (गणित के साथ इंटर या विज्ञान के साथ स्नातक)

-पीजी डिप्लोमा इन ग्राउंड वाटर रिर्सोस मैनेजमेंट (गणित के साथ इंटर या विज्ञान के साथ स्नातक)

-कन्नड़ (इंटर पास)

-पीजी डिप्लोमा इन फैशन डिजाइन (स्नातक 45 परसेंट के साथ)

वर्जन----

यूनिवर्सिटी में कई ऐसे कोर्स हैं जिनमें स्टूडेंट्स को आसानी से जॉब मिल जाता है। इनमें प्लेसमेंट की बहुत संभावना है। स्टूडेंट्स को कोर्स पूरा करते ही जॉब मिल जाता है।

प्रो। आनंद कुमार त्यागी, वीसी

Posted By: Inextlive