लोकसभा चुनाव में घर बैठे वोट कर सकेंगे लिस्ट की गई तैयार आयोग की तरफ से ट्रांसपोर्टेशन और पोस्टल बैलेट की व्यवस्था


वाराणसी (ब्यूरो)मतदान सभी का अधिकार है। हर चुनाव में वोट प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य होता है, लेकिन अधिक उम्र के कारण बुजुर्ग और अशक्त होने के कारण दिव्यांग मतदाता वोट नहीं दे पाते हैं। इसको देखते हुए इस बार लोकसभा चुनाव में 80 साल से अधिक उम्र और दिव्यांग मतदाताओं को घर से ही वोट करने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए प्रशासन की ओर से ऐसे मतदाताओं की सूची तैयार की गई है। इनसे पूछा जाएगा कि वह घर से मतदान करना पसंद करेंगे या फिर बूथ पर जाकर। घर से वोट करने वाले मतदाताओं को बैलेट पेपर के जरिए मतदान करना होगा और बूथ पर आने वालों को वाहन उपलब्ध कराया जाएगा.

3 लोकसभा, आठ विधानसभा क्षेत्र

वाराणसी में मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद आठ विधानसभा क्षेत्र में 30,78,427 मतदाता हैं। इनमें 41,373 मतदाता 80 साल से अधिक उम्र के और 31,188 वोटर दिव्यांग हैं। साथ ही 100 वर्ष से ऊपर 170 वोटर सूची में हैं। सबसे ज्यादा 6878 बुजुर्ग मतदाता पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में हैं। बढ़ती उम्र के कारण ये मतदाता बूथ तक नहीं पहुंच पाते हैं। इसी तरह रोहनियां विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 4709 दिव्यांग को निर्वाचन आयोग ने सुविधा दी है। इन मतदाताओं से पूछा जाता है कि क्या वह घर से वोट डालेंगे। उनकी रजामंदी के बाद बीएलओ और निर्वाचन अधिकारी बैलेट पेपर से मतदान घर पर जाकर कराएंगे.

सभी विस में बनेगी अलग से सूची

इसके लिए सभी विधानसभा में अलग से सूची तैयारी की गई है। इन बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के फोन नंबर भी दर्ज किए गए हैं। मतदान प्रक्रिया के दौरान इन मतदाताओं से क्षेत्र के बीएलओ पता करेंगे कि वह घर से मतदान करेंगे या फिर पोलिंग बूथ पर। उसी अनुरूप इन मतदाताओं की सूची तैयार की जाएगी.

बैलेट पेपर से वोटिंग

बैलेट मतदान मुख्य मतदान से पहले शुरू हो जाता है। इस दौरान सरकारी कर्मचारी बैलेट के जरिए मतदान करते है। इस बीच बुजुर्गों के लिए भी दिन तय कर दिए जाते हैं। हर विधानसभा में तय मतदाता के अनुसार ही बीएलओ निर्धारित किए जाते हैं, जो प्रशासनिक और पुलिस टीम के साथ पहुंचकर पूरी प्रक्रिया के तहत मतदान कराते हैं। इस दौरान मतदाता को वोट इस तरीके से ही कराया जाता है जैसे कि वह मतदान केंद्र में करता है। उसकी मतदान पूरी तरह से गोपनीय रहता है.

रूरल में सबसे ज्यादा बुजुर्ग

विभागीय सूत्रों की मानें तो सबसे ज्यादा 80 साल से अधिक उम्र के मतदाता ग्रामीण इलाकों में रहते हैं। इनके बूथ काफी दूर हैं। इस कारण यहां बूथ तक नहीं पहुंचते। सबसे अधिक बुजुर्ग वाले वार्डों में उनकी सहूलियत के लिए इस बार स्पेशल बूथ बनाए जाएंगे। इससे यह बुजुर्ग वहां जाकर वोट कर सकेंगे। इसके अलावा कई पॉश कालोनियों में भी बुजुर्ग घर से नहीं निकलते और कई स्थानों पर घर में केवल बुजुर्ग ही रहते हैं। इन सभी बुजुर्गों को वोट करने का सुविधा घर पर ही उपलब्ध कराई जाएगी.

एक नजर में वोटर

विधानसभा क्षेत्र-वोटर - दिव्यांग - 80प्लस - 100प्लस

उत्तरी-4,30,914 - 4128 - 5343 - 25

दक्षिणी-3,11,170 - 3076 - 3939 - 11

कैंट-4,53,690 - 3291 - 6758 - 17

शिवपुर-3,81,030 - 4328 - 4286 - 5

रोहनियां-4,12,615 - 4709 - 5218 - 23

सेवापुरी-3,54,310 - 4094 - 4742 - 3

पिंडरा-3,72,343 - 3539 - 6878 - 67

अजगरा-3,62,355 - 4023 - 4209 - 19

कुल मतदाता : 30,78,427

पुरुष : 16,62,322

महिला : 14,15,931

अन्य : 174

निर्वाचन आयोग ने 80 साल उम्र से अधिक बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को यह सुविधा दी जाएगी। इन मतदाताओं से पूछा जाएगा कि क्या वह घर से वोट डालेंगे। उनकी रजामंदी के बाद बीएलओ और निर्वाचन अधिकारी बैलेट पेपर से मतदान घर पर जाकर कराएंगे.

विपिन कुमार, जिला उप निर्वाचन अधिकारी

यह भी पहल

अधिकारियों का कहना है, गांव में जाकर बुजुर्ग मतदाताओं को सम्मानित भी किया जाना है, ताकि वह युवाओं के लिए आइकन बन सकें। युवा मतदाता, फस्र्ट टाइम वोटर, हंड्रेड प्लस वोटर्स, सीनियर सिटीजन को जिले में मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए 1 जून 2024 को अनिवार्य मतदान लोकतंत्र के पर्व को देश के पर्व के रूप में, मतदाता दिवस के रूप में, वोट डालकर मनाना है और जिला में ज्यादा से ज्यादा मतदान को बढ़ाना है.

Posted By: Inextlive